“मुँहासे की मलिनकिरण से छुटकारा पाएं मुँहासे के निशान हटाने”

रूई को नींबू के रस में अच्छे से डुबोएं। लगभग 10 मिनट के लिए अपनी त्वचा के प्रभावित क्षेत्र पर रूई को लगा कर रखें और फिर रात भर नींबू के रस को लगा छोड़ दें। सुबह में, गुनगुने पानी से अपना चेहरा धो लें।

यदि आप जोखिम के समूह हैं और यह आपको एक जीन वाहक के रूप में विकसित कर सकते हैं तो कोई अपने परिवार में इस रोग से ग्रस्त है। उसके बाद में 50% मामलों की वे भी इस रोग से ग्रस्त बच्चों मामले में दोनों भागीदारों के एक जोड़े में सोरायसिस है है। किसी परिवार से यह रूप में अच्छी तरह से था, क्योंकि 30% psoriasis के साथ मरीजों की समस्या प्राप्त किया।

अगर आपके मुंह से हमेशा बदबू आती रहती है तो आप इलायची का ज्यादा इस्तेमाल करें। इलायची मुंह की बदबू हटाने में सबसे कारगर साबित होती है और इलायची व पुदीनायुक्त पान चबाने से भी मुंह की बदबू से निजात मिलती है।

एसिडिटी का प्रमुख लक्षण है रोगी के सीने या छाती में जलन। अनेक बार एसिडिटी की वजह से सीने में दर्द भी रहता है, मुंह में खट्टा पानी आता है। जब यह तकलीफ बार-बार होती है तो गंभीर समस्या का रूप धारण कर लेती है।

अगर आप कील मुहाँसो से परेशान हैं तो आप रोज संतरे के सूखे हुए छिलके के पाऊड़र को शहद और हल्दी में मिलाकर उसके लेप को पूरे चेहरे पर लगा दें जब सूख जाए तो इसे गुनगुने पानी से आइहिस्ता आइहिस्ता उत्तारें कुछ दिन लगाने के बाद आपका चेहरा कील मुहांसों से मुक्त हो जाएगा तथा चेहरा भी दमक उठेगा|

–> अगर आपके घर में बर्फ का एक टुकड़ा भी मौजूद है तो समझिए पिंपल रफूचक्कर हो गया क्योंकि असल में बर्फ पिंपल की लालिमा को कम करती है और उसके इर्द – गिर्द जमा गंदगी और तेल को निकाल देती है | आप को केवल इतना करना है कि एक कपड़े में बर्फ के टुकड़े को लपेटकर उसे कुछ सेकेण्ड के लिए त्वचा पर फेरना है |

मुंह की दुर्गंध (Mouth Bad Smell) की समस्या अक्सर दूसरों के सामने शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे ब्रेकफास्ट न करना, मुंह की सफाई न करना, खराब डाइजेशन और सलाइवा की कमी जैसी कई समस्याएं होती हैं। इसे खान-पान में सुधार करके काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानेंगे इनके बारे में— सबसे पहले तो दांतों और मुंह से बदबू आने के कारण जानते हैं।

सांस की बदबू होने के तीन रासायनिक कारण है; डाइमिथाइल सल्फाइड, हाइड्रोजन सल्फाइड, और मिथाइल मेरकाप्टन। जब आप जान जाए कि इनमे से क्या आपकी सांस में मौजूद है, तो आप आसानी से जान जाएंगे कि आपको अपनी सांस के लिए किस उपचार की जरूरत है।

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लहसुन रक्त से विषाक्त पदार्थों की सफाई करके मुँहासों से मुक्त, और दमकती त्वचा देता है। लहसुन को छील लें और जहाँ मुँहासे हैं, वहां मल लें। या फिर, लहसुन की कलियों को पीसकर दही के साथ मिलाएं और जहाँ दाने हैं वहां लगाएं।

Home remedies for acne on face: Almost everyone, in the age of puberty and adolescence, encounters pimples. This age is more prone to pimples because this is the growth age, where body undergoes so many physical, biological and hormonal changes. Pimple is a kind of skin inflammation in which a red swollen structure or lesion full of puss forms on the skin and irritates the  area by causing itching and pain.

नींबू में मुहांसों से लड़ने के कुछ रासायनिक गुण मौजूद होते है| नींबू का सबसे बड़ा गुण आयल (चिकनाई) को खत्म करने का होता है क्योंकि इसके एसिड की रासायनिक संरचना क्षार या कसैला होती है| दूसरा नींबू एक नेचुरल एंटी बैक्टीरियल एंटीसेप्टिक है | कील मुहांसों के लिए नींबू का इस्तमाल सदियों से होता आ रहा है और आजकल काफी सारी कंपनिया नींबू युक्त प्रोडक्ट बाज़ार में उतार रही है जो पिम्पल्स के इलाज में काम आती है | इस पोस्ट में हम बतायेंगे की कैसे आप नींबू की मदद से  कील मुहासों से छुटकारा पाए|

Psoriasis के कारण inlcude अपने प्रतिरक्षा प्रणाली, के कुछ विकार है जो सफेद रक्त कोशिकाओं संक्रमण से अपनी जीव की रक्षा के लिए जिम्मेदार हो सकता है कि अनुसंधान से पता चलता है। जब रोगी सोरायसिस से ग्रस्त है, उनकी त्वचा टी कोशिकाओं (श्वेत रक्त कोशिका) गतिविधि है, जो त्वचा कोशिकाओं के तेजी से विकास करने के लिए योगदान देता है क्योंकि सूजन है। यह त्वचा पर उठाया पैच में पता चला है।

एबॉट के बाउंसर से घायल हुए विल पुकोस्की जेब्रा क्रॉसिंग तो है पर नहीं मिलता पूरा समय चित्तरंजन एवेन्यू में 70 वर्ष पुराने मकान का हिस्सा ढहा इस बार स्नूकर में भारत ने पाकिस्तान को किया धराशायी केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नॉन सीरियस नेता हैं

नींबू में विटामिन सी होता है और फीटोनुट्रिएंट्स जिन्हें फ्लेवनॉइड्स कहते हैं जिनमें मजबूत एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक असर होता है। शरीर के भीतर हो रहीं उपापचयी (मेटाबॉलिक) प्रतिक्रियाओं के दौरान उत्पन्न हुए मुक्त कण, शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं (सेल्स) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नींबू में एंटीऑक्सीडेंट इन मुक्त कण की कार्रवाई को प्रतिबंधित करते हैं और नींबू का रस मुँहासों के लिए एक शानदार उपाय है।

इसके अलावा महत्वपूर्ण त्वचा का प्रकार है – तेल में तेल के साथ लोगों मेंमुंह से त्वचा की समस्या अधिक बार होती है यही कारण है कि “चेहरे पर मुँहासे का इलाज कैसे करें” सवाल के साथ- एक विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहतर होगा जो समस्या के कारण सभी कारकों को ध्यान में रखे।

Dalchini आपके रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स और एल.डी.एल. (“खराब कोलेस्ट्रॉल”) के स्तर को काफी कम कर सकती है, जिससे हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है। दालचीनी में मौजूद सक्रिय संघटक कोशिकाओं की चीनी को तोड़ने की क्षमता को 22 गुना तक बढ़ा देते हैं।

– मसूड़ों में सूजन होने पर या दांतों में सड़न होने पर मुंह में होने वाली दुर्गन्ध को दूर करने के लिए एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच अदरक का रस और थोडा नमक मिलाकर उस पानी को मुंह में रखकर उसे पी लें। धीरे-धीरे ऐसा करें जब तक पानी खत्म न हो जाए।

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

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अपने आहार में परिवर्तन करें: कुछ शुगरी, फैटी, और तले हुए जंक फ़ूड (junk foods) आपके शरीर में इन्सुलिन (insulin) बढ़ने का कारण हो सकते हैं जो कि शरीर को ज्यादा सीबम (Sebum) बनाने के लिए मजबूर करता है, यह भी मुँहासे होने का एक कारण है।

इन उपायों को जब आप अपनाते है तो अपना धैर्य बनाये रखे क्योंकि आयुर्वेदिक तरीके अपना असर धीरे – धीरे करते है. अगर आप लगातार यह करते रहोगे तो आपको भी दाग – धब्बो से छुटकारा मिल जायेगा और चेहरे में आने लगेगा.

Mere face par pimples se bahut sare khddhe ho gaye hai jiske karn face bahut bhada dikhai de raha please khddhe bharne ka ghrelu ilaj ya koi aauderdik cream bataye our winter men face fat kar kala ho raha hai please iska bhi ilaj bataye

हमेशा मुँह में थोड़ा सा पानी लें और अच्छी तरह से मुँह में चारों और तेज़ी से घुमाए जिससे की दाँतो के बीच में फसे अन्न के कण निकल जाएँ। जब आप अपने दाँतों (कम से कम दिन में दो बार होना चाहिए) को ब्रश करते हैं अपनी जीभ की सफाई के लिए टूथब्रश, एक चम्मच के किनारे, या एक जीभी का प्रयोग कर सकते हैं।

कील मुंहासे का इलाज, नीबू मे स्तम्मक(अस्ट्रिंजेंट), विटामिन सी होता है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकल देता है तो जब भी आप दाग धब्बे का इलाज करे तो नीबू का इस्तेमाल करे। नीबू का रस निकल कर कॉटन की सहयता से दाग पर लगाए। अच्छे परिणाम के लिए हर दूसरे दिन इस विधि का उपयोग करे।

नई दिल्‍ली : सांसों की दुर्गन्ध और मुंह की बदबू एक ऐसी समस्‍या है, जो कई लोगों  में पाई जाती है। आपके मित्र, सहकर्मी और अन्‍य आपके पास बैठने से कतराते हैं। मुंह से आती दुर्गन्ध और सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह में मौजूद एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है। कई बार तो लोग इस समस्या से अंजान होते हैं। इस बदबू के कई कारण होते हैं, जैसे-गंदे दांत, पाचन की समस्या और धूम्रपान। कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर इस समस्‍या से छुटकारा पाया जा सकता है।

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4 – रात को सोने से पहले कच्चे दूध के साथ जायफल को घिसे और इसका लेप तैयार कर ले, और लेप को चेहरे पर लगा कर सो जाये. सुबह चेहरा साफ पानी से धो दे, कुछ दिन ऐसा लगातार करने से  चेहरे पर होने वाले मुहासों से छुटकारा मिलता हैं.

बेकिंग सोडा या सोडियम बाइकार्बोनेट आपकी त्वचा के लिए एक सौम्य परत के रूप में काम करता है। इस प्रकार, यह रोम छिद्र को निकालता और मृत त्वचा को हटाता है। यह त्वचा के पीएच(pH) संतुलन को विनियमित रखने में मदद करता है और इसमें हल्के सूजन को कम करने और एंटीसेप्टिक गुण भी होते है। इन सभी विशेषताओं के कारण यह मुँहासे समाशोधन के लिए एक उत्कृष्ट उपाय है।

शहद और गिलेसरीन के प्रयोग से भी आप छालों की समस्या से छुटकारा पा सकते है.  मुंह में छाले होने पर शहद और गिलेसरीन का इस्तेमाल काफी अच्छा रहता है. शहद और गिलेसरीन को आपस में मिलाये और इस मिश्रण को कॉटन की मदद से लों में लगाए. इससे मुंह के छाले धीरे-धीरे कम होने लगेंगे.

जब लोक उपचार के चेहरे पर मुँहासे का इलाज करते हैंप्रयोग करने और संदिग्ध व्यंजनों का प्रयोग न करें इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि उत्पाद आपकी त्वचा के प्रकार के लिए उपयुक्त है। उपयोग की अनुशंसित विधि का पालन करें, अन्यथा, मुँहासे ठीक होने पर, आप एक क्षतिग्रस्त त्वचा के साथ शेष जोखिम उठा सकते हैं।

मुलैठी त्वचा से मेलेनिन दूर करने की अपनी खूबी की वजह से जानी जाती है। मुलैठी की जडें किसी भी काले धब्बे को दूर करने में काफी कारगर साबित होती हैं। मुलैठी की जड़ों का एक पेस्ट तैयार करें और इसमें शहद की कुछ बूँदें मिश्रित करें। इस पेस्ट को चेहरे के काले धब्बों पर लगाएं और 15 मिनट रखने के बाद पानी से धो लें। रोजाना इस विधि का प्रयोग करने पर आपको 1 से 2 हफ़्तों में अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे। चेहरे पर मुलैठी का प्रयोग करने से पहले एक पैच टेस्ट (patch test) करवा लें।

One thought on ““मुँहासे की मलिनकिरण से छुटकारा पाएं मुँहासे के निशान हटाने””

  1. विभिन्न छालरोग उपचार के विकल्प और कभी-कभी उनमें से प्रत्येक के लिए अलग-अलग विशेषताओं के साथ विभिन्न प्रकार के psoriasis के हैं। एक नियम के रूप में, एक व्यक्ति सोरायसिस के कुछ प्रकार है। जब एक तरह स्पष्ट है, अलग रूप पैदा कर सकते हैं:
    नारियल का तेल और कड़ी पत्ता : दाढ़ी और मूछ के सफेद बालों से छुटकारा पाने के लिए कुछ कड़ी पत्ते ले और इन्हे नारियल के तेल में डालकर उबाल ले तेल में पत्तो को उबालने के बाद उसे उतारकर ठंडा कर ले और फिर इस तेल से अपनी दाढ़ी और मूछो की मालिश करें इस तेल का प्रयोग आप अपने सिर के बालों को काला करने के लिए भी कर सकते है इस तेल से मालिश करने से आपके सफेद बाल कुछ ही दिनों में काले हो जायंगे।
    मुँहासे हटाने के लिए घरेलु उपाय  यह हिंदी पाठको के लिए हिंदी में लिखे गये घरेलु उपाय हैं जिन्हें पढ़े एवं अपनाये इससे आपके चेहरे पर निखार आएगा . आपको हमारा आर्टिकल मुँहासे हटाने के लिए घरेलु उपाय  कैसा लगा अपने विचार हमसे जरूर शेयर करे.

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