“आप मुँहासे से छुटकारा कैसे प्राप्त करते हैं _प्रभावी मुँहासे उपचार”

तैलीय त्वचा आजकल की धूल धक्कड़ भरी दुनिया में बहुत ही आम समस्या हो गयी है। त्वचा की बाहरी परत पर अतिरिक्त तेल इकट्ठा होने से अक्सर व्हाइटहेड्स और ब्लैकहैड्स, छोटे छोटे दाने और अन्य त्वचा समस्याएं हो जाती हैं। 

तला हुआ खाना न खाएँ: बहुत ज़्यादा चिकना तला हुआ खाना आपके शरीर को बलगम तोड़ने में दिक्कत देता है जिससे आपका बलगम को सहने का समय बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए कुछ भी तला हुआ या बहुत सारे तेल में बना हुआ न खाएँ।

कई व्यक्तियों को देखे तो चेहरा पूरा पिम्पल्स और एक्ने से भरा हुआ होता है| उनको ख़ास सावधानी रखनी चाहिए की पिम्पल्स को ऊँगली या नाखून से न दबाये और न ही छेड़े| सवेरे और रात को ऊपर बताए गए नुस्खे, और ख़ास कर के भाप का प्रयोग करे|

वैकल्पिक रूप से, एक चम्मच मेथी के बीज को पीसें और उसका पाउडर बनाएं और एक पेस्ट बनाने के लिए थोड़ा सा गर्म पानी मिलाएं। प्रभावित क्षेत्र पर इस पेस्ट को लगाएं। 20 मिनट या रात भर लगाकर छोड़ दें और फिर धो लें, यह सप्ताह में दो या तीन बार कर सकते हैं।

अधिक तरलदार और कम वसा वाला पौष्टिक भोजन भी सेल्युलाइट को कम करने में मदद कर सकता है। प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ सेल्युलाइट की मात्रा को घटाते हैं। नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करने से फैट जलता है और सेल्‍युलाइट में कमी आती है। इसके अलावा एक अच्छी मात्रा में पानी पीने और एक्‍सरसाइज के दौरान पसीना आने से शरीर के विषाक्‍त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

चेहरे को रोज़ एक्सफोलिएट करें: मृत त्वचा को निकालकर अच्छी नयी त्वचा पाने के लिए, चेहरे को रगड़कर साफ़ करें | मुँहासे चेहरे के ऊपरी परत को ही नुकसान पहुँचाते हैं, इसलिए रगड़ने से इनके धब्बे कम हो जाते हैं | संवेदनशील त्वचाओं के लिए बनी हुई फ़ेशियल स्क्रब से आप अपने चेहरे को रगड़ सकते हैं |

    नीम बहुत से त्वचा सम्बन्धी बिमारिओं के बहुत से औषधीय गुण होने के कारण नीम का पत्ता बहुत ही गुणकारी माना जाता है, यह दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) को बहुत आसानी से दूर करता है नीम के पत्तों में बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण मौजूद होते है जो मुंहासे,दाना, छाले, खाज-खुजली, एक्जिमा के अलावा सभी प्रकार के त्वचा सम्बन्धी रोग को दूर करने में मदद करता है। नीम के पत्तों का एक अच्छा सा पेस्ट तैयार कर लें, फिर उस पेस्ट को अपने चेहरे पर अच्छी तरह से लेप लगा लें। सूखने के पश्चात अपने चेहरे को अच्छी तरह से धो ले, लगातार 4-5 दिन ऐसा करने से आपको असर दिखना शुरू हो जायेगा।

चेहरे के किसी भी दाग धब्बे और अन्य किसी भी तरह के निशान को आसानी से घरेलू नुस्खों की मदद से ठीक किया जा सकता है, पर ये उपचार तभी प्रभाव दिखाते हैं जब इन्हें जल्दी शुरू किया जाए। अतः अगर आपके चेहरे पर हाल में ही मुहांसे के निशान आए हैं तो इसके सूखने के साथ ही ऊपर बतायी गयी घरेलू विधियों में से किसी एक का इस्तेमाल शुरू कर दें। इससे यह बात सुनिश्चित होगी कि आपको 1 हफ्ते के अंदर ही मुहांसों के दाग से छुटकारा प्राप्त हो जाएगा।

