“अब स्वाभाविक रूप से मुँहासे से छुटकारा -मुंह से छुटकारा पाने के लिए सबसे तेज़ तरीके”

चेहरे से पिंपल और कील निकालना आजकल साधारण सी बात हो गयी है लेकिन इनके निशान बाद मे रह जाते है जिससे चेहरे पर धब्बे जैसे नजर आते है। अगर आप अपने खान पान पर ध्यान नही रखते है तब भी आपके चेहरे पर मुहासे हो सकते है। अगर आप अपनी स्किन हो Hydrate रखते है तो आपको इस समस्या का सामना नही करना पड़ेगा इसके लिए आप दिन मे भरपूर पानी का सेवन करे।

कई बार मुँहासे तो ठीक हो जाते हैं पर उनके दाग इतने गहरे हो जाते हैं कि वह जल्‍दी से जाने का नाम नहीं लेते हैं। इससे जल्दी छुटकारा पाने के लिए हम बाज़ार मे पाए जाने वाले रसायन युक्त उत्पादो का प्रयोग करते हैं, बिना उनके नुकसानों के बारे में सोचे। इसलिए अलग-अलग तरह की क्रीम का प्रयोग करने से अच्‍छा है कि आप इन चेहरे के दाग धब्बों को हटाने के लिए घरेलू उपाय अपनाएं।

इन उपायों को जब आप अपनाते है तो अपना धैर्य बनाये रखे क्योंकि आयुर्वेदिक तरीके अपना असर धीरे – धीरे करते है. अगर आप लगातार यह करते रहोगे तो आपको भी दाग – धब्बो से छुटकारा मिल जायेगा और चेहरे में निखार आने लगेगा.

अपने भोजन पर ध्यान दें एलर्जी प्रतिक्रियाओं की प्रवृत्ति के अभाव में भी, कुछ उत्पाद मुँहासे के गठन में योगदान कर सकते हैं। बड़ी मात्रा में कॉफी, बेकरी उत्पाद, फैटी, तली हुई और स्मोक्ड खाद्य पदार्थ त्वचा की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। बहुत सारे खाद्य पदार्थ और मसालों खाएं जो खून को शुद्ध (कच्ची सब्जियां और फलों, अदरक, हल्दी, धनिया);

परेशान करने वाली चीज़ों से दूर रहें: घरेलू क्लीनर्स, एनैमल्स (enamels), रंग के धुएँ और अन्य रसायन रेस्पीरेटरी स्थिति को बिगाड़ते हैं और बलगम के स्तर को बढ़ाते हैं। अपने घर में ताजी हवा आने के लिए अपनी खिड़कियों को खुला रखें, अपनी बीमारी के दौरान परेशान करने वाली चीज़ों को अंदर रखें और ऐसी जगह जाने से बचें जहाँ ये सब होने की संभावना है (जैसे बार या एक पेंट की दुकान।[४]

नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

पीठ के मुहाँसे भी चेहरे के मुहंसों की तरह ही भयानक होते है। रिसर्च में ये पता चला है कि जिन लोगों को चेहरे के मुहांसों की समस्या ज़्यादा होती है, वही लोग पीठ के मुहांसों से भी उतने ही पीड़ित होते है। पीठ के मुहांसों का एक पहलू ये भी है कि इनके तक पहुँचना और इनका इलाज करना बहुत मुश्किल है क्योंकि इन तक पहुँचना और इनको देख पाना एक आसान नहीं है। मुहांसों का कहीं भी शरीर पर निकलना में मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन है। ये यौवन अवधि के दौरन एस्ट्रोजन (estrogen) और टेस्टास्टरोन (testosterone) हॉर्मोन (hormones) के अधिक स्राव के कारण होते है और जैसे ही कोई 20 साल की उम्र को पार करता है ये अपने आप चले जाते है। ये मुंहासे आपकी छाती, कंधे, पैर और हिप्स पर भी हो सकते हैं। बॉडी लोशन, मसाज ऑयल (massage oil) और सनस्क्रीन (sunscreen) आदि का इस्तेमाल करने से रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और मुंहासे हो जाते हैं। तनाव, अनियमित नींद, अस्वस्थ लाइफस्टाइल, खानपान की ग़लत आदतें और अधिक काम का बोझ भी कुछेक कारण है मुहाँसे निकालने का। यहाँ हम आज कुछ ऐसे ही घरेलू उपाय और घरेलू उपचारों की बात करेगें जिसकी मदद से आप पीठ के कील मुहांसों से निजात पा सकेगें।

बेकिंग सोडा या सोडियम बाइकार्बोनेट आपकी त्वचा के लिए एक सौम्य परत के रूप में काम करता है। इस प्रकार, यह रोम छिद्र को निकालता और मृत त्वचा को हटाता है। यह त्वचा के पीएच(pH) संतुलन को विनियमित रखने में मदद करता है और इसमें हल्के सूजन को कम करने और एंटीसेप्टिक गुण भी होते है। इन सभी विशेषताओं के कारण यह मुँहासे समाशोधन के लिए एक उत्कृष्ट उपाय है।

गोरे चेहरे पर अगर एक भी दाग हो तो वह सुदरता को कम कर देता है। आजकल हर कोई कभी न कभी मुहासों से जरूर परेशान होता है चाहे वह लड़का हो या लड़की। कई तो इसके लिए बहुत ही महंगे प्रॉडक्ट इस्तेमाल करते है और डॉक्टर से भी कई प्रकार की दवाइयाँ लेते है लेकिन कोई फायदा नही। मुहासे हॉर्मोन्स गड़बड़ी,पेट की गड़बड़ी, किसी चीज से एलर्जि, ओइली स्किन और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का ज्यादा इस्तेमाल से हो सकता है।

साधारण पानी की बजाए, स्ट्रांग ग्रीन टी को बर्फ के ट्रे में जमा दें | अब इसका प्रयोग अपने मुँहासों पर करें | हरी चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बर्फ के ठंडेपन के साथ और ज्यादा अच्छे से काम करते हैं |

सर मेने भी बहुत क्रीम उपयोग करके देखि पर कुछ फर्क नही पडा है और मैने डॉक्टर से इलाज भी करवाया परन्तु जब तक इलाज चलता तब तक थोडे कम हो जाते है पिम्पल फिर इलाज बंद होने के बाद वापस शुरू हो जाते है। मैं पिछले 3 साल से परेशान हु पिम्पल से बहुत बार इलाज भी करवाया परन्तु कुछ फर्क नही पडा।अब मुझे क्या करना की मैं पिम्पल से छुटकारा पा सकु

आप अपना चेहरा भाप कर सकते हैं गर्म वाष्प में त्वचा को नरम करने की क्षमता होती है, साथ में मृत त्वचा कोशिकाओं, बाएं-पीछे के सौंदर्य प्रसाधन, तेल और बैक्टीरिया जो प्लग छिद्रता है। इस बैक्टीरिया, गंदगी और त्वचा के छिद्रों में फंसे तेलों को हल्का ढंग से चेहरे को साफ़ करने से हटा दिया जा सकता है।

One thought on ““अब स्वाभाविक रूप से मुँहासे से छुटकारा -मुंह से छुटकारा पाने के लिए सबसे तेज़ तरीके””

  1. थकान मिटाने और नींद लाने में मूली बेहद फायदेमंद है. वहीं, अगर आपको मोटापे से छुटकारा पाना है तो मूली के रस में नींबू और नमक मिलाकर खाने से बहुत लाभ मिलता है. दरअसल, मूली खाने से आपकी भूख शांत होती है. 
    ट्राईमिथाइलएमीन्यूरिया (trimethylaminuria): यदि आपका शरीर ट्राईमिथाइलएमीन्यूरिया रसायन को नहीं तोड़ पाता हैं तो वह लार में छूट जाता हैं जिसके कारण मुँह से दुर्गंध आती हैं । यह आपके पसीने के द्वारा जारी हो सकता हैं, जो कि शरीर की दुर्गंध का लक्षण हो सकता है ।
    2 – मसूर की दाल 2 चम्मच लेकर महीन पीस लें। इसमें थोड़ा सा घी और दूध मिलाकर पतला-पतला लेप बना लें। इस लेप को मुंहासों पर लगाएं और सूखने दे, सूखने के बाद चेहरा साफ पानी से धो दे पिम्पल्स ठीक होने लगेंगे.

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