“पीठ पर मुँहासे के निशान से छुटकारा +मुँहासे का कारण बनता है”

झुर्रियाँ आप की उम्र के बड़ने के साथ आपके त्वचा में देखे जा सकते हैं | लेकिन आप निश्चित रूप से त्वचा को अच्छी तरह से hydrated रखकर उनकी उपस्थिति में देरी कर सकते हैं । बर्फ के क्यूब्स आपको quick facial देगा, यह आपके त्वचा को moisture locked प्रदान करते हैं |

मुंह के छालो की समस्या दिखने में जितनी छोटी हैं उतनी ही अधिक कष्टदायी हैं। अक्सर तीखा और रुक्षण भोजन करने से या कब्ज की समस्या के कारण ये समस्या हो जाती हैं। अगर आपको कब्ज रहती हैं तो पहले अपनी कब्ज का इलाज कीजिये। क्यूंकि छालो को सही कर लोगे तो कब्ज के कारण ये समस्या फिर से उत्पन्न हो जाएगी।

समुद्री नमक के इलाज से वास्तव में आपको मुँहासे से मुक्ति मिल सकती है। जिन जिन लोगों ने पीठ के मुँहासे के इलाज के लिए इस उपाय का इस्तेमाल किया है, उन्होनें इसके तुरंत और प्रभावी समाधान की हमेशा प्रशंसा की है।

अम्लिय पेय से बचें। यह आपकी सांस और दांत के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, क्योंकि अम्लिय पेय आपके दांतो के इनेमल को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। जितना हो सके अम्लिय पेय पीने से बचे और अगर पीना ही है तो ध्यान रखें कि आप स्ट्रा के जरिए या जल्दी से पीए, बिना मुंह में रखें। आप पानी का इस्तेमाल करके कुल्ला करके अपने खाने अवशेष को दूर करें।

ऑयली त्वचा पर निम्बू रगड़ने से त्वचा की चिकनाई दूर होती है और पिम्पल्स भी साफ़ होते है। शहद को नींबू में मिला कर पेस्ट बनाए और फेस पर लगाए और 15 – 20 मिनट के बाद धो ले। इस नुस्खे से चेहरे में निखार आता है और पिम्पल ठीक होते है।

वैकल्पिक रूप से, कुछ मिनटों के लिए पानी में एक एलोवेरा की पत्ती उबाल लें। पेस्ट बनाने के लिए इस पत्ती को शहद के साथ पीस लें। इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर अच्छी तरह से लगाएं। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर इसे ठंडे पानी से धो दें। यह उपाय सप्ताह में एक बार करें।

बर्फ के क्यूब्स आपके गले पर बुरा प्रभाव दाल सकते हैं | यह आपके tonsils को प्रभावित करता है और ठंड और खांसी पैदा कर सकती है | tonsillitis से पीड़ित लोगों को वास्तव में बर्फ़ क्यूब्स से दूर रहना चाहिए | भले ही ice cube आपके गले को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं, लेकिन बर्फ के टुकड़े  लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकती हैं | आप इससे फायदा प्राप्त करने के लिए अपने चहेर पर लागू कर सकते हैं | चेहरे पर बर्फ लगाने के लाभ कई हैं | अपने daily beauty regime में बर्फ के क्यूब्स को शामिल करना एक बहुत अच्छा विचार हो सकता है | चेहरे पर बर्फ लगाने के लाभ कई हैं जो की निम्नलिखित हैं |

आप बाजार से एलोवेरा जैल खरीद सकते हैं या एक एलोवेरा पौधे से एक पत्ता काटें और बीच में से उसको दबाएं, इसके द्वारा आप शुद्ध एलोवेरा जैल प्राप्त कर सकते हैं। दिन में दो बार प्रभावित क्षेत्र पर एलोवेरा जैल का उपयोग करें। (और पढ़ें – एलोवेरा के फायदे और नुकसान)

यदि आप चाहते है की आपकी दाढ़ी और मूछ का रंग सफेद न हो तो इसके लिए अपने रोजाना के भोजन में फल, हरि सब्जियां, दाल तथा प्रोटीन युक्त पदार्थो का सेवन करें तथा जंक फ़ूड खाना,शराब का सेवन करना छोड़ दे इसके साथ ही अपने सफेद बालों को छुपाने के लिए डाई का प्रयोग बिलकुल न करें क्योकि इनमे केमिकल मिले होते है।

मुलेठी में भरपूर मात्रा में आयुर्वेदिक गुण मौजूद होते हैं. जिसके कारण ये हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. मुलेठी में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, ग्लिसराइजिक एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन और वसा के गुण मौजूद होते हैं. इसके सेवन से सर्दी-खांसी, जुकाम, कफ, गले और यूरिन इंफैक्शन जैसी समस्याओं से आराम मिलता है. आज हम आपको मुलेठी के कुछ घरेलु नुस्खों के बारे में बताने जा रहें हैं.

हल्दी खाएँ: यह प्राकृतिक एंटीसेप्टिक आपके शरीर में बलगम बनाने वाले बैक्टीरिया को मारता है। आप जो कुछ भी पीते हैं उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाएँ या इसे एक गिलास पानी के साथ पिएँ। प्रतिदिन इस पदार्थ के कुछ छोटे चम्मच आपको बहुत जल्दी बलगम-मुक्त कर देंगे।

अपनी नाक को ज़्यादा ब्लो न करें, खासकर एक साइड पर। उसका ज़ोर बलगम को आपके साइनस और कानों में और अंदर ब्लो कर सकता है, जिससे सिरदर्द व कान में दर्द होगा। अगर आपको ब्लो करने की ज़रूरत है, तो ऐसा आराम से व दोनों नॉस्ट्रील्स के साथ करें।

अध्ययन में, दालचीनी ने गठिया दर्द से जुड़े साइटोकिन्स (cytokines) को कम करने के लिए सकरात्मक प्रभाव दिखाए हैं। मरीजों को सुबह-शाम शहद के एक चम्मच के साथ दालचीनी पाउडर का आधा चम्मच मिलाकर खाने से एक हफ्ते के बाद गठिया के दर्द में काफी राहत मिली और वे एक महीने के भीतर दर्द के बिना चल-फिर भी पा रहे थे।

पूरा नींद लें चेहरे की त्वचा को बार बार धोते रहें और बिलकुल स्वच्छ रखें चेहरे के त्वचा के छिद्र को खुल्ला और साफ़ रखें उस के लिए आप हर रोज रात को और सवेरे उठ के भाप से त्वचा साफ़ करेंपानी अधिक मात्र में पिएं कास्मेटिक का उपयोग ही न करें फल और सब्जी ज्यादा मात्रा में खाएँ तले हुए, मसालेदार आहार को कम मात्रा में खाएँ|

Muhase (pimples) hatane ke gharelu upay (Home remedies) in hindi आज कल लड़का हो या लड़की सभी अपने चेहरे पर होने वाले मुहांसों से परेशान  रहते हैं और जिसके लिए डॉक्टर्स को दिखाते हैं और महंगे- महंगे ट्रीटमेंट करवाते हैं कई बार इन ट्रीटमेंट्स के गलत परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं . जिससे रोग कम नहीं होता बल्कि अन्य गलत परिणाम सामने आ जाते हैं . इसलिए  मुहांसे की परेशानी से निजात पाने के लिए मुँहासे हटाने के लिए घरेलु उपाय करें .

नीम भी कैविटी के इलाज के लिए एक अन्‍य लोकप्रिय उपाय है। इसकी एंटी-बैक्‍टीरियल गुण बैक्‍ट‍ीरिया के कारण होने वाली कैविटी को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह दांतों और मसूड़ों को स्‍वस्‍थ और मजबूत बनाने में भी मदद करता है। दांतों और मसूड़ों पर नीम के पत्तों के रस रगड़ें, कुछ मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। इस उपाय को दिन में एक या दो बार करें। इसके अलावा आप नीम की स्टिक का इस्‍तेमाल दांतों में ब्रश करने के लिए भी कर सकते हैं।

तमाम कोशिशों के बावजूद कई बार चेहरे पर पिंपल्स यानी मुंहासे हो जाते हैं। खासकर टीनएज में यह समस्या ज्यादा होती है. मुँहासे चेहरे पर कई कारणों से हो सकते हैं , जैसे चेहरे पर जमी गन्दगी को ठीक से साफ न करना या चेहरे का अत्यधिक तैलीय होना आदि , मुँहासे होने पर हमें काफी या मसालेदार भोजन का उपयोग कम करना चाहिए और फलों का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए, पिम्पल्स को दूर करने का सबसे आसान तरीका आप घर पर रह कर आजमा सकते हैं.

सर मेरा सिर्फ एक हि सवाल है कि पिंपल एसिडिक है या बैजीक क्यूकि अलह अलग घरेलु नुस्खे मे टुथपेस्ट यानि कि बेजिक ओर कभी निम्बु या संतरे का प्रयोग करने कि सलाह देते हैै तो प्लिज बताइये कि क्या करे प्लिज रिव्यु सर

पायरिया से परेशान लोग मूली के रस से दिन में 2-3 बार कुल्ले करें और इसका रस पिएं तो बहुत फायदा होगा. मूली के रस से कुल्ला करना, मसूड़ों-दांतों पर मलना और पीना दांतों के लिये बहुत लाभकारी है. मूली को चबा-चबा कर खाने से दांतों और मसूड़ों की बीमारियां दूर होती हैं.

मेरे साथ तो कई बार ऐसा हो चुका है! लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि ऐसे कई आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार हैं जिनकी मदद से हम मुंह के छालों से छुटकारा पा सकते हैं। तो आइये हम detail में जानते हैं कि Mouth Ulcers (muh ke chhale) होने के कारण क्या-क्या हैं और हम किस प्रकार इनसे निजात पा सकते हैं।

सोने के अभाव, बहुत अधिक तनाव, अस्वस्थ भोजन की आदत और एक व्यस्त जीवन शैली भी मुँहासे पैदा होने का कारण हो सकती है। मुँहासे चेहरे, छाती पर, पीठ और सिर पर दिखाई दे सकते हैं। यद्यपि इनका कोई निश्चित इलाज नहीं है, किंतु कई सरल घरेलू प्राकृतिक सामग्री हैं, जिनका उपयोग मुँहासे हटाने के लिए किया जा सकता है।

1  नीबू के रस में बराबर मात्रा में गुलाब जल डालकर मिश्रण तैयार करें और उसे चेहरे पर लगाये उसे आधे घंटे रखे फिर ताजे पानी से चेहरा धोले . इस प्रयोग को 10 से 15 दिन तक करें जिससे मुँहासे ठीक हो जाते हैं .

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