किशोरावस्था एक ऐसी अवस्था है जिसमे शरीर का विकास (growth) पूरी तरह से होने लग जाता है जिससे शरीर के हारमोंस मे बदलाव आते रहते है इसी वजह से चेहरे पर कील, मुहांसे, दाने जैसी समस्या शुरु होने लग जाती है. तथा फुंसी और मुहासों का एक कारण skin पर मौजूद तैलीय परत को भी माना जाता है .जिससे रुखी त्वचा की ऊपर आने की प्रकिया रुक जाती है और पिम्प्लेस हो जाते है

मुंह के छालों की समस्या जितनी सामान्य हैं उतनी ही बुरी भी। एक बार यह समस्या हो जाती हैं तो भोजन करना भी दूबर हो जाता हैं। यह समस्या कई कारणों से हो सकती हैं, जिसमें से मुख्य तीखा खाना या अपच होना हो सकता हैं। सामान्यत: छाले 5-7 दिन में ठीक हो जाते हैं। लेकिन इनको जल्दी समाप्त करने के लिए कुछ उपाय करने की आवश्यकता होती हैं। तो आइये जानते हैं उन उपायों के बारे में जिनकी सहायता से मुंह के छालों से निजात पायी जा सकें।

अधिकांश किशोरों के लिए, मुँहासे यौवन के दौरान अस्थिर हार्मोन के स्तर के वजह से होते हैं वसामय ग्रंथियों (सेबेसियस ग्लैंड्स) को ज़्यादा काम करने के लिए उत्तेजित करते हैं। यह अतिरिक्त त्वग्वसा (सीबम), त्वचा की सबसे बाहरी परत के मृत कोशिकाओं और छिद्र को रोकने वाले बैक्टीरिया के साथ जुड़ती हैं और मुँहासे पैदा करती हैं। यह चिकनी(ऑयली) त्वचा के परिणाम स्वरुप भी हो सकती हैं। दानों के खुजाने या फोड़ने से और चेहरे पर कुछ कृत्रिम सामग्री जिसके बारे में आपको ज्यादा नहीं पता हो का उपयोग करने से आप समस्या को बढ़ा देते हैं। बल्कि, आपकी त्वचा को स्वस्थ और मुँहासों से मुक्त रखने के लिए सरल हर्बल उपचारों का उपयोग करें।

टमाटर अम्लीय (एसिडिक) होते है और दानों पर उनकी लुगदी लगाने से त्वचा शुष्क होती है और इस वजह से त्वचा के छिद्र कस जाते हैं। इसका मतलब है कि छिद्र में से कम तेल निकलने की और मुँहासे न पैदा करने की सम्भावना होती है। टमाटर एंटीऑक्सीडेंट में समृद्ध है, और त्वचा पर लगाने से सूजन और त्वचा की क्षति को कम करता है।

Gulab jal me barabar matra me nimbu ka ras milakar mishran tayaar kar lijiye or us mishran ko chehre par karib aadhe ghante tak laga kar rakhe fir taje pani se chehra dho le, is pryog ko chehre par karib 15 din tak kare , jisse apke chehre ke muhase thik ho jayenge.

विटामिन-डी से भरपूर आहार लें: विटामिन-डी आपके मुंह में बैक्टीरिया होने से रोकता है। विटामिन-डी का सेवन हम अपने आरक्षित आहार और पेय के रूप में कर सकते हैं, विटामिन-डी आम तौर पर और अधिक प्रभावशाली रूप में सूरज की रोशनी से मिलता है।

इन उपायों को जब आप अपनाते है तो अपना धैर्य बनाये रखे क्योंकि आयुर्वेदिक तरीके अपना असर धीरे – धीरे करते है. अगर आप लगातार यह करते रहोगे तो आपको भी दाग – धब्बो से छुटकारा मिल जायेगा और चेहरे में निखार आने लगेगा.

अगर आप चेहरे पर फुंसी और मुहांसे (Pimples) से परेशान है तो आगे इस पोस्ट में बताये  उपायों को अपनाकर आप इनसे छुटकारा पा सकते है लोगो के तरह तरह के उपायों के बाद भी चेहरे पर Pimples यानि मुहासे हो जाते है और यह समस्या आम तोर पर किशोरावस्था (Teenage) मे बहुत अधिक देखी जाती है वैसे तो ये  ज्यादा दिन तक चेहरे पर नही रहते पर ये  खत्म होते हुए चेहरे पर बहुत ही गहरे निशान छोड़ जाते है जो चेहरे की सुन्दरता को पूरी तरह से खराब कर देते है और महंगे विदेसी प्रोडक्ट व लोशन लगाने से भी नही जाते.

आप बेकिंग सोडा के दो बड़े चम्मच, एक चम्मच दालचीनी पाउडर, आधे नींबू का रस और पांच चम्मच शहद को एक साथ मिलाएं। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और पांच मिनट के बाद धो लें। आप अपनी त्वचा पर सप्ताह में एक या दो बार बेकिंग सोडा का प्रयोग करें।

जब भी आप अपने डेस्क तथा कंप्यूटर पर लम्बे समय तक बैठते हैं तो बीच-बीच में खड़े हों और एक ब्रिस्क (brisk walk) लें। यहाँ तक कि अपनी डेस्क पर ही कूल्हों या पैरों की कसरत करें जिससे खून के प्रवाह में मदद मिलेगी।

जैतून का तेल(Extra virgin olive oil) पौष्टिक गुणों के साथ भरपूर है। यह उचित ब्लड सर्कुलेशन को बनाए रखता है और त्वचा में सुधार करता है। आप कुछ समय के लिए जैतून के तेल के साथ अपने प्रभावित क्षेत्रों पर मालिश कर सकते हैं। इसे दैनिक रूप से उपयोग करें। 

दालचीनी एक आम मसाला और स्वाद बढ़ाने वाला एजेंट है लेकिन इसके तेल में माइक्रोबियल विरोधी गुण होते हैं। शहद में पानी का असर बहुत कम होती है इसका मतलब है कि इसमें नमी ज्यादा नहीं होती जो सूक्ष्म जीवाणुओं के विकास को बढ़ावा देती है। यह ध्यान में रखते हुए कि मुँहासों का पैदा होना, त्वचा के छिद्र के भीतर होने वाले संक्रमण से होता है, शहद के साथ दालचीनी का संयोजन एक कारगर उपाय है।

अगर आप को जल्दी चेहरे पर से कील मुहांसों से छुटकारा पाना है तो आप रोज कुच्छ दिनो तक सफेद प्याज का रस में एक चमच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएँ चेहरा सूखने पर धोकर साफ टॉवेल से साफ करके स्टीम लें जल्दी ही आप के कील और मुहाँसे सॉफ हो जाएँगे

आज के समय में बहुत से लड़के – लड़कियां एक बात से बहुत परेशान होते है और वह है चेहरे पर कील – मुंहासो का होना. किसी के भी चेहरे पर दाग – धब्बे अच्छे नहीं लगते और इससे एक खुबसूरत चेहरा भी बदसूरत नजर आने लग जाता है.

कैमोमाइल फूलों का एक बड़ा चमचा भरेंउबलते पानी का एक गिलास और 5 मिनट के लिए उबाल लें या इसे पानी के नहाने पर खड़े रहें। 40 मिनट के बाद, तनाव, जलसेक प्राप्त हुआ, सुबह में और बिस्तर पर जाने से पहले चेहरे को पोंछते हैं। कैमोमाइल लिंडन फूलों के साथ मिश्रण कर सकते हैं

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