“मुँहासे के शाकाहारी से छुटकारा +अपने मुँहासे निशान”

आज के समय में मुहासे होने आम बात है. लेकिन आज काल के लडके और लडकियों  अपने मुहासों से छुटकारा पाने के लिए अलग अलग तरह के Fairness Cream के इस्तेमाल करते है. और कई बार उनके मुहासे उनसे ठीक भी नहीं होते है. और बहुत से लोगो को यह सूट भी नहीं करती है. और इनको लगाने से उनको नुकसान भी  हो जाता है. और यह अभी Fairness Cream बहुत महंगी भी होती है.जिनको बहुत से लोग खरीद भी नहीं सकते है इस हम आपको इन मुहासों को ठीक