“प्रभावी मुँहासे उपचार +प्रभावी तरीके मुँहासे से छुटकारा पाने के लिए”

मुंह से आने वाली दुर्गंध कई बार लोगों से दूरी का सबसे बड़ा कारण बन जाती हैं। हम दोस्तों के बीच बैठे हैं और कोई हमसे हमारे मुंह से आ रही दुर्गंध (बदबू) के बारे में कहता हैं, तो हमें दोस्तों के बीच नीचा देखना पड़ता हैं । इसी बीच दोस्त हमें दस तरह के उपाय बताने लगते हैं, कोई अच्छे टूथपेस्ट का सुझाव देता हैं तो कोई माउथ स्प्रे के बारे में बतलाने लगता हैं, लेकिन इन सबके बीच यदि आप कुछ घरेलू नुस्खे या उपाय अपनाएं तो आप मुंह की दुर्गंध से छुटकारा पा सकते हैं । ये किफायती भी होंगे और असरकारक भी । दुर्गंध को यूं पहचानें घर पर अकेले में या बात करते समय जब लोग आपके सामने न खड़े हों तो उस वक्त अपने मुंह पर हथेली रखकर सांस छोड़िए, इससे आपको आसानी से पता चल जाएगा कि आपका सांसों में दुर्गंध हैं या नहीं ।

आजकल खुबसूरत दिखने की चाह में लोग बाजारों में बिकने वाले क्रीम और पाउडर का अधिक मात्रा में use करते है. यह आपके चेहरे को निखारने के बजाय उसको नुकसान पहुँचा देता है. अगर आप कॉस्मेटिक का उपयोग करते भी है तो कम मात्रा में करे.

बेबी ऑयल में किसी तरह के केमिक्ल्स नहीं होते और डेंड्रफ को कम करने में मदद करता है। इसलिए रात को सोने से पहले बेबी ऑयल लगा कर बालों को तौलिये से बांध लें और सुबह उठ कर अच्छे एंटी-डेंड्रफ शैम्पू से बालों को साफ करें।

लौंग कैविटी के साथ-साथ किसी भी प्रकार की दांतों से जुडी समस्‍याओं के लिए रामबाण होता है। एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एनाल्‍जेसिक और एंटी-बैक्‍ट‍ीरियल गुणों के कारण लौंग दर्द को कम करने और कैविटी को फैलने से रोकता है। समस्‍या होने पर 1/4 चम्‍मच तिल के तेल में 2 से 3 बूंदें लौंग के तेल की मिलाकर लें। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले कॉटन बॉल में लेकर प्रभावित दांत में लगाये।   

hello sir mere face par forehead or bade bade or chin par chote 2 kaafi pimples ho gye h wo bhi meri engagement ke bad facial bhi kraya tha tab par ab wo kam nhi ho rhe plz koi upay btaye jisse jaldi unhe dur Kiya ja sake

सांस की बदबू होने के तीन रासायनिक कारण है; डाइमिथाइल सल्फाइड, हाइड्रोजन सल्फाइड, और मिथाइल मेरकाप्टन। जब आप जान जाए कि इनमे से क्या आपकी सांस में मौजूद है, तो आप आसानी से जान जाएंगे कि आपको अपनी सांस के लिए किस उपचार की जरूरत है।

अपने भोजन पर ध्यान दें प्रतिक्रियाओं की प्रवृत्ति के अभाव में भी, कुछ उत्पाद मुँहासे के गठन में योगदान कर सकते हैं। बड़ी मात्रा में कॉफी, बेकरी उत्पाद, मिठाई, फैटी, तली हुई और स्मोक्ड खाद्य पदार्थ त्वचा की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। बहुत सारे खाद्य पदार्थ और मसालों खाएं जो खून को शुद्ध (कच्ची सब्जियां और फलों, अदरक, हल्दी, धनिया);

सांस की बदबू मुंह के कैंसर का प्रारंभिक संकेत है। कैंसर के कई प्रारंभिक संकेत है, जैसे कि मुंह के अंदर गांठ या सफेद, लाल, या गहरें दाग़ होना, चबाते समय, निगलते समय या जबड़े को हिलाते समय कठनाई होना, ऐसा लगना कि आपके गले में कुछ अटक गया हो, मुंह का सुन्न होना, गालो में सूजन होना, या आवाज़ का बदलना। अगर इनमे से कोई भी संकेत आपको नज़र आए तो डॉक्टर से मिलें।

मोटापे से परेशान लोग वजन घटाने के लिए व्ययाम, योगा, खाने पर कंट्रोल क्या कुछ करते हैं। कुछ लोग जिम जा कर घंटो एक्सरसाइज करके पसीना बहाते हैं। कई बार ज्यादा देर जिम करने से कई तरह की शरीरिक प्रॉब्लम भी शुरू हो जाती है। ऐसे में वजन घटाने के लिए आप एक्यूप्रेशर तकनीक को भी अपना सकते हैं। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें शरीर के बिंदुओं को दबाना होता हैं। जिससे आपको भूख कम लगेगी और आपके वजन पर भी कंट्रोल होगा। मानव शरीर पर ऐसे बिंदु होते है जिसे दबाने से कई रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है और मोटापे को भी कम किया जा सकता है।

