“आवश्यक तेलों के साथ मुँहासे से मुक्ति +प्रभावी तरीके मुँहासे से छुटकारा पाने के लिए”

आप हल्दी पाउडर का भी उपयोग कर सकते हैं | यह प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है और इसके इस्तेमाल से आपके मुँहासे और धब्बे जल्दी ठीक हो जाते हैं | आप हल्दी को पानी या निम्बू के रस में भिगो सकते हैं | इसे 15 मिनट तक लगाकर ठंडे पानी से चेहरा धोलें | आप आलू के रस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं |

एक बलगम निकालने वाली दवाई लें: यह ऐसी दवाईयाँ होती हैं जो आपके गले और नाक की बलगम को तोड़ती हैं और आसानी से इसे खाँसकर अपने शरीर से निकालने में आपकी मदद करती इनमें से बहुत सारी स्थानीय दवा की दुकानों पर ओवर-द-काउंटर उपलब्ध होती हैं, जबकि कुछ को डॉक्टर लिखकर देते हैं। खुराक निर्देशों का पालन करें और बलगम की वजह से हो रहे जमाव से आराम पाने के लिए दवाई को रोज़ लें।[३]

आप बाजार से एलोवेरा जैल खरीद सकते हैं या एक एलोवेरा पौधे से एक पत्ता काटें और बीच में से उसको दबाएं, इसके द्वारा आप शुद्ध एलोवेरा जैल प्राप्त कर सकते हैं। दिन में दो बार प्रभावित क्षेत्र पर एलोवेरा जैल का उपयोग करें। (और पढ़ें – एलोवेरा के फायदे और नुकसान)

अच्छा लिखा हे !मैंने बहुत क्रीम का इस्तेमाल किया लेकिन मैं किसी भी क्रीम से कभी संतुष्ट नहीं थी, फिर मैंने मस्तानी फेस क्रीम की कोशिश की। मैं हमेशा अमृता फार्मा के उत्पादों को खरीदने का सुझाव देता हूं क्योंकि यह प्राकृतिक और बहुत प्रभावी है| आप यह मस्तानी फेसक्रीम जरूर इस्तेमाल करे और आपको १०० परसेंट रिजल्ट आएगा |

यह आपके चेहरे पर कोई गलत परिणाम नहीं देते . मुहाँसे के लिए मेडिकल इलाज लेने से पहले हमेशा ही घरेलु इलाज लेना चाहिए क्यूंकि मेडिकल इलाज से चेहरे की प्राकृतिक सुन्दरता चली जाती हैं और चेहरा बेजान हो जाता हैं .अपने चेहरे से मुहाँसे हटाने के लिए पहले साधारण घरेलु इलाज करे जिससे चेहरे में और अधिक निखार आता हैं .

अमेरिकन केमिकल सोसायटी के जर्नल ऑफ नेचुरल प्रोडक्ट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मुलेठी की जड़ दांतों को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करती है। मुलेठी में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुण बैक्‍टीरिया के कारण होने वाली कैविटी के विकास को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा यह जडी-बूटी प्‍लॉक को कम करने में भी मदद करती है। नियमित रूप से दांतों में ब्रश करने के लिए मुलेठी की जड़ के पाउडर का प्रयोग करें। इसके अलावा आप टूशब्रश करने के लिए मुलेठी की स्‍टीक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

विटामिन-डी से भरपूर आहार लें: विटामिन-डी आपके मुंह में बैक्टीरिया होने से रोकता है। विटामिन-डी का सेवन हम अपने आरक्षित आहार और पेय के रूप में कर सकते हैं, विटामिन-डी आम तौर पर और अधिक प्रभावशाली रूप में सूरज की रोशनी से मिलता है।

कैस्टर ऑयल के साथ टी-ट्री ऑयल को मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इस मिश्रण को रूई की सहायता से मस्से के पर थपथपाते हुए रखें। इसके बाद रूई को उस क्षेत्र पर चिपका दें और इसे 3-4 घंटे के लिए छोड़ दें। इस प्रक्रिया को दिन में दो बार अवश्य रूप से दोहराएं।

ग्लाइकोलिक या सेलीसीलिक एसिड का उपयोग करें: ग्लाइकोलिक या सेलीसीलिक एसिड कई त्वचा उत्पादनों में पाए गए हैं, जैसे कि क्रीम, मलहम, और स्क्रब | ये त्वचा के धब्बों को पूरी तरह हटाने से पहले, त्वचा की परत को निकालकर, हाइपरपिगमेंट को बाहर लाती है |[७]

कमर दर्द की समस्या आजकल आम हो गई है। सिर्फ बड़ी उम्र के लोग ही नहीं बल्कि युवाओं में भी कमर दर्द की शिकायत रहती हैं। इसकी मुख्य वजह बेतरतीब जीवनशैली और शारीरिक श्रम न करना है। अधिकतर लोगों को कमर के मध्य या निचले भाग में दर्द महसूस होता है। यह दर्द कमर के दोनों और तथा कूल्हों तक भी फैल सकता है। बढ़ती उम्र के साथ यह समस्या बढ़ती जाती है जिससे काम करने में परेशानी होती है। आप अपनी कुछ आदतों को बदलकर इससे काफी हद तक बच सकती है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप कमर दर्द को छूमंतर कर सकती है।

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

उन मामलों में जहां चेहरे पर चकत्ते का कारण होता हैबाह्य कारकों के प्रभाव से, सौंदर्य प्रसाधन चिकित्सक, चेहरे पर मुँहासे के लिए एक उपाय का चयन करता है, जिससे त्वचा के प्रकार और विशेषताओं को ध्यान में रखता है। इसके समानांतर, त्वचा की देखभाल की रणनीति परिभाषित की जाती है, और वातावरण की नकारात्मक प्रभाव से चेहरे की त्वचा की रक्षा के लिए तैयारी भी निर्धारित की जाती है।

Coconut oil and hair always have a strong connection. It helps in hydrating and moisturizing the skin and hair. As pimples also happen in hair follicles, we can use it for getting  rid of pimples. For using the oil, warm it up for few minutes. Now apply this oil gently with your fingertips or a cotton ball in the affected area. Try to apply it twice daily for early results. You can make use of coconut water in the same way by directly applying on the pimple. It is suitable for all skin types.

बेकिंग सोडा या सोडियम बाइकार्बोनेट आपकी त्वचा के लिए एक सौम्य परत के रूप में काम करता है। इस प्रकार, यह रोम छिद्र को निकालता और मृत त्वचा को हटाता है। यह त्वचा के पीएच(pH) संतुलन को विनियमित रखने में मदद करता है और इसमें हल्के सूजन को कम करने और एंटीसेप्टिक गुण भी होते है। इन सभी विशेषताओं के कारण यह मुँहासे समाशोधन के लिए एक उत्कृष्ट उपाय है।

जो लोग परीक्षा की चिंता या घबराहट से चिंतित हैं, वे मन को शांत रखने के लिए दालचीनी से बनी हुई चाय पी सकते हैं। यकीन मानिये यह वास्तव में आपके चिंता को कोसों दूर भेज उसे आनंद और एकाग्रता से प्रतिस्थापित कर देगा और आप ख़ुशी-ख़ुशी अपना कार्य पूरा कर सकेंगे।

कैस्टर ऑइल में त्वचा की मरम्मत के गुण होते हैं और यह काले धब्बे दूर करने में आपकी काफी सहायता करता है। प्रभावित भाग को अच्छे से साफ कर लें तथा इसके बाद अपनी त्वचा पर कैस्टर ऑइल से 5 मिनट तक मालिश करें। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और एक गीले कपड़े से इसे पोंछ लेने से पहले चेहरे पर 5 मिनट तक दोबारा मालिश करें। अंत में इसे पानी से धो लें। इस उपचार का प्रयोग दिन में 2 बार करके एक महीने में अच्छे परिणाम प्राप्त करें।

पीठ के मुहाँसे भी चेहरे के मुहंसों की तरह ही भयानक होते है। रिसर्च में ये पता चला है कि जिन लोगों को चेहरे के मुहांसों की समस्या ज़्यादा होती है, वही लोग पीठ के मुहांसों से भी उतने ही पीड़ित होते है। पीठ के मुहांसों का एक पहलू ये भी है कि इनके तक पहुँचना और इनका इलाज करना बहुत मुश्किल है क्योंकि इन तक पहुँचना और इनको देख पाना एक आसान नहीं है। मुहांसों का कहीं भी शरीर पर निकलना में मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन है। ये यौवन अवधि के दौरन एस्ट्रोजन (estrogen) और टेस्टास्टरोन (testosterone) हॉर्मोन (hormones) के अधिक स्राव के कारण होते है और जैसे ही कोई 20 साल की उम्र को पार करता है ये अपने आप चले जाते है। ये मुंहासे आपकी छाती, कंधे, पैर और हिप्स पर भी हो सकते हैं। बॉडी लोशन, मसाज ऑयल (massage oil) और सनस्क्रीन (sunscreen) आदि का इस्तेमाल करने से रोम छिद्र बंद हो जाते हैं और मुंहासे हो जाते हैं। तनाव, अनियमित नींद, अस्वस्थ लाइफस्टाइल, खानपान की ग़लत आदतें और अधिक काम का बोझ भी कुछेक कारण है मुहाँसे निकालने का। यहाँ हम आज कुछ ऐसे ही घरेलू उपाय और घरेलू उपचारों की बात करेगें जिसकी मदद से आप पीठ के कील मुहांसों से निजात पा सकेगें।

अगर आपको बार-बार मुंह के छाले हो रहे हैं तो अपने मुंह की सफाई पर विशेष ध्यान दीजिए। ज्यादा मसालेदार और गरिष्ठ भोजन करने से बचें। अगर फिर भी छाले ठीक न हो रहे हों तो जल्द चिकित्सक से सलाह व उपचार अवश्य लीजिए।

Sir mere chere pr chote chote ched type ke gadde achanak do mah se ho rahe ha aur maine ej scrub kiya tha to chamra chil kr kala ho gaya ha aur apbe aap katne ke jaisa lamba lline face pr tun chaar jagah ho gaya ha. Maine ek doctor ko bhi dikhaya pr usko lagane se gadde aur bhi barne lage ha sir mai kya karu plz plese help me

निजी स्वच्छता के नियमों की उपेक्षा मत करो दिन में 2 बार अपना चेहरा धो लें, एक व्यक्तिगत तौलिया या नैपकिन के साथ त्वचा को साफ करें आपकी त्वचा के प्रकार के लिए उपयुक्त अतिरिक्त चेहरे का शुद्ध उपयोग करें। विशेष रूप से अच्छी तरह से बिस्तर पर जाने से पहले त्वचा को साफ;

–> मुहाँसे पर कच्चे दूध में जायफल घिसकर लगाने से भी मुहाँसे से छुटकारा मिलता है | जायफल घिसे कच्चे दूध को बीस मिनट तक त्वचा पर लगाकर रखने के बाद गुनगुने पानी से धो दें | इस उपाय से मुँहासों के साथ रंग साफ़ होगा और झाईयां भी दूर होती है |

Masur ki dal 2 chmmach lekar mahin pis le. Isme thoda sa ghee or dudh milakar patla – patla lep bana le. Is lep ko muhaso par lgaye or sukhne de, sukhne ke bad chehra saf pani se dho de. Pimples thik hone lagenge

नियमित रूप से दांतो की जांच करवाएं: डेंटिस्ट के पास जा कर अपने ओरल हेल्थ की जांच करवाना आवश्यक है, जिसका प्रथम कारण दुर्गंधित सांस है। डेंटिस्ट, या डेन्टल हाइजीनिस्ट, आपके दांतो, मसूड़ों और मुंह की अच्छी तरह से सफाई कर देंगे।[४]

योगासन आपके बालों के बढ़ने में अहम भूमिका निभाते है साथ ही ये आपका ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक करते है इस योगासन को आप कभी भी कर सकते है, रात को सोने से पहले भी लेकिन योग के साथ आपको अपने बालों का ख्याल भी रखना होगा उनकी जड़ो को सही सलामत रखें ताकि बालों का झड़ना कम हो सके।

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