“ठोड़ी मुँहासे से छुटकारा पाने के लिए |मुँहासे के निशान हटाने”

एंटी बैक्‍टीरियल के साथ-साथ एंटीबायोटिग गुणों से समृद्ध होने के कारण, लहसुन दांतों के टूटने और कैविटी की समस्‍या को दूर करने में मदद करता है। यह दर्द से राहत देने और स्‍वस्‍थ मसूड़ों और दांतों के लिए भी अच्‍छा होता है। 3 से 4 लहसुन की कली को कुचलकर और 1/4 चम्‍मच सेंधा नमक मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इसे संक्रमित दांत पर लगाकर 10 के लिए छोड़ दें। कैविटी को कम करने के लिए इस उपाय को कुछ दिनों के लिए दिन में दो बार करें।  

यह आपके चेहरे पर कोई गलत परिणाम नहीं देते . मुहाँसे के लिए मेडिकल इलाज लेने से पहले हमेशा ही घरेलु इलाज लेना चाहिए क्यूंकि मेडिकल इलाज से चेहरे की प्राकृतिक सुन्दरता चली जाती हैं और चेहरा बेजान हो जाता हैं .अपने चेहरे से मुहाँसे हटाने के लिए पहले साधारण घरेलु इलाज करे जिससे चेहरे में और अधिक निखार आता हैं .

यह सबसे आसान तरीका है जिससे हमारे शरीर को थकान से छुटकारा मिलता है। टूटते बालों के पीछे का सबसे प्रमुख कारण थकान है। इस आसन को करने से मासिक धर्म में होने वाले दर्द से छुटकारा मिलता है। इससे पाचन तंत्र भी सही रहता है।

दाल और आलू का पेस्ट : इस बेहतरीन आयुर्वेदिक नुस्खे से आप मूछ के सफेद बालों से छुटकारा पा सकते है आलू और दाल से बना पेस्ट मूछ के सफेद बाल को हटाने में बहुत मदद आता है आलू में ब्लीचिंग के प्राकृतिक गुण होने के कारण आलू को दाल के साथ मिलाकर दाढ़ी व् मूछो का प्राकृतिक रंग वापिस आ जाता है।

पिम्पल्स हटाने के तरीके इन हिंदी: गोरे चेहरे पर कोई दाग धब्बा या निशान पड़ जाए तो चेहरे की सुंदरता फीकी पड़ने लगती है। चेहरे पर कील मुंहासे (acne) निकलना आजकल आम हो गया है। ऑयली स्किन पर पिम्पल्स निकलने की समस्या अधिक होती है। पिम्पल को अगर हाथ से फोड़ दे तो पिम्पल्स के दाग चेहरे पर रह जाते है। अक्सर कील मुंहासों के ज़रिए शरीर की गर्मी बाहर निकलती है जो खाने पिने की गलत आदतों से हो जाती है। अगर त्वचा को पोषण देने वाली चीज़े खाए और तले हुए फुड से दूर रहे तो बार बार पिम्पल का निकलना रोक सकते है। हरी सब्जियां, फल और पानी त्वचा को स्वस्थ रखने का उत्तम उपाय है। आज इस लेख में पिम्पल्स कील मुंहासे हटाने के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे जानेंगे, natural home remedies tips to remove pimples in hindi.

सेब के सिरके में महान स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह त्वचा के लिए भी अच्छा होता है। सेल्युलाईट से प्रभावित क्षेत्रों पर सेब के सिरके का उपयोग करने से त्वचा में फंसे विषाक्त पदार्थों को निकाला जा सकता है। यह सूजन को कम करने में भी मदद करता है। त्वचा में इसके प्रयोग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। सेब के सिरके में पानी की बराबर मात्रा मिलाकर त्वचा पर लगा सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, यह शहद या पानी के साथ मौखिक रूप से भी लिया जा सकता है। यह वजन घटाने और सेल्युलाईट को कम करने में मदद करता है। 

स्‍वाद और सुगंध से भरपूर दालचीनी को मसालों में अहम स्‍थान दिया गया है। दालचीनी का दोनों ही मसाले और दवा के रूप में उपयोग का लंबा इतिहास है। वास्तव में प्राचीन काल में, यह मसाला इतना बहुमूल्य खजाना माना जाता था कि इसकी कीमत सोने से भी ज्यादा थी।यह श्रीलंका एवं दक्षिण भारत में बहुतायत में मिलता है। यह एक वृक्ष की छाल होती है। यह गरम मसाला तो है ही यह पाचन, वातहर, स्तंभण, गर्भाशय उत्तेजक, गर्भाशय संकोचक एवं शरीर उत्तेजक है। चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से मीठी हो जाती है तथा सर्दी भी ठीक हो जाता है।

4 – रात को सोने से पहले कच्चे दूध के साथ जायफल को घिसे और इसका लेप तैयार कर ले, और लेप को चेहरे पर लगा कर सो जाये. सुबह चेहरा साफ पानी से धो दे, कुछ दिन ऐसा लगातार करने से  चेहरे पर होने वाले मुहासों से छुटकारा मिलता हैं.

अधिकतर लोगों को खुद भी नहीं मालूम होता की उनके मुँह से दुर्गन्ध आती है, ये जानने के लिए की आप की मुंह से सांस की बदबू आती है की नहीं, आप मुंह के आगे हाथ रखे और ज़ोर से साँस छोड़े और अपने हाथ को सूँघे, अब अगर हाथ से बदबू आये तो आपको मुंह से बदबू आने की समस्या है। मुंह और जीभ के छाले, मसूड़ो में इन्फेक्शन और बार बार मुंह में लार बनना मुंह की बदबू के कुछ लक्षण है।

Garlic  has strong antibacterial properties and fights pimple very soon. Crush two to three cloves of garlic and mix with water. Once it forms a paste like structure apply gently on the skin. After drying wash it off. Follow with face wash as the smell is very strong of garlic.

एक चम्मच शहद और आधे नींबू के रस में एक कप पके हुए ओटमील को मिलाएं। इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर रगड़ें। 30 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। सप्ताह में एक या दो बार लगाएं। (और पढ़ें – शहद खाने के फायदे)

लेज़र उपचार करवाएं: अगर आपके मुँहासे कई महीनों के बाद भी ठीक नहीं हो रहें हैं, तो लेज़र उपचार करवाएं | आप कौन सा इलाज करवाना चाहते हैं, उसके मुताबिक लेज़र कोलेजन उत्पादन को प्रोत्साहित करती है और दाग को भाप बनाकर साफ़ करती है |[९]

चेहरे के काले दाग धब्बे, प्याज मे क्रत्रिम प्रतिरोधक गुण होते है जो की मुहसो के दाग धब्बे दूर करने मे आपकी मदद करेगे। तो शांतीपूवर्क इस विधि का उपयोग करे। प्याज ले और उसका रस निकल कर चेहरे के संक्रमित स्थान पर लगाए और कुछ मिनिट तक रहने दे फिर साधारण पानी से धो दे।

पीठ के मुहाँसे भी चेहरे के मुहंसों की तरह ही भयानक होते है। रिसर्च में ये पता चला है कि जिन लोगों को चेहरे के मुहांसों की समस्या ज़्यादा होती है, वही लोग पीठ के मुहांसों से भी उतने ही पीड़ित होते है। पीठ के मुहांसों का एक पहलू ये भी है कि इनके तक पहुँचना और इनका इलाज करना बहुत मुश्किल है क्योंकि इन तक पहुँचना और इनको देख पाना एक आसान नहीं है। मुहांसों का कहीं भी शरीर पर निकलना में मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन है। ये यौवन अवधि के दौरन एस्ट्रोजन (estrogen) और टेस्टास्टरोन (testosterone) हॉर्मोन (hormones) के अधिक स्राव के कारण होते है और जैसे ही कोई 20 साल की उम्र को पार करता है ये अपने आप चले जाते है। ये मुंहासे आपकी छाती, कंधे, पैर और हिप्स पर भी हो सकते हैं। बॉडी लोशन, मसाज ऑयल (massage oil) और सनस्क्रीन (sunscreen) आदि का इस्तेमाल करने से रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और मुंहासे हो जाते हैं। तनाव, अनियमित नींद, अस्वस्थ लाइफस्टाइल, खानपान की ग़लत आदतें और अधिक काम का बोझ भी कुछेक कारण है मुहाँसे निकालने का। यहाँ हम आज कुछ ऐसे ही घरेलू उपाय और घरेलू उपचारों की बात करेगें जिसकी मदद से आप पीठ के कील मुहांसों से निजात पा सकेगें।

दरअसल मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। कई भोजन में गडबड़ी या तीखा भोजन करने से जीभ पर, होंठों पर और अंदर छाले हो जाते हैं जो आमतौर पर पांच सात दिन में ठीक भी हो जाते हैं। कभी-कभी छाले लम्बे समय तक ठीक नहीं होते जो भोजन करते व बोलते समय तकलीफ देते हैं। कई बार गंभीर हो जाने पर इनसे खून भी निकलता है। ऐसे में डॉक्टर से इनकी जांच अवश्य करानी चाहिए, क्योंकि ये घातक भी हो सकते हैं।

–> कपूर का एक टुकड़ा शीशी में डालकर ढक्कन लगा दें और किसी गर्म जगह पर रख दें | आधे घंटे में कपूर लोशन बन जायेगा | तब उसे ¼ चम्मच सूखे जायफल के पाउडर, ¼ चम्मच चंदन चूरा और इतने ही हल्दी पाउडर मिलाकर मुँहासों पर लगाये, आधे घंटे बाद मुंह धो लें |

पिछले कई सालों से सिर दर्द, ठंड, खांसी, कंजस्टेड नाक, छाती और गले के कहर के इलाज के लिए विक्स वेपोरब का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह इसका एकमात्र उपयोग नहीं है। आप इसे कई अन्य चीजों के लिए भी उपयोग कर सकते हैं

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें: दांतो को बेकिंग सोडा से हफ्ते में एक बार ब्रश करने से बैक्टीरिया निष्प्रभावित हो जाते हैं, जो मुंह में दुर्गंध का कारण है। अपने ब्रश के ब्रिसल पर हल्का बेकिंग सोडा लगाएं, और हमेशा की तरह ही ब्रश करें।[३]

एसिडिटी का प्रमुख लक्षण है रोगी के सीने या छाती में जलन। अनेक बार एसिडिटी की वजह से सीने में दर्द भी रहता है, मुंह में खट्टा पानी आता है। जब यह तकलीफ बार-बार होती है तो गंभीर समस्या का रूप धारण कर लेती है।

एलोवेरा में रोगाणुरोधी (Antimicrobial) गुण होते हैं, जो मुँहासे का कारण बनने वाली तेलीय त्वचा के उपचार के लिए आदर्श होते हैं। इसके अलावा, एलोवेरा आपकी त्वचा की सतह से अतिरिक्त तेल को अवशोषित करने में भी मदद करता है। 

यदि आप जोखिम के समूह हैं और यह आपको एक जीन वाहक के रूप में विकसित कर सकते हैं तो कोई अपने परिवार में इस रोग से ग्रस्त है। उसके बाद में 50% मामलों की वे भी इस रोग से ग्रस्त बच्चों मामले में दोनों भागीदारों के एक जोड़े में सोरायसिस है है। किसी परिवार से यह रूप में अच्छी तरह से था, क्योंकि 30% psoriasis के साथ मरीजों की समस्या प्राप्त किया।

* बेकिंग सोडा : अगर आपके मुँह में छाला खट्टे पदार्थों के खाने से हुआ हो तो यह सबसे बेहतरीन उपाय है। एक कटोरे में थोड़ा सा बैंकिंग सोडा लें और उसमे थोड़ी सी पानी की मात्रा मिलाएं ज्यादा मोती पेस्ट भी नहीं बनाएं। इसके बाद इसे आप अपने छालों पर लगा लें। आप इसका उपयोग दिन में कई बार कर सकते हैं। इसके अलावा आप बैंकिंग सोडा को सीधे छालों पर लगा सकते हैं।

Pimples ko medicaly muhase kaha jata hai. Aajkal pimples hona aam samsya ho gayi hai. Pimples purusho or mahilao dono ko prbhawit karta hai or ye kisi bhi umar me ho sakta hai, or pimples koi chetawani dekkar nahi aata kabhi bhi ho sakta hai. Tamam kosiso ke bawjud kai bar chehre par pimples yani muhase ho jate hai. Khaskar teenage me yah samsya jayada hoti hai. Muhase chehre par kai karno se ho sakte hai, jaise chehre par jami gandagi ko saaf na karna ya chehre ka atyadhik tailiy hona aadi, muhase hone par hame coffee ya msaledar bhojan ka upyog kam karna chahiye or falo ka sewan adhik se adhik karna chahiye, pimples ko dur karne ka sabse aasan tarika aap ghar par rahkar aajma sakte hai.

जब भी आपको अपने घर से बाहर किसी काम के लिए जाना होता है तो उसके बाद जब आप घर आते हो तो तब आप अपना मुँह अवश्य धो ले. बाहर के प्रदूषण से आपके चेहरे पर धूल – मिटटी जम जाती है. जो हमारे फेस को नुकसान पहुँचा देता है. आगे से इस बात का ख्याल जरुर रखे.

एलोविरा का प्रयोग करें: एलोविरा का रस एक ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है जो कई प्रकार कि बिमारियों, चोट लगना, जल जाना, या मुँहासों को दूर करता है | यह त्वचा को फिर से नया बनाकर नमी प्रदान करता है | एलोविरा को किसी भी दुकान में पाया जा सकता है, लेकिन एलोविरा के पत्तियों का रस सब से ज्यादा उपयोगी माना गया है | इसके जैल को धब्बों पर लगाकर छोड़ दें | धोने की भी जरुरत नहीं है |

यह सभी सोरायसिस से पीड़ित रोगियों का 80% के साथ सबसे बड़े पैमाने पर छालरोग के प्रकार है। यह चांदी सफेद रंग के पैमाने और लाल रंग की सूजन पैच द्वारा प्रतिष्ठित है। घुटने, कोहनी, पीठ के निचले हिस्से पर एक यह खोज कर सकते हैं, और खोपड़ी, लेकिन यह कहीं भी हो सकते हैं।

इस तरह मुंह की लार से हम मुफ्त में कई बीमारियों का इलाज कर सकते है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि इस लार में वो सभी 18 तत्‍व पाये जाते है जो मिट्टी में पाए जाते है। लेकिन बहुत अफसोस की बात हैं कि आज मनुष्य खुद ही अपना दुश्मन बनता जा रहा है। वह धूम्रपान और नशीले पदार्थों के चलते लार को खत्म करता जा रहा है और अपने लिए दुःख तकलीफो को न्योते पर न्योता दिए जा रहा है । धूम्रपान से लार दूषित हो जाती है और असर नहीं करती। जर्दा, पान अन्य पदार्थ से बार-बार थूकने से लार जरूरत से ज्यादा बाहर निकलती है। वहीं तीसरा ड्रग आदि के प्रयोग से मुंह सूख जाता है और लार नहीं रहती। इसलिए लार को बचाने के लिए आपको इन सब आदतों को भी छोड़ना होगा।ताकि लार हमारे शरीर को बीमारियों से बचा सके |

बेशक, हमेशा उपलब्ध नहींउचित उपचार के लिए पर्याप्त समय, कभी-कभी आपातकालीन उपाय आवश्यक हैं बहुत जल्दी से यह मुँहासे की मात्रा को कम करने में मदद करता है, साथ ही ज़ेंरनिटाइटिस की सूजन की तीव्रता भी। इस दवा में एक शक्तिशाली एंटीबायोटिक शामिल है, जो रोगजनकों को नष्ट कर देता है। इसके अलावा, ज़ेंरिएट सक्रिय रूप से बड़ी चक्कर आती है, उनके प्रसार को रोक देता है।

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