फेसबुक के जरिए मारिया को जब यह पता लगा तो उसने सुरेश पर शादी करने का दबाव डाला, सुरेश ने उससे भी शादी कर ली। पुलिस को जब मारिया की लाश मिली तो वह सुरेश की तलाश में उसके गांव पहुंचे। सुरेश को इसकी जानकारी हो गई और वह नेपाल भाग गया। पुलिस ने उसे नेपाल से गिरफ्तार किया।

रात को सोते समय एक चम्मच मलाई में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाकर चेहरे पर लगाये । सुबह चेहरा धो लें। इससे चेहरे के दाग कम हो जाते हैं। यदि आपकी त्वचा तैलीय है, तो दिन में कई बार नींबू का पानी पियें, त्वचा का तैलीयपन कम हो जायेगा।

तमाम कोशिशों के बावजूद कई बार चेहरे पर पिंपल्स यानी मुंहासे हो जाते हैं। खासकर टीनएज में यह समस्या ज्यादा होती है. मुँहासे चेहरे पर कई कारणों से हो सकते हैं , जैसे चेहरे पर जमी गन्दगी को ठीक से साफ न करना या चेहरे का अत्यधिक तैलीय होना आदि , मुँहासे होने पर हमें काफी या मसालेदार भोजन का उपयोग कम करना चाहिए और फलों का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए, पिम्पल्स को दूर करने का सबसे आसान तरीका आप घर पर रह कर आजमा सकते हैं.

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें: दांतो को बेकिंग सोडा से हफ्ते में एक बार ब्रश करने से बैक्टीरिया निष्प्रभावित हो जाते हैं, जो मुंह में दुर्गंध का कारण है। अपने ब्रश के ब्रिसल पर हल्का बेकिंग सोडा लगाएं, और हमेशा की तरह ही ब्रश करें।[३]

मुँहासे से छुटकारा पाने में सबसे मुश्किल हैकिशोरावस्था। इस तरह की चकत्ते हार्मोनल विकारों के परिणाम हैं। एण्ड्रोजन के अधिक मात्रा में वसामय ग्रंथियों की वृद्धि हुई गतिविधि होती है, जिसके परिणामस्वरूप त्वचा पर चकरा पड़ता है। ऐसे मामलों में हार्मोन थेरेपी में दुष्प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए आपको मुँहासे के लिए विशेष रूप से धन के चयन की आवश्यकता है। कुछ मामलों में, ब्यूटीशियन अतिरिक्त प्रक्रियाओं को लिख सकता है, उदाहरण के लिए तरल नाइट्रोजन के साथ मालिश, त्वचा पिलिंग, विशेष सफाई। इसके अलावा, दवाएं जो वसामय ग्रंथियों की गतिविधि को कम करती हैं, और संयुक्त दवाएं जो बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में प्रभावी होती हैं

    शहद में एन्टी-इन्फ्लैमटोरी (anti-inflammatory) और एन्टी-बैक्टिरीअल (anti-becterial) के गुण पाये जाते है। जो सौन्दर्य और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्र में बहुत ही अच्छा काम करता है। इसको खाने के अलावा अपने मुंहासो पर रोजाना शहद लगाने से चेहरे के दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) आसानी से दूर हो जातें हैं। शहद का लेप को 10 – 15 मिनट रखने के बाद चेहरे को हल्का गरम पानी से धो लें। इससे दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) से आसानी से निजात पाया जा सकता है।

निवेदन- आपको How to Remove Pimples and Acne in Hindi ये आर्टिकल कैसा लगा हमे अपने कमेन्ट के माध्यम से जरूर बताये क्योंकि आपका एक Comment हमें और बेहतर लिखने के लिए प्रोत्साहित करेगा और हमारे Facebook Page को जरूर LIKE करे.

दरअसल मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। कई बार भोजन में गडबड़ी या तीखा भोजन करने से जीभ पर, होंठों पर और अंदर छाले हो जाते हैं जो आमतौर पर पांच सात दिन में ठीक भी हो जाते हैं। कभी-कभी छाले लम्बे समय तक ठीक नहीं होते जो भोजन करते व बोलते समय तकलीफ देते हैं। कई बार गंभीर हो जाने पर इनसे खून भी निकलता है। ऐसे में डॉक्टर से इनकी जांच अवश्य करानी चाहिए, क्योंकि ये घातक भी हो सकते हैं।

इस तरह मुंह की लार से हम मुफ्त में कई बीमारियों का इलाज कर सकते है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि इस लार में वो सभी 18 तत्‍व पाये जाते है जो मिट्टी में पाए जाते है। लेकिन बहुत अफसोस की बात हैं कि आज मनुष्य खुद ही अपना दुश्मन बनता जा रहा है। वह धूम्रपान और नशीले पदार्थों के चलते लार को खत्म करता जा रहा है और अपने लिए दुःख तकलीफो को न्योते पर न्योता दिए जा रहा है । धूम्रपान से लार दूषित हो जाती है और असर नहीं करती। जर्दा, पान अन्य पदार्थ से बार-बार थूकने से लार जरूरत से ज्यादा बाहर निकलती है। वहीं तीसरा ड्रग आदि के प्रयोग से मुंह सूख जाता है और लार नहीं रहती। इसलिए लार को बचाने के लिए आपको इन सब आदतों को भी छोड़ना होगा।ताकि लार हमारे शरीर को बीमारियों से बचा सके |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *