“मैं कैसे जल्दी से मुँहासे से छुटकारा पा सकता हूं शहद के साथ मुँहासे से छुटकारा”

अपने दांत अच्छे से साफ करें: मुंह कि दुर्गन्ध को दूर करने के लिए दांतो को अच्छी तरह से साफ करना एक अच्छा तरीका है, जो आप आसानी से कर सकते हैं। दिन में दो बार, कम से कम दो मिनट के लिए ब्रश करें और ध्यान रखें कि आप मुंह के अंदर सभी जगह अच्छी तरह से साफ कर रहे हैं। खास तौर पर जहां दांत और मसूड़े आपस में मिलते हैं वहां ध्यान केंद्रित करें।[१]

एसिडिटी का प्रमुख लक्षण है रोगी के सीने या छाती में जलन। अनेक बार एसिडिटी की वजह से सीने में दर्द भी रहता है, मुंह में खट्टा पानी आता है। जब यह तकलीफ बार-बार होती है तो गंभीर समस्या का रूप धारण कर लेती है।

हल्दी खाएँ: यह प्राकृतिक एंटीसेप्टिक आपके शरीर में बलगम बनाने वाले बैक्टीरिया को मारता है। आप जो कुछ भी पीते हैं उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाएँ या इसे एक गिलास पानी के साथ पिएँ। प्रतिदिन इस पदार्थ के कुछ छोटे चम्मच आपको बहुत जल्दी बलगम-मुक्त कर देंगे।

फिलर का प्रयोग करें: मुँहासे आपकी त्वचा पर हमेशा के लिए दाग छोड़ सकते हैं, जिसे भरना नामुमकिन साबित हो सकता है | फिलर इंजेक्शन इन निशानों को भरकर त्वचा को एक समान बनाता है | लेकिन, इस प्रक्रिया को 4-6 महीनों में दोहराना पड़ता है |[१०]

–> कपूर का एक टुकड़ा शीशी में डालकर ढक्कन लगा दें और किसी गर्म जगह पर रख दें | आधे घंटे में कपूर लोशन बन जायेगा | तब उसे ¼ चम्मच सूखे जायफल के पाउडर, ¼ चम्मच चंदन चूरा और इतने ही हल्दी पाउडर मिलाकर मुँहासों पर लगाये, आधे घंटे बाद मुंह धो लें |

अगर मुँहासों में संक्रमण हो जाए तो इनमें दर्द, जलन और पस निकलने लगता है जो की एक अत्यधिक गंभीर समस्या बन सकता है | मुहाँसे अक्सर 15 से 25 साल की आयु में निकलते है पर यह तय नहीं है क्योंकि यह अन्य आयु वर्ग के लोगों को भी हो सकते है |

How to get rid of acne and pimples, how to remove acne, how to stop acne by simple beauty secrets. Remove acne scars, remove acne over night, remove acne at home, acne treatment, how to get rid of acne scars, how to get rid of acne naturally,

यह सोचा है कि सोरायसिस ठीक नहीं किया जा सकता है और त्वचा की यह स्थिति पुरानी है। जब आप छालरोग उपचार दवा लेने या समय-समय खराब अस्थिर होने के नाते, यह सुधार कर सकते हैं। समय पर सोरायसिस साल छूट अवस्था में रहने के लिए प्रकट नहीं होता है। सर्दियों की अवधि समय जबकि गर्मियों के महीनों, इसके विपरीत, धूप में घूमना – एक असली प्राकृतिक छालरोग उपचार के लिए धन्यवाद त्वचा में सुधार जब हालत, खराब कर सकते हैं हो सकता है।

मुँहासे से छुटकारा पाने में सबसे मुश्किल हैकिशोरावस्था। इस तरह की चकत्ते हार्मोनल विकारों के परिणाम हैं। एण्ड्रोजन के अधिक मात्रा में वसामय ग्रंथियों की वृद्धि हुई गतिविधि होती है, जिसके परिणामस्वरूप त्वचा पर चकरा पड़ता है। ऐसे मामलों में हार्मोन थेरेपी में दुष्प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए आपको मुँहासे के लिए विशेष रूप से धन के चयन की आवश्यकता है। कुछ मामलों में, ब्यूटीशियन अतिरिक्त प्रक्रियाओं को लिख सकता है, उदाहरण के लिए तरल नाइट्रोजन के साथ मालिश, त्वचा पिलिंग, विशेष सफाई। इसके अलावा, दवाएं जो वसामय ग्रंथियों की गतिविधि को कम करती हैं, और संयुक्त दवाएं जो बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में प्रभावी होती हैं

Rat ko sone se pahle kacche dudh ke sath jayfal ko ghise or isk alep tayaar kar le, or is lep ko chehre par laga kar so jaye. Subh chehra saaf pani se dho dey. Kuch din aisa lgatar karne se chehre par hone wale muhaso se chutkara milta hai.

 Sarita, for more than 6 decades, has been refreshing the minds and moods of millions of its readers. It appeals to an urban and socially conscious intelligentsia. Sarita carries a distinctive mix of articles on subjects ranging from politics, society, economy, travel, health, fiction, poetry, life and entertainment. Its deeply introspective articles invite its readers to delve into the softer issues of life, relationship, family and personal development, and prepare themselves for a modern, progressive lifestyle. Sarita’s stories always make a delightful read. Humour and satire remain an integral part of Sarita. No edition of Sarita is complete without its refreshing cartoon strips and satirical illustrations.

सांसों की दुर्गन्ध और मुंह की बदबू एक ऐसी समस्‍या है, जो कई लोगों  में पाई जाती है। आपके मित्र, सहकर्मी और अन्‍य आपके पास बैठने से कतराते हैं। मुंह से आती दुर्गन्ध और सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह में मौजूद एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है। कई बार तो लोग इस समस्या से अंजान होते हैं। इस बदबू के कई कारण होते हैं, जैसे-गंदे दांत, पाचन की समस्या और धूम्रपान। कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर इस समस्‍या से छुटकारा पाया जा सकता है।

नई दिल्लीः इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सत्र के लिए किंग्स इलेवन पंजाब ने मुख्य कोच और गेंदबाजी कोच के नाम का ऐलान कर दिया है। पंजाब ने वेंकटेश प्रसाद को गेंदबाजी कोच, जबकि ब्रेड हॉज को मुख्य कोच [Read more…]

1- अगर आपको सर्दी जुकाम की समस्या है तो इससे आराम पाने के लिए 10 ग्राम मुलेठी, 10 ग्राम काली मिर्च, 5 ग्राम लौंग, 5 ग्राम हरीतकी और 20 ग्राम मिश्री को एक साथ मिलाकर पीस लें. अब इसके पाउडर में 1 चम्मच शहद मिलाकर चाट लें. ऐसा करने से  कफ, सर्दी-खांसी और जुकाम समस्या दूर हो जाएगी.

Mera naam kuldeep h or sir mai apne face oar hone wale pimples se kaphee pareshan hu . Mere face pe pinples pichle kareeb 4 saal se h me jab bhi dawaee leta hu tab ye thik ho jaate h but dawaee ko band karne ke baad ye pehle jaise wapas hi jaate h. Sir mere face oe rojana bahut sare white colour ke pimples aa jate h or ek – do din me ye khatam ho kar wapas naye nikalne suru ho jaate h aisa sir mere sath pichhle 2 saloo se ho rha h or sir pimples ke wajah se mera ghar se niklna mushkil ho gya h or sir mere face pe pimples ke daag bhi h or unki wajah se mere face par kuch jagah par small holes ho gye h .

इसके अलावा और भी कई कारण हैं जो इस समस्या को जन्म देने का काम करते हैं। समय पर दांत को साफ ना करना, पाचन क्रिया का ठीक ना होना और धूम्रपान का सेवन करना यही इसके सबसे बड़े कारण बनते हैं। आज हम आपको इस समस्या से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं। जिससे आप अपनी परेशानी से छुटकारा पा सकती हैं। जानें वो घरेलू उपाय…

दातों के नुकसान से बचें: हर 6 महीने में दाँतों की सफाई कराएं (अगर ज्यादा महंगा हो तो काम से काम साल में एक बार)। यह दाँतों में सख्त पत्थर या टार्टर (कठोर दंत पट्टिका का एक रूप है) और अन्य खनिजों के संचय को रोकने में मदद करता हैं । समय के साथ दाँतों और मसूड़ों के बीच के इस जमाव के कारण दाँत ढीले और खराब होने लगते हैं।

#1 – Dermasis, 94 अंक हमारे 100 के। Dermasis लक्षण है कि आपकी त्वचा लाल और एक दो गुना दृष्टिकोण के साथ बद देखो करने के लिए कारण से लड़ने में मदद करता है एक प्राकृतिक छालरोग फार्मूला है। Dermasis के सक्रिय संघटक, चिरायता का एसिड, 2% को उत्तेजित करता मृत की इस परत के बहा त्वचा कोशिकाओं आपके सोरायसिस को कम करने में मदद करने के लिए।

जड़ीबूटी और मसालों का इस्तेमाल करें: अजवाइन को कच्चा खाने से आपका मुंह और दांत साफ़ रहते हैं, और इससे आपकी सांस दुर्गंध भी दूर हो जाती है। इलायची, छिलकों के साथ या पिसी हुई खाने से आपकी सांस को ताजा रखने में मदद मिलती है। मसालेदार भोजन के बाद सौंफ को चबाएं, या इन्हें पीस कर टूथब्रश पर छिड़कर ब्रश करें।[१३]

मुहासे होने का कारण में मुख्य कारण है की जवानी (पुबेर्टी) में होर्मोन्स बनते है| इस से शरीर के त्वचा, और ख़ास कर के चेहरे पर की त्वचा में रहे तेली ग्रंथि तेल का ज्यादा निर्माण करते है| अगर त्वचा साफ़ न रखे तो यह तेल और मेल मिल के त्वचा के छिद्र को बंद कर देते है और फिर बैक्टीरिया के कारण कील याने मुहासे बन जाते है| अगर लहू स्वच्छ न हो, आहार सही न हो, तले हुए और मसालेदार चीज़ खाए या तो अधिक कास्मेटिक का उपयोग करे तो भी यह समस्या कड़ी हो सकती है|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *