“एक दिन में मुंह से छुटकारा पाने के तरीके मुँहासे वुल्गेरिस उपचार”

पपीता विरोधी ऑक्सीडेंट्स और एंजाइमों में समृद्ध है, जो कि बैंपिरिया पर दाना पैदा करने के लिए काम करते हैं। प्रभावित क्षेत्र पर कच्ची पपीता के एक ताज़ा तैयार पेस्ट का उपयोग करें। इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और कुल्ला बंद करें।

दाग धब्बों को दूर करने के लिए लाल मसूर की दाल और दूध का भी पैक बनाया जा सकता है। 1 चम्मच साफ़ और धुली लाल मसूर की दाल को कच्चे दूध में भिगोकर रखें। सुबह इसे दूध के साथ पीसकर एक दानेदार पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर हलके हाथों से रगडें। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और इसके बाद कुछ देर तक दोबारा अपने चेहरे को रगड़कर इसे गुनगुने पानी से धो लें। हफ्ते में इसका 2 बार प्रयोग करने पर आपको 15 दिनों में फर्क दिखने लगेगा।

शराब मुंह को सूखा कर देता है क्योंकि उसमें ड्यूरेटिक इफेक्ट होता है। मुंह के सुखापन के कारण बैक्टीरिया जमा हो जाता है जिसकी वजह से मुंह से बदबू आती है। पानी शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और शरीर से टॉक्सिंस को बाहर कर देता है। [ये भी पढ़ें: पैरों के कॉर्न को ठीक करने के घरेलू उपाय]

मुंह की बदबू को भगाने का सबसे अचूक उपाय है पानी। आप जितना ज्यादा पानी पिएंगे उतना ही आपको आराम मिलेगा। पानी मुंह के अंदर क्लींजर जैसा काम करता है। दिन भर हम कुछ न कुछ खाते रहते हैं, जिसकी वजह से हमारे मुंह में पहले से ही जो बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। इसलिए हमें लगातार पानी पीते रहना चाहिए और सुबह-सुबह ज्यादा पानी पीना चाहिए।

उसे बाहर निकालें: ऐसा करने में काफी शोर मच सकता है और यह ग्रॉस (gross) व शर्मनाक भी हो सकता है, लेकिन अपने शरीर से बलगम बाहर निकालना इससे छुटकारा पाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। जब भी आपको बलगम को खाँसने या अपनी नाक को ब्लो (blow) करने की इच्छा हो, तब उसे नजरअंदाज न करें। बलगम निगलने से वह आपके शरीर में वापस घुस सकती है और भरी हुई या बहती नाक को अंदर रखना असुविधाजनक है। एक टिशु-बॉक्स को पास रखना और बलगम को निकालना सबसे अच्छा है।

नींबू का अम्लीय गुण खराब त्वचा के उपचार में बहुत सहायक हो सकता है। नींबू त्वचा की धूल मिट्टी को साफ कर देगा जो रोमछिद्रों में इकट्ठा हो चुका है और सीबम को मजबूत करेगा। नींबू का रस में साइट्रिक एसिड (citric acid) एक शक्तिशाली एस्ट्रिंजेंट (astringent) है जो मृत त्वचा कोशिकाओं को हटता है और नई त्वचा वृद्धि को प्रोत्साहित करता है। ये मुहांसों को सूखा देता है और उनके निशानों को हल्का कर देता है।

1 मुहांसो से छुटाकारा पाने के लिए इंहे कभी भी ना फोड़े वरना इसका सीरम निकल कर पूरे चेहरे पर मुहांसे फैला देगा। मुहासों को तौलिए से ना रगड़े, ऐसे करने से आपके पूरे चेहरे पर मुहासे फैल सकते हैं। बेहतर होगा कि इसको अपने आप ही खत्‍म होने दें।

अगर आप भी दाग – धब्बो या कील मुहांसों से परेशान है तो यह Article आपको इनसे छुटकारा पाने में बहुत Help कर सकता है. आप इस आर्टिकल में बताये गये Tips को अपनाकर अपने चेहरे से कील – मुंहासो को बड़ी आसानी खत्म कर सकते है.

पिम्पल्स के दाग कैसे दूर करे – आधा-आधा चम्मच नींबू का रस और हल्दी में चौथाई चम्मच नमक और एक चम्मच पानी मिलाकर गर्म करके चेहरे पर लगाये फिर सूखने के बाद चेहरा धोयें। चेहरे के दाने मुँहासे व उनके निशान मिट जायेंगे। यह हर चौथे दिन लगायें

हल्दी खाएँ: यह प्राकृतिक एंटीसेप्टिक आपके शरीर में बलगम बनाने वाले बैक्टीरिया को मारता है। आप जो कुछ भी पीते हैं उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाएँ या इसे एक गिलास पानी के साथ पिएँ। प्रतिदिन इस पदार्थ के कुछ छोटे चम्मच आपको बहुत जल्दी बलगम-मुक्त कर देंगे।

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दालचीनी के उपयोग से शरीर को ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल से लड़ने में मदद मिलती है, जिसमें कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी कम हो जाता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी आंतरिक ऊतकों में सूजन को ठीक करने और दिल के दौरे और बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।

बेबी ऑयल में किसी तरह के केमिक्ल्स नहीं होते और डेंड्रफ को कम करने में मदद करता है। इसलिए रात को सोने से पहले बेबी ऑयल लगा कर बालों को तौलिये से बांध लें और सुबह उठ कर अच्छे एंटी-डेंड्रफ शैम्पू से बालों को साफ करें।

पायरिया से परेशान लोग मूली के रस से दिन में 2-3 बार कुल्ले करें और इसका रस पिएं तो बहुत फायदा होगा. मूली के रस से कुल्ला करना, मसूड़ों-दांतों पर मलना और पीना दांतों के लिये बहुत लाभकारी है. मूली को चबा-चबा कर खाने से दांतों और मसूड़ों की बीमारियां दूर होती हैं.

अधिक तरलदार और कम वसा वाला पौष्टिक भोजन भी सेल्युलाइट को कम करने में मदद कर सकता है। प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ सेल्युलाइट की मात्रा को घटाते हैं। नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करने से फैट जलता है और सेल्‍युलाइट में कमी आती है। इसके अलावा एक अच्छी मात्रा में पानी पीने और एक्‍सरसाइज के दौरान पसीना आने से शरीर के विषाक्‍त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

    संतरे के छिलके में सिट्रिक एसिड (citric acid) और विटामिन सी (vitamin c) भरपूर मात्रा में पायी जाती है। संतरे के छिलके को आप दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) से छुटकारा पाने के लिए इस्‍तेमाल कर सकते हैं। आप संतरा का रस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि संतरे का छिलका मुंहासों को दूर करने में ज्‍यादा कारगर साबित होता है। संतरे के छिलकों को धूप में सुखा ले, पूरी तरह सूखने के बाद पाउडर तैयार कर के डब्बे में रख लें। पाउडर को पानी में अच्छी तरह मिलाकर पेस्‍ट तैयार कर लें। इस पेस्‍ट को दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) पर लगाएं और इसको अच्छी तरह दें। इसके बाद अपने चेहरे को हल्का गुनगुने पानी से धो लें इससे आपको दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) से जल्द ही छुटकारा मिलेगी।

सोरायसिस में अलग अलग तरीकों से पता चला है। कभी कभी छोटी bumps चपटा कर रहे हैं, कई बार बड़े सजीले टुकड़े के साथ उठाया त्वचा मोटी कर रहे हैं। बढिया, लाल रंग के धब्बे विशिष्ट सोरायसिस, के साथ ही सूखी त्वचा गुलाबी रंग के होते हैं।

फिटकरी और गुलाब जल : फिटकरी और गुलाब जल से बने पेस्ट को अपनी मूछो पर लगाकर आप मनचाहा रंग प्राप्त कर लम्बे समय तक आप जंवा बने रह सकते है इसके लिए फिटकरी को पीसकर इसके पाउडर को गुलाब जल में मिलाकर आप अपनी मूछ पर लगाए।

रात को सोते समय एक चम्मच मलाई में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाकर चेहरे पर लगाये । सुबह चेहरा धो लें। इससे चेहरे के दाग कम हो जाते हैं। यदि आपकी त्वचा तैलीय है, तो दिन में कई बार नींबू का पानी पियें, त्वचा का तैलीयपन कम हो जायेगा।

दालचीनी के बहुत सारे लाभ तो हैं परंतु आपको बताई गई कुछ सावधानियों को भी नहीं भूलना चाहिए। अतः इसके उपभोग से पहले इसके लाभ-हानि को अच्छे से समझ लें और इसका सेवन उच्च मात्रा में ना ही करें तो अच्छा होगा।

प्राकृतिक क्रीम और शैंपू में प्राकृतिक छालरोग उपचार के उद्देश्य से हर्बल घटक शामिल करना चाहिए। इस कुशल सूत्र आमतौर पर तेजी से अवशोषित है और कपड़े और त्वचा पर किसी भी निशान छोड़ नहीं करता है। प्राकृतिक छालरोग उपचार आम तौर पर हल्के moisturizers, emollients, आवश्यक तेलों, और आपकी त्वचा की हालत में सुधार और psoriasis के छुटकारा पाने के लिए PH कसरती शामिल हैं।

यह सभी सोरायसिस से पीड़ित रोगियों का 80% के साथ सबसे बड़े पैमाने पर छालरोग के प्रकार है। यह चांदी सफेद रंग के पैमाने और लाल रंग की सूजन पैच द्वारा प्रतिष्ठित है। घुटने, कोहनी, पीठ के निचले हिस्से पर एक यह खोज कर सकते हैं, और खोपड़ी, लेकिन यह कहीं भी हो सकते हैं।

कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन करें: लेकिन क्या आप जानते हैं की यदि आप कम कार्बोहाइड्रेट वाला खाना लेते हैं तो आपको कीटोन ब्रेथ हो सकता है। असल में आपका शरीर ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट्स की जगह वसा को जलाता है जिससे कीटोन बनते है, जिसमे से कुछ आपके मुँह में निकलते हैं। दुर्भाग्य से, कीटोन बदबूदार होते हैं, और इसलिए आपकी साँसों से दुर्गंध आती है। यदि आप कम कार्बोहाइड्रेट्स वाली डाइट ले रहे हैं या कोई अन्य आहार जो की कार्बोहाइड्रेट्स की जगह वसा को जलाने को मजबूर करे, तो ध्यान रहे की आप कार्बोहाइड्रेट्स से परिपूर्ण नाश्ता ले जैसे की सेब या केला।

यहाँ पर शायद कुछ चीज़ें कूल्हों (buttocks) पर मुँहासे (acne) होने की बजाय ज्यादा शर्मनाक है- मुख्यतः जब गर्मियाँ आती हैं और बिकनी (bikinis) बाहर निकलती हैं। खुद को बीच कवर-अप (beach cover-ups ) के पीछे छिपने से रोकें तथा अपने कूल्हों पर होने वाले मुँहासों की परेशानी का समाधान खोजें। नीचे दिए गए उपचारों को आजमायें और देखें कि आपके लिए कौन-सा उपयोगी है। हर किसी की त्वचा अलग होती है, इसलिए हतोत्साहित न हों। यदि कोई विशेष उपचार आपके मुँहासों का इलाज नहीं कर पाता, तो एक अलग कोशिश करें।

नमक में मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के कारण यह कैविटी के इलाज के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। यह दर्द और सूजन को कम करने, किसी भी प्रकार के संक्रमण और मुंह में बैक्‍टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करता है। इसके लिए एक चम्‍मच नमक को गर्म पानी में मिला लें। फिर इस पानी को मुंह में कुल्‍ला करें। समस्‍या के दूर होने तक इस उपाय को दिन में तीन बार करें। इसके अलावा, आधा चम्‍मच नमक, थोड़ा सा सरसों का तेल और नींबू का रस मिलाकर पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट से कुछ मिनटों तक मसूड़ों पर मसाज करें। बैक्‍टीरिया को मारने के लिए इस उपाय को कुछ दिन तक दिन में दो बार करें।

टॉन्सिल स्टोन्स (tonsil stones): ये टॉन्सिल पर सफेद धब्बे के रूप में दिखाई देते हैं जो कि केल्सीकृत भोजन, बलगम और बैक्टीरिया की गांठ हैं। यदि दिखें ,तो गलती से गले का संक्रमण मान लिए जाते हैं हालांकि कभी-कभी वे नग्न आंखों से दिखाई भी नहीं देते। हो सकता हैं आपने कसैला स्वाद अनुभव हो या निगलते समय दर्द महसूस हो।[६]

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