“गाल पर मुँहासे से छुटकारा -कैसे मुँहासे निशान मुक्ति से छुटकारा पाने के लिए”

हल्दी खाएँ: यह प्राकृतिक एंटीसेप्टिक आपके शरीर में बलगम बनाने वाले बैक्टीरिया को मारता है। आप जो कुछ पीते हैं उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाएँ या इसे एक गिलास पानी के साथ पिएँ। प्रतिदिन इस पदार्थ के कुछ छोटे चम्मच आपको बहुत जल्दी बलगम-मुक्त कर देंगे।

धूम्रपान करने से और तम्बाकू चबाने से बचें: वैसे तो कई सारी वजह है धूम्रपान और तम्बाकू को छोड़ने के लिए (जैसे कैंसर), परंतु सांस की दुर्गंध होना भी एक कारण है। धूम्रपान करने से व्यक्ति की सांस की गंध बासी तम्बाकू जैसी लगती है, जिसे कई बार “ऐश ट्रे की गंध” आना कहा जाता है। इस गंध को रोकने का सबसे आसान तरीका, धूम्रपान छोड़ना ही है।[१०]

मेरे साथ तो कई बार ऐसा हो चुका है! लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि ऐसे कई आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार हैं जिनकी मदद से हम मुंह के छालों से छुटकारा पा सकते हैं। तो आइये हम detail में जानते हैं कि Mouth Ulcers (muh ke chhale) होने के कारण क्या-क्या हैं और हम किस प्रकार इनसे निजात पा सकते हैं।

हल्के, जो सूखी और छोटी त्वचा पैच द्वारा विशेषता है, सोरायसिस होने पर रोगियों इस बीमारी के बारे में लगता है नहीं हो सकता है। जब व्यक्ति दरिद्र बड़ी और मोटी पैच के लाल रंग के साथ कवर किया गया है निश्चित रूप से, यह मामला नहीं है। Psoriasis के इस डिग्री गंभीर है, पैच पूरे शरीर को कवर कर सकते हैं और psoriasis के छुटकारा पाने के लिए कैसेजानने के लिए की आवश्यकता होती है।

हॉर्सरेडिश आपके चेहरे से काले धब्बे और अन्य दाग दूर करने में काफी प्रभावशाली साबित होता है। हॉर्सरेडिश लेकर इसे किस लें और इससे एक महीन पेस्ट तैयार कर लें तथा अपने चेहरे के प्रभावित भागों पर लगाएं। इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें। इस उपचार का प्रयोग दिन में कम से कम 2 बार करें और एक महीने में आपको काफी प्रभाव दिखेगा।

आप शहद के साथ थोड़े पिसे हुए बादाम मिलाकर मिश्रण भी बना सकते हैं। मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए हल्के हाथों से इस पेस्ट से अपनी त्वचा की मालिश करें। फिर अपने चेहरे को गर्म पानी में भिगोये हुए कपड़े की सहायता से पोंछे इससे आपके बंद छिद्र खुलेंगे। यह प्रक्रिया सप्ताह में एक बार करें।

वास्तव में, दालचीनी का अधिक मात्रा में सेवन से स्वस्थ को खतरा हो सकता है और आपके लिवर को नुकसान पहुंच सकता है। दालचीनी या उसका तेल का अधिक उपयोग समय से पूर्व दर्द को उत्पन्न कर सकता है या फिर गर्भाशय के संकुचन को भी प्रेरित कर सकता है।

विटामिन-डी से भरपूर आहार लें: विटामिन-डी आपके मुंह में बैक्टीरिया होने से रोकता है। विटामिन-डी का सेवन हम अपने आरक्षित आहार और पेय के रूप में कर सकते हैं, विटामिन-डी आम तौर पर और अधिक प्रभावशाली रूप में सूरज की रोशनी से मिलता है।

कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। आपको बता दें कि साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा।

अपने कूल्हों पर एक एस्पिरिन (aspirin) का मास्क लगायें: चार या पाँच एस्पिरिन की गोलियों को पीस लें। यह सुनिश्चित करें कि गोलियों के बाहर कोई भी आवरण (coating) न हो। इसे एक टेबल स्पून हल्के गर्म पानी के साथ मिलाएँ या फिर शहद या सादे दही के बड़े हिस्से के साथ मिलाएँ, यह आपकी इच्छा पर निर्भर है।

नींबू में विटामिन सी होता है और फीटोनुट्रिएंट्स जिन्हें फ्लेवनॉइड्स कहते हैं जिनमें मजबूत एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक असर होता है। शरीर के भीतर हो रहीं उपापचयी (मेटाबॉलिक) प्रतिक्रियाओं के दौरान उत्पन्न हुए मुक्त कण, शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं (सेल्स) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नींबू में एंटीऑक्सीडेंट इन मुक्त कण की कार्रवाई को प्रतिबंधित करते हैं और नींबू का रस मुँहासों के लिए एक शानदार उपाय है।

डेयरी उत्पाद न खाएँ: सारे डेयरी प्रोडक्टस में एक विशेष प्रोटीन, कैसिइन (casein), होता है जो ठंडा करता है और आपके शरीर में और बलगम बनाता है। अनावश्यक रूप से अधिक बलगम का निर्माण रोकने के लिए, दूध, चीज़, दही या आइसक्रीम जैसे डेयरी प्रोडक्टस न खाएँ।

भोजन में दालचीनी पाउडर का 1 चम्‍मच रक्‍त में शर्करा का स्‍तर कम करता है। इसके प्रयोग से टाइप टू डायबीटिज में रक्‍त शर्करा 18 से 24 फीसदी तक कम हो सकती है। टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों के लिए दालचीनी एक वरदान से कम नहीं है। दालचीनी टाइप-2 मधुमेह पर सकरात्मक प्रभाव डालता है और मधुमेह रोगी को एक स्वस्थ और साधारण जीवन व्यतीत करने में मदद करता है।

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