“मुँहासे के निशान को जल्दी से छुटकारा |मैं कैसे pimples से छुटकारा मिलता है”

Neem is the king of all antiinflammation and antibacterial herbs. For its usage you can make a paste of neem leaves powder, multani mitti(Fuller’s Earth) and rose water and mix it thoroughly. All the ingredients have their own benefits, but their mixture works superficially. Apply this paste on to the pimple and leave it till it dries. Clean it off with cotton gently. You will feel a reduced size of pimple.This is one of the most effective methods.

अगर आप भी दाग – धब्बो या कील मुहांसों से परेशान है तो यह Article आपको इनसे छुटकारा पाने में बहुत Help कर सकता है. आप इस आर्टिकल में बताये गये Tips को अपनाकर अपने चेहरे से कील – मुंहासो को बड़ी आसानी खत्म कर सकते है.

हमारा बाहरी स्वरूप हमारे लिए बहुत ज्यादा important है. जब हम किसी भी व्यक्ति से मिलते है तब वह पहले हमारा बाहरी स्वरूप ही देखता है. जब वह हमारे चेहरे पर दाग – धब्बे देखता है तो उस व्यक्ति पर हमारा Bad Imprassion पड़ता है.

मुल्तानी मिट्टी (fullers earth) तैलीय (oily) त्वचा वालों के लिए बहुत ही गुणकारी हैं, मुल्तानी मिट्टी चेहरे के तेल को सोखने का काम करता है.     यह तेलीय त्वचा वालों के लिए बहुत ही अच्छा फेसपैक (face pack) बन सकता है। मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करने से दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) से छुटकारा मिलता है क्युकी ये pimples को अच्छे से सूखा देता है और जड़ से खत्म करता है। मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करने से पहले उसको पानी डाल के छोड़ दें और उसको अच्छी तरह से फूलने दें, उसके बाद उसे अपने चेहरे पर अच्छी तरह से लेप लगा लें। सूखने के बाद इसको हल्का गर्म पानी से धो लें। ऐसा करने से जल्दी ही आपको इसका परिणाम नजर आएगा।

Psoriasis के कारण inlcude अपने प्रतिरक्षा प्रणाली, के कुछ विकार है जो सफेद रक्त कोशिकाओं संक्रमण से अपनी जीव की रक्षा के लिए जिम्मेदार हो सकता है कि अनुसंधान से पता चलता है। जब रोगी सोरायसिस से ग्रस्त है, उनकी त्वचा टी कोशिकाओं (श्वेत रक्त कोशिका) गतिविधि है, जो त्वचा कोशिकाओं के तेजी से विकास करने के लिए योगदान देता है क्योंकि सूजन है। यह त्वचा पर उठाया पैच में पता चला है।

दाग धब्बों को दूर करने के लिए लाल मसूर की दाल और दूध का भी पैक बनाया जा सकता है। 1 चम्मच साफ़ और धुली लाल मसूर की दाल को कच्चे दूध में भिगोकर रखें। सुबह इसे दूध के साथ पीसकर एक दानेदार पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर हलके हाथों से रगडें। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और इसके बाद कुछ देर तक दोबारा अपने चेहरे को रगड़कर इसे गुनगुने पानी से धो लें। हफ्ते में इसका 2 बार प्रयोग करने पर आपको 15 दिनों में फर्क दिखने लगेगा।

जैतून का तेल(Extra virgin olive oil) पौष्टिक गुणों के साथ भरपूर है। यह उचित ब्लड सर्कुलेशन को बनाए रखता है और त्वचा में सुधार करता है। आप कुछ समय के लिए जैतून के तेल के साथ अपने प्रभावित क्षेत्रों पर मालिश कर सकते हैं। इसे दैनिक रूप से उपयोग करें। 

एलोविरा का प्रयोग करें: एलोविरा का रस एक ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है जो कई प्रकार कि बिमारियों, चोट लगना, जल जाना, या मुँहासों को दूर करता है | यह त्वचा को फिर से नया बनाकर नमी प्रदान करता है | एलोविरा को किसी भी दुकान में पाया जा सकता है, लेकिन एलोविरा के पत्तियों का रस सब से ज्यादा उपयोगी माना गया है | इसके जैल को धब्बों पर लगाकर छोड़ दें | धोने की भी जरुरत नहीं है |

निखिल जी हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए आपका बहुत धन्यवाद. निखिल जी आज जब मैं युवाओ को देखता हूँ तो तब उन्हें देखकर लगता ही की वे कितना खुबसूरत बनने की चाह रखते है. इसी चक्कर में वे कई गलतियाँ कर देते है. उन्ही में एक है कील – मुंहासे. उनकी त्वचा की समस्या को मैंने आज इस पोस्ट में तब विस्तार से लिखा. धन्यवाद

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रोजाना सुबह खाली पेट दो से तीन लहसुन की कलियाँ खाएं। अगर खाने में परेशानी हो तो आप लहसुन के तेल से मसाज भी ले सकती हैं। अगर ये तेल आपको बाजार में मिलना मुश्किल हो तो घर पर मसाज ऑयल बनाएं। उसके लिए एक चम्मच नारियल तेल, एक चम्मच सरसों का तेल, एक चम्मच तिल का तेल लें और इन तीनों में 8 से 9 कलियाँ लहसुन की डालकर हल्का गुनगुना कर लें। फिर इस तेल से मसाज करें।

दालचीनी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती है, लेकिन यह सोचकर इसका अधिक मात्रा में सेवन न करें। यदि आपको लगता है कि एक बार में जादा खुराक लेने से आपको दालचीनी का जल्दी लाभ मिलेगा, तो आप जो सोच रहे है वह बिलकुल गलत है। क्योंकि इसके बहुत जादा सेवन से आपको लाभ मिले ना मिले परंतु इसके दुस्प्रभाव का सामना आपको अवश्य करना पड़ सकता है

लहसुन की कलियों को पीसकर हल्दी मिला लें और इसे ठन्डे पानी से धो लें। इसके इस्तेमाल से पिम्पल्स की समस्या दूर हो जाएगी। पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए जेल युक्त टूथपेस्ट को इस पर लगाकर 1 घंटे के लिए छोड़ दें। ऐसा करने से आपके पिम्पल्स एक रात में ही दूर हो जायेगे।

डॉक्टरी पर्चे के बगैर, त्वचा के धब्बों को कम करने वाली क्रीम का उपयोग करें: इन क्रीम में कोजिक एसिड, अर्बुटिन, मलबरी (mulberry) का रस, लीकोरिस (licorice) का रस और विटामिन सी पाए जाते हैं | इससे त्वचा को बिना जलन या नुकसान पहुंचाए, दाग, धब्बे फीके पड़ जाते है |[४]

नीचे लिखे मुँहासे हटाने के लिए घरेलु उपाय  को अपने जीवन का हिस्सा बनाये इससे चेहरे पर चमक बनी रहती हैं और रंग निखरता हैं .सभी मुँहासे हटाने के लिए घरेलु उपाय  बहुत आसान हैं, जिसके कई फायदे हैं जो आपको सुंदर त्वचा दे सकते हैं . तो चलिए आज हम आपको बताते है, मुहासे कैसे दूर करें.

Dalchini आपके रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स और एल.डी.एल. (“खराब कोलेस्ट्रॉल”) के स्तर को काफी कम कर सकती है, जिससे हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है। दालचीनी में मौजूद सक्रिय संघटक कोशिकाओं की चीनी को तोड़ने की क्षमता को 22 गुना तक बढ़ा देते हैं।

डॉक्टर का निदान होगा यदि मुर्गा नहीं हैंकुछ अन्य त्वचा रोग, और आवश्यक विटामिन दवाओं से संतृप्त लेने में मदद करें। इसके अलावा, यदि आप माथे पर प्रजनन करने वाले चिड़ियों के साथ चिंतित हैं, तो उपचार में विशेष मलहम शामिल हो सकते हैं।

* पुदीने की पत्तियाँ : जब भी आपको अपने छालों को ठीक करना हो, तो पुदीने की पत्तियाँ भी काफी काम आती हैं। इसके लिए पुदीने की पत्तियों का पानी और शहद के साथ मिलाकर गूदा बना लें और इन्हें अच्छे से पीस लें। इसे अपनी जीभ पर अच्छे से लगाएं और जीभ को मुंह के बाहर रखने की कोशिश करें। इसे 10 मिनट तक इसी तरह रखें और फिर सादे पानी से धो लें।

दलिया तेल, गंदगी और अन्य टॉक्सिन्स को बाहर निकल देता है। शहद में जीवाणुरोधी गुण होता है जो बैक्टीरिया से मुकाबला करता है और एक्ने (acne) बनाने के कारण को रोकती है और इसका ठंडक देने वाला गुण प्रभावित क्षेत्र को ठीक करने में मदद करता है और लाली और सूजन को रोकता है।

जिन लोगो को समय समय पर पिम्प्लेस हो जाते है उन लोगो के लिए करेला एक बहुत ही अच्छा उपाय है. करेले को काटकर उबाल ले या उसके रस को निकालकर पीने से यह खून (blood) को साफ कर देता है. जिससे पिम्प्लेस (pimples) पूरी तरह से खत्म हो जाते है और चेहरा सुंदर व कोमल दिखाई देने लग जाता है.

किशोरावस्था एक ऐसी अवस्था है जिसमे शरीर का विकास (growth) पूरी तरह से होने लग जाता है जिससे शरीर के हारमोंस मे बदलाव आते रहते है इसी वजह से चेहरे पर कील, मुहांसे, दाने जैसी समस्या शुरु होने लग जाती है. तथा फुंसी और मुहासों का एक कारण skin पर मौजूद तैलीय परत को भी माना जाता है .जिससे रुखी त्वचा की ऊपर आने की प्रकिया रुक जाती है और पिम्प्लेस हो जाते है

अपने मुँहासों पर एक प्राकृतिक एसिड को डालें: नींबू के ताज़ा रस तथा एपल साइडर विनेगर (apple cider vinegar) को भी मुँहासों के इलाज के लिए प्रयोग किया जा सकता है। यदि आपके मुँहासों का मुहँ खुल गया है तो यह ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें तथा फिर ठण्डे पानी से धो लें।

नीम एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसका उपयोग आप त्वचा की देखभाल के लिए कर सकते है। नीम का उपयोग त्वचा को साफ करने में मदद करता है। नीम पिम्पल, धब्बे और किसी भी प्रकार के स्किन इन्फेक्शन का इलाज कर सकता है। इसका इस्तेमाल भी आसान है जैसे नीम के पत्तों का पेस्ट बना लें और उसे 20 मिनट तक अपने चहरे पर लगा कर रखें। फिर इसे हल्के गर्म पानी से धो लें।

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मुँहासे की समस्या खासतौर पर हारमोन्स में परिवर्तन एवं त्वचा की अधिक तैलीय ग्रंथियों के कारण होता है पर कभी – कभी शारीरिक सफाई का ध्यान न रखने, चॉकलेट अधिक खाने व निरंतर व्यायाम न करने से भी निकल आते है |

इस तरह के चकत्ते का उपचार लंबे समय से है, क्योंकिComedones हल नहीं करते हैं और अपने आप से बाहर मत जाओ। गुणात्मक उपचार के लिए इस तरह के मुँहों का कारण जानने के लिए महत्वपूर्ण है, जो एक नियम के रूप में, हार्मोनल असंतुलन या अनुचित शरीर स्वच्छता के होते हैं।

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