“मुँहासे की आसान त्वचा से मुक्ति पाने मुँहासे से मुँहासे से छुटकारा पाने के लिए”

घरेलू नुस्खे चेहरे के किसी भी दाग धब्बों के निशानों को हल्का करने की क्षमता रखते हैं। इनका सही और ज़्यादा से ज़्यादा लाभ उठाने के लिए इनका प्रयोग निरंतर रूप से और बताये गए नुस्खे के अनुसार लंबे समय तक करें। इससे आपको बेहतरीन परिणाम मिलेंगे।

खीरा तो हम सभी लोग खाते है. लेकिन यह खीरा हमारी त्वचा को भी स्वस्थ बनाये रखता है. चेहरे में खीरे का use करने से हमारे चेहरे पर निखार आता है और हमारी त्वचा ग्लो करती है. आप खीरे के पेस्ट को अपने मुंहासो में प्रयोग करे और फायदा देखे.

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लार में सोडियम, पोटैशियम, फास्फेट, कैल्शियम, प्रोटीन, ग्लूकोज जैसे तत्व होते हैं जो दांतों को मजबूत बनाते हैं। इसमें मौजूद तत्व दांतों को हानिकारक संक्रमणों से बचाते हैं जिससे दांत सड़ते नहीं। यह दांतों पर सुरक्षा कवच की तरह काम करती है।

दांतों में छेद होने को वैज्ञानिक भाषा में दन्त क्षय या कैविटी कहते है। मुंह में मौजूद एसिड के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं जिसके कारण कैविटी का निर्माण होता है। मुंह में मौजूद बैक्‍टीरिया (लार, खाद्य कणों एवं अन्य पदार्थों के साथ) दांतों कि सतह पर जमा होने लगते हैं जिसे प्लॉक कहा जाता है। प्‍लॉक में मौजूद बैक्‍टीरिया आपके खाने में मौजूद शुगर एवं कार्बोहाइडेट को अम्ल में परिवर्तित कर देता है इसी अम्ल के कारण दांत खोखले होने लगते हैं, फलत: कैविटी का निर्माण होता है। लेकिन कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर दांतों में मजबूती बनाने के साथ प्राकृतिक रूप से कैविटी से लड़ा जा सकता है।

जैसा कि आप जानते हैं, त्वचा हालत का एक संकेतक हैशरीर। चेहरे पर मुँहासे की उपस्थिति के कारण दोनों बाह्य और आंतरिक कारकों का असर हो सकता है। जलवायु की स्थिति, कॉस्मेटिक तैयारी का उपयोग, पर्यावरण की स्थिति बाह्य कारक हैं जो त्वचा की स्थिति को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, गर्मी में मुंह का प्रकटन, पराबैंगनी प्रकाश या वृद्धि हुई पसीना आना के परिणामस्वरूप हो सकता है। त्वचा का संदूषण चेहरे पर छोटे खांघों की उपस्थिति की ओर जाता है

Gulab jal me barabar matra me nimbu ka ras milakar mishran tayaar kar lijiye or us mishran ko chehre par karib aadhe ghante tak laga kar rakhe fir taje pani se chehra dho le, is pryog ko chehre par karib 15 din tak kare , jisse apke chehre ke muhase thik ho jayenge.

अगर आपको बार-बार मुंह के छाले Muh ke chhale हो रहे हैं तो अपने मुंह की सफाई पर विशेष ध्यान दीजिए। ज्यादा मसालेदार और गरिष्ठ भोजन करने से बचें। अगर फिर भी छाले ठीक न हो हों तो जल्द चिकित्सक से सलाह व उपचार अवश्य लीजिए।

Home remedies to get rid of pimples – You must be looking for Home remedies to get rid of pimples and want to remove acne and get the clean face back. यदि आप मुँहासे से छुटकारा पाने के लिए होम उपचार की तलाश में हो तो मुँहासे को चेहरे से हटाने के लिए सभी घरेलू उपचार प्राप्त करें.

चेहरे से पिंपल और कील निकालना आजकल साधारण सी बात हो गयी है लेकिन इनके निशान बाद मे रह जाते है जिससे चेहरे पर धब्बे जैसे नजर आते है। अगर आप अपने खान पान पर ध्यान नही रखते है तब भी आपके चेहरे पर मुहासे हो सकते है। अगर आप अपनी स्किन हो Hydrate रखते है तो आपको इस समस्या का सामना नही करना पड़ेगा इसके लिए आप दिन मे भरपूर पानी का सेवन करे।

दरअसल मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। कई बार भोजन में गडबड़ी या तीखा भोजन करने से जीभ पर, होंठों पर और अंदर छाले हो जाते हैं जो आमतौर पर पांच सात दिन में ठीक भी हो जाते हैं। कभी-कभी छाले लम्बे समय तक ठीक नहीं होते जो भोजन करते व बोलते समय तकलीफ देते हैं। कई बार गंभीर हो जाने पर इनसे खून भी निकलता है। ऐसे में डॉक्टर से इनकी जांच अवश्य करानी चाहिए, क्योंकि ये घातक भी हो सकते हैं।

एक बड़ा चम्मच नींबू का रस, डेढ़ चम्मच शहद और एक बड़ा चम्मच दूध एक कटोरी में मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और इसे 10 से 15 मिनट के बाद ठंडे पानी से धो दें। रोज़ाना दिन में एक बार यह उपाय करने से आपको एक सप्ताह के भीतर ही सकारात्मक परिणाम नज़र आने लगेंगे। (और पढ़ें – शहद के फायदे और नुकसान)

फिलर का प्रयोग करें: मुँहासे आपकी त्वचा पर हमेशा के लिए दाग छोड़ सकते हैं, जिसे भरना नामुमकिन साबित हो सकता है | फिलर इंजेक्शन इन निशानों को भरकर त्वचा को एक समान बनाता है | लेकिन, इस प्रक्रिया को 4-6 महीनों में दोहराना पड़ता है |[१०]

कभी-कभी हल्के-फुल्के बुखार के साथ भी छाले हो जाते हैं, वहीं कुछ स्त्रियों में महावारी आने से पहले ये हो जाते हैं। तनाव के कारण भी छाले हो सकते हैं। छालों होने का कारण दांतों की समस्या से भी जुड़ा हो सकता है। किसी दांत का तेज किनारा, ब्रश करते हुए या डेंचर पहनते व उतारते समय बने जख्म भी छाले बन परेशानी पैदा कर सकते हैं।

जानिये मुहासों के बारे में सभी बातें। मुहासों से जुड़े भ्रम और इसके कारणों को समझिये। आसान और प्राकृतिक टिप्स के साथ कैसे पा सकते हैं मुहासों से छुटकारा। मुहासों और इसके दाग को हटाने के विभिन्न तरीकों और इससे जुड़े आहार के बारे में भी जानिये।

पिम्पल्स ऑयली त्वचा पर अधिक निकलते है, पिम्पल्स हटाने के घरेलू नुस्खे आप ऊपर पढ़ सकते है और ऑयली स्किन के उपाय आप यहां पढ़े :: http://hindi.kyakyukaise.com/face-beauty-tips-oily-dry-skin-ka-ilaj-gharelu-upay-nuskhe/

कई व्यक्तियों को देखे तो चेहरा पूरा पिम्पल्स और एक्ने से भरा हुआ होता है| उनको ख़ास सावधानी रखनी चाहिए की पिम्पल्स को ऊँगली या नाखून से न दबाये और न ही छेड़े| सवेरे और रात को ऊपर बताए गए नुस्खे, और ख़ास कर के भाप का प्रयोग करे|

मुल्तानी मिट्टी (fullers earth) तैलीय (oily) त्वचा वालों के लिए बहुत ही गुणकारी हैं, मुल्तानी मिट्टी चेहरे के तेल को सोखने का काम करता है.     यह तेलीय त्वचा वालों के लिए बहुत ही अच्छा फेसपैक (face pack) बन सकता है। मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करने से दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) से छुटकारा मिलता है क्युकी ये pimples को अच्छे से सूखा देता है और जड़ से खत्म करता है। मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करने से पहले उसको पानी डाल के छोड़ दें और उसको अच्छी तरह से फूलने दें, उसके बाद उसे अपने चेहरे पर अच्छी तरह से लेप लगा लें। सूखने के बाद इसको हल्का गर्म पानी से धो लें। ऐसा करने से जल्दी ही आपको इसका परिणाम नजर आएगा।

आंवला जैसी जड़ी-बूटी भी कैविटी के इलाज में मददगार होती है। इसमें भरपूर मात्रा में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन सी के कारण यह बैक्‍टीरिया और संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। यह संयोजी ऊतक के विकास को बढ़ावा देकर मसूड़ों के लिए बहुत लाभकारी होती है। इसके अलावा, यह मुंह को साफ करने और बदबूदार सांस से छुटकारा पाने में आपी मदद करता है। नियमित रूप से ताजा आंवला खाये। यह आधा गिलास पानी के साथ आधा चम्‍मच आंवला पाउडर नियमित रूप से लें।

अध्ययन में, दालचीनी ने गठिया दर्द से जुड़े साइटोकिन्स (cytokines) को कम करने के लिए सकरात्मक प्रभाव दिखाए हैं। मरीजों को सुबह-शाम शहद के एक चम्मच के साथ दालचीनी पाउडर का आधा चम्मच मिलाकर खाने से एक हफ्ते के बाद गठिया के दर्द में काफी राहत मिली और वे एक महीने के भीतर दर्द के बिना चल-फिर भी पा रहे थे।

धूम्रपान करने से और तम्बाकू चबाने से बचें: वैसे तो कई सारी वजह है धूम्रपान और तम्बाकू को छोड़ने के लिए (जैसे कैंसर), परंतु सांस की दुर्गंध होना भी एक कारण है। धूम्रपान करने से व्यक्ति की सांस की गंध बासी तम्बाकू जैसी लगती है, जिसे कई बार “ऐश ट्रे की गंध” आना कहा जाता है। इस गंध को रोकने का सबसे आसान तरीका, धूम्रपान छोड़ना ही है।[१०]

* लहसुन : लहसुन की 2 कलियों का रस निकालकर 1 गिलास पानी में मिलाकर कुल्ला करें। रोजाना 4 से 5 दिन तक इसका प्रयोग करने से मुंह के छाले कम हो जाते हैं। लहसुन की कली को पानी के साथ पीसकर उसमें थोड़ा-सा देसी घी मिलाकर मलहम तैयार करें। इस मलहम को छालों पर लगाने से छाले खत्म हो जाते हैं।

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