“मुँहासे के निशान से छुटकारा पाने एक सप्ताह में मुँहासे के निशान से छुटकारा”

कमर दर्द की समस्या आजकल आम हो गई है। सिर्फ बड़ी उम्र के लोग ही नहीं बल्कि युवाओं में भी कमर दर्द की शिकायत रहती हैं। इसकी मुख्य वजह बेतरतीब जीवनशैली और शारीरिक श्रम न करना है। अधिकतर लोगों को कमर के मध्य या निचले भाग में दर्द महसूस होता है। यह दर्द कमर के दोनों और तथा कूल्हों तक भी फैल सकता है। बढ़ती उम्र के साथ यह समस्या बढ़ती जाती है जिससे काम करने में परेशानी होती है। आप अपनी कुछ आदतों को बदलकर इससे काफी हद तक बच सकती है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप कमर दर्द को छूमंतर कर सकती है।

एबॉट के बाउंसर से घायल हुए विल पुकोस्की जेब्रा क्रॉसिंग तो है पर नहीं मिलता पूरा समय चित्तरंजन एवेन्यू में 70 वर्ष पुराने मकान का हिस्सा ढहा इस बार स्नूकर में भारत ने पाकिस्तान को किया धराशायी केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नॉन सीरियस नेता हैं

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

यदि आप अपने चेहरे पर कपूर के अंदर नींबू रस , हल्दी पाउडर , और 2,3, चम्मच बेसन मिला कर लगते है. तो इससे आपके मुह से मुहासे और झुरिया साफ हो जाती है और यदि बेसन को लस्सी या दही में मिला कर फेस पर लगाने से भी झाइयां और कील मुँहासे दूर हो जाते है.

बवासीर में कच्ची मूली या मूली के पत्तों सब्जी बनाकर खाना फायदेमंद होता है. हर रोज सुबह उठते ही एक कच्ची मूली खाने से पीलीया रोग में आराम मिलता है. अगर पेशाब का बनना बंद हो जाए तो मूली का रस पीने से पेशाब दोबारा बनने लगती है. आधा गिलास मूली का रस पीने से पेशाब के साथ होने वाली जलन और दर्द मिट जाता है. खट्टी डकारें आती है तो मूली के एक कप रस में मिश्री मिलाकर पीने से लाभ मिलता है.

अच्छा लिखा हे !मैंने बहुत क्रीम का इस्तेमाल किया लेकिन मैं किसी भी क्रीम से कभी संतुष्ट नहीं थी, फिर मैंने मस्तानी फेस क्रीम की कोशिश की। मैं हमेशा अमृता फार्मा के उत्पादों को खरीदने का सुझाव देता हूं क्योंकि यह प्राकृतिक और बहुत प्रभावी है| आप यह मस्तानी फेसक्रीम जरूर इस्तेमाल करे और आपको १०० परसेंट रिजल्ट आएगा |

अपनी नाक को ज़्यादा ब्लो न करें, खासकर एक साइड पर। उसका ज़ोर बलगम को आपके साइनस और कानों में और अंदर ब्लो कर सकता है, जिससे सिरदर्द व कान में दर्द होगा। अगर आपको ब्लो करने की ज़रूरत है, तो ऐसा आराम से व दोनों नॉस्ट्रील्स के साथ करें।

Aloe Vera हमारे चेहरे के लिए बहुत फायदेमंद होता है जिस कारण यह बहुत प्रसिद्ध है. इसका रस कील – मुंहासो पर लगाने से कील – मुंहासे बहुत जल्दी ठीक हो जाते है. अपने चेहरे को खुबसूरत बनाये रखने के लिए भी आप एलोवेरा का प्रयोग कर सकते है.

इन उपायों को जब आप अपनाते है तो अपना धैर्य बनाये रखे क्योंकि आयुर्वेदिक तरीके अपना असर धीरे – धीरे करते है. अगर आप लगातार यह करते रहोगे तो आपको भी दाग – धब्बो से छुटकारा मिल जायेगा और चेहरे में निखार आने लगेगा.

एक छोटा चम्मच ताजे नींबू के रस को डेढ़ बड़े चम्मच पानी के साथ मिलाएं। रुई की सहायता से इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाएं। इसे 10 मिनट के लिए सूखने दें और फिर अपना चेहरा गर्म पानी से धो लें। नींबू का रस आपकी त्वचा को सुखा सकता है इसलिए इसे करने के बाद थोड़ा सा तेल रहित मॉइस्चराइज़र लगाएं। यह प्रक्रिया रोज़ाना दिन में एक बार करें।

बहुत ही खूब सुरेंद्र जी, इस Post में आपने कील-मुहांसो के सभी कारणों की जानकारी दे दी और साथ ही साथ उनसे राहत पाने के लिए सबसे उपयोगी सभी घरेलू नुस्खों के बारे में भी बता दिया। बहुत से लोग chemicals का उपयोग करते है ,उन्हें लगता है कि तरह तरह की chemicals वाली creams और lotions use करके उन्हें इससे छुटकारा मिल जाएगा ,छुटकारा तो उन्हें मिल जाता है, मगर जो उनकी skin को नुकसान होता है उसके बारे में वह कभी सोचते भी नहीं न ही उन्हें जानकारी होती है। आपने सभी घरेलू नुस्खे बताये है जोकि बहुत ही फायदेमंद है और skin की natural glow को बनाये रखते है। इतनी उपयोगी जानकारी के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

बर्फ के क्यूब्स का उपयोग त्वचा से बड़े आकार के छिद्रों को रोकने के लिए किया जा सकता है | वे न केवल छिद्र को कम करते हैं और उन्हें छोटा करते हैं, बल्कि आपके चेहरे पर अतिरिक्त तेल के उत्पादन को रोकते हैं | लगातार त्वचा में ice cube से massage करने से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है |

त्वचा के चकत्ते का इलाज – (Freckles)- त्वचा पर जहाँ कहीं भी चकते हों, उन पर नींबू का टुकड़ा मसले। नींबू में फिटकरी का पाउडर भरकर धीरे धीरे लगाये। इससे चकते हल्के होते हैं और त्वचा में निखार आ जाता है। इसके अलावा हाथ धोकर नींबू का रस रगड़ने से हाथ नरम हो जाते हैं और नाखून सुंदर हो जाते है|

यह उनमे से किसी के भी साथ हो सकता हैं जो लोग व्रत रखते हैं, चाहे वो धार्मिक कारणों के लिए, या जो खाने में रूचि नहीं लेते। यदि आप खाने में रूचि नहीं लेते हैं तो मुँह से दुर्गंध ही एक कारण हैं खुद को भूखा न रखने का।

मुहासे होने का कारण में मुख्य कारण है की जवानी (पुबेर्टी) में होर्मोन्स बनते है| इस से शरीर के त्वचा, और ख़ास कर के चेहरे पर की त्वचा में रहे तेली ग्रंथि तेल का ज्यादा निर्माण करते है| अगर त्वचा साफ़ न रखे तो यह तेल और मेल मिल के त्वचा के छिद्र को बंद कर देते है और फिर बैक्टीरिया के कारण कील याने मुहासे बन जाते है| अगर लहू स्वच्छ न हो, आहार सही न हो, तले हुए और मसालेदार चीज़ खाए या तो अधिक कास्मेटिक का उपयोग करे तो भी यह समस्या कड़ी हो सकती है|

चेहरे से  फुंसी मुहांसे से बचने के लिए साफ सफाई का पूरा ध्यान रखे, कील मुहासों से बचने के लिए अपने चेहरे को पूरी तरह साफ रखे और चेहरे को साफ पानी से ही धोए और धोते समय चेहरे को ज्यादा न रगड़े व चेहरे को बार बार हाथ न लगाये जिससे हाथ पर जमा धुल के कण चेहरे पर नही आयंगे तोलिये और रुमाल को बिना धोए अधिक समय तक उपयोग मे न लाये नही तो पिम्प्लेस और अधिक हो जायंगे

जब भी आप अपने डेस्क तथा कंप्यूटर पर लम्बे समय तक बैठते हैं तो बीच-बीच में खड़े हों और एक ब्रिस्क वॉक (brisk walk) लें। यहाँ तक कि अपनी डेस्क पर ही कूल्हों या पैरों की कसरत करें जिससे खून के प्रवाह में मदद मिलेगी।

जिस तरह हम लोग रोज नहाए रोज मुंह धोए बिना नहीं रह पाते हैं उसी तरह हमें अपने कानों का भी जरुर ख्याल रखना चाहिए क्योंकि कानों की सफाई अगर हम नहीं करेंगे तो धीरे-धीरे कान के अंदर जो हमारा महल है वह जनता जाएगा जनता जाएगा और एक समय ऐसा आएगा कि उसकी वजह से हमारे कान की सुनने की क्षमता बहुत ही ज्यादा कम हो जाएगी साथ ही कान में दर्द होना भी शुरू हो जाएगा!

किसी भी लड़के या लड़की के मुंह पर मुहासे होने का सबसे प्रमुख कारण उसकी त्वचा का बेजान होना  और पूर्ण  पोषण ना मिल पाना यह मुहासे होने का सबसे बड़ा कारण होता है.और इसके  अलावा और भी बहुत से कारण है. जिनसे मुहासे हो सकते है. उनके बारे में हम आपको निचे बता रहे है.

खीरा तो हम सभी लोग खाते है. लेकिन यह खीरा हमारी त्वचा को भी स्वस्थ बनाये रखता है. चेहरे में खीरे का use करने से हमारे चेहरे पर निखार आता है और हमारी त्वचा ग्लो करती है. आप खीरे के पेस्ट को अपने मुंहासो में प्रयोग करे और फायदा देखे.

एलोवेरा में रोगाणुरोधी (Antimicrobial) गुण होते हैं, जो मुँहासे का कारण बनने वाली तेलीय त्वचा के उपचार के लिए आदर्श होते हैं। इसके अलावा, एलोवेरा आपकी त्वचा की सतह से अतिरिक्त तेल को अवशोषित करने में भी मदद करता है। 

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