“मुँहासे की आसान त्वचा से मुक्ति पाने -मैं अपने मुँहासे से छुटकारा पाता हूं”

यदि किसी व्यक्ति की आँखों के नीचे काले घेरे हो गये हैं तो वो सुबह उठ कर मुँह की लार से धीरे धीरे आँखों के नीचे मालिश करें ऐसा करने से आँखों के नीचे के काले घेरे ठीक हो जायेंगे लेकिन प्रयोग 1-2 महीने करना पड़ेगा।

शहद और गिलेसरीन के प्रयोग से भी आप छालों की समस्या से छुटकारा पा सकते है.  मुंह में छाले होने पर शहद और गिलेसरीन का इस्तेमाल काफी अच्छा रहता है. शहद और गिलेसरीन को आपस में मिलाये और इस मिश्रण को कॉटन की मदद से लों में लगाए. इससे मुंह के छाले धीरे-धीरे कम होने लगेंगे.

Gulab jal me barabar matra me nimbu ka ras milakar mishran tayaar kar lijiye or us mishran ko chehre par karib aadhe ghante tak laga kar rakhe fir taje pani se chehra dho le, is pryog ko chehre par karib 15 din tak kare , jisse apke chehre ke muhase thik ho jayenge.

चेहरे के काले दाग धब्बे, प्याज मे क्रत्रिम प्रतिरोधक गुण होते है जो की मुहसो के दाग धब्बे दूर करने मे आपकी मदद करेगे। तो शांतीपूवर्क इस विधि का उपयोग करे। प्याज ले और उसका रस निकल कर चेहरे के संक्रमित स्थान पर लगाए और कुछ मिनिट तक रहने दे फिर साधारण पानी से धो दे।

नीम भी कैविटी के इलाज के लिए एक अन्‍य लोकप्रिय उपाय है। इसकी एंटी-बैक्‍टीरियल गुण बैक्‍ट‍ीरिया के कारण होने वाली कैविटी को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह दांतों और मसूड़ों को स्‍वस्‍थ और मजबूत बनाने में भी मदद करता है। दांतों और मसूड़ों पर नीम के पत्तों के रस रगड़ें, कुछ मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से कुल्ला लें। इस उपाय को दिन में एक या दो बार करें। इसके अलावा आप नीम की स्टिक का इस्‍तेमाल दांतों में ब्रश करने के लिए भी कर सकते हैं।

एक्‍ने त्‍वचा की समस्‍या है, इसके उपचार के लिए आयुर्वेद अपनाना फायदेमंद है। आयुर्वेद में कुछ ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स हैं जिनके उपयोग से एक्ने की समस्या से आसानी से निजात पाई जा सकती हैं। आइए जानें एक्ने के आयुर्वेदिक उपचार के बारे में।

एबॉट के बाउंसर से घायल हुए विल पुकोस्की जेब्रा क्रॉसिंग तो है पर नहीं मिलता पूरा समय चित्तरंजन एवेन्यू में 70 वर्ष पुराने मकान का हिस्सा ढहा इस बार स्नूकर में भारत ने पाकिस्तान को किया धराशायी केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नॉन सीरियस नेता हैं

वास्तव में, दालचीनी का अधिक मात्रा में सेवन से स्वस्थ को खतरा हो सकता है और आपके लिवर को नुकसान पहुंच सकता है। दालचीनी या उसका तेल का अधिक उपयोग समय से पूर्व दर्द को उत्पन्न कर सकता है या फिर गर्भाशय के संकुचन को भी प्रेरित कर सकता है।

आज का दौर खुद को दूसरो से बेहतर साबित करने का दौर है. हर किसी की चाह अपनी अलग पहचान बनाने की है. लेकिन जब किसी भी Person के Face पर pimples हो जाते है तो यह उसके Confidence को बहुत Low कर देता है. उसके मन में खुद के लिए हीन – भावना आने लगती है. वह व्यक्ति लोगो से मिलने में कतराने लगता है.

परीक्षण करें, अगर आपको सांस की दुर्गंध की समस्या है: यह बताना मुश्किल है कि कब आपकी सांस दूसरो को बदबूदार लगें। अगर आपकी सांस बदबूदार है, तो इन परीक्षण का इस्तेमाल करके, आप अपने मुंह में मौजूद सल्फर नमक को किसी और चीज़ में मिलाकर, सूंघ सकते हैं और स्वयं ही अपने सांस की दुर्गंध को पहचान सकते हैं।[१५]

बेकिंग सोड़ा से साफ़ करें: बेकिंग सोड़ा के इस्तेमाल से त्वचा के दाग धब्बों को कम किया जा सकता है | 1 छोटा चमच्च बेकिंग सोड़ा को 1 छोटे चमच्च पानी में मिलाकर घोल तैयार करें | इसे अपने चेहरे पर गोलाकार में रगड़ते हुए 2 मिनट तक लगाएं | गुनगुने पानी से चेहरे को धोलें और अच्छे से पोंछ लें | “यह एक जाना माना नुस्खा है, लेकिन इसे पहले थोड़े समय के लिए प्रयोग करें और फिर धीरे धीरे समय बढ़ाएं। बेकिंग सोड़ा में 7.0 PH होता है जो त्वचा के PH से बहुत ज्यादा है | अगर PH की मात्रा को बढ़ा दी जाएगी, तो लम्बे समय तक मुँहासे नहीं जाएंगे और अधिक संक्रमण और सूजन का भी डर रहेगा |”[२]

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