“मुँहासे को कैसे नियंत्रित करें +मुँहासे से छुटकारा कैसे मिल सकता है”

–> लहसुन पिंपल को हटाने में किसी चमत्कारिक उपचार से कम नहीं है | दरअसल लहसुन एक एंटीवायरल, एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सिडेंट है जो पिंपल के घाव को बड़ी आसानी से ठीक कर देता है | आपको सिर्फ इतना करना है कि शरीर के जिस भाग पर पिंपल  हो लहसुन छीलकर लगा ले | 5 मिनट तक लगे रहने के बाद हल्के गुनगुने पानी से धो ले |

एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं और रोज़ रात को सोने से पहले इसे पी लें। यह हार्मोन संतुलन में मदद करेगा, जो त्वचा में अतिरिक्त तेल के उत्पादन को नियंत्रित करेगा। (और पढ़ें – हार्मोन्स का महत्व महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए)

अध्ययन में, दालचीनी ने गठिया दर्द से जुड़े साइटोकिन्स (cytokines) को कम करने के लिए सकरात्मक प्रभाव दिखाए हैं। मरीजों को सुबह-शाम शहद के एक चम्मच के साथ दालचीनी पाउडर का आधा चम्मच मिलाकर खाने से एक हफ्ते के बाद गठिया के दर्द में काफी राहत मिली और वे एक महीने के भीतर दर्द के बिना चल-फिर भी पा रहे थे।

” यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो lifealth.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है। ”

Yoghurt also works as an inflammation reducing agent and reduces the itchiness in the affected region. It can be applied directly on the pimple. It will reduce the temperature of that area and stop the growth of the bacteria in that region, thus helping to kill the pimple.

3 – गुलाब जल में बराबर मात्रा में निम्बू का रस मिलाकर मिश्रण तैयार कर लीजिये और उस मिश्रण को चेहरे पर करीब आधे घंटे तक लगा कर रखे फिर ताजे पानी से चेहरा धो ले, इस प्रयोग को चेहरे पर करीब 15  दिन तक करें, जिससे आपके चेहरे के मुँहासे ठीक हो जायेंगे.

चिकित्सा के लिए सबसे कठिन प्रकार की चकत्ते -सूजन मुँहासे यह बेहतर है यदि मवाद की सतह पर है, इसका मतलब यह है कि त्वचा स्वयं सफाई है लाल बड़े ट्यूबरल, पेल्पाशन की कोमलता से सूजन की सूक्ष्म त्वचा की प्रक्रिया, बैक्टीरिया का प्रजनन दर्शाता है।

अगर आपको हमारी दी गई जानकारी अच्छी लगे तो जरूर इसे दूसरों के साथ भी सांझा करें हम हमेशा इसी बात के लिए तत्पर रहते हैं कि अपने पाठकों के लिए अच्छी से अच्छी जानकारी हम हमेशा लेकर आए जो कि आप के काम आए तो नीचे दी गई वीडियो को ध्यान से देखें!

नई दिल्‍ली : सांसों की दुर्गन्ध और मुंह की बदबू एक ऐसी समस्‍या है, जो कई लोगों  में पाई जाती है। आपके मित्र, सहकर्मी और अन्‍य आपके पास बैठने से कतराते हैं। मुंह से आती दुर्गन्ध और सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह में मौजूद एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है। कई बार तो लोग इस समस्या से अंजान होते हैं। इस बदबू के कई कारण होते हैं, जैसे-गंदे दांत, पाचन की समस्या और धूम्रपान। कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर इस समस्‍या से छुटकारा पाया जा सकता है।

प्राकृतिक जड़ी बूटियाँ खाएँ: मुलैठी (licorice), मेथी और चिकवीड (chickweed) जैसी जड़ी बूटियाँ खाना आपके गले से बलगम साफ करने में मदद करेगा। इन्हें अपने खाने में जोड़ें या अगर आप स्वाद को बर्दाशत कर सकते हैं, तो इन्हें कच्चा खाएँ या पानी में उबालकर इनकी चाय बनाएँ।[२]

ऑयल पुलिंग बहुत ही पुराना नुस्‍खा है जो कैविटी को कम करने के साथ-साथ मसूढ़ों से खून बहना और सांस की बदबू को भी दूर करता है। साथ ही यह दंत समस्याओं के विभिन्न प्रकारों के लिए जिम्मेदार हानिकारक बैक्‍टीरिया को मुंह से साफ करने में मदद करता है। इसके लिए तिल के तेल की एक चम्‍मच को मुंह में रखें। फिर इससे 20 मिनट तक मुंह में रखकर थूक दें। लेकिन इसे निगलने से बचें। फिर अपने मुंह को गुनगुने पानी से धो लें। रोगाणुरोधी लाभ पाने के लिए नमक के पानी का प्रयोग करें। फिर हमेशा की तरह अपने दांतों को ब्रश करें। इस उपाय को रोजाना सुबह खाली पेट करें। यह उपाय सूरजमुखी या नारियल के तेल के साथ भी जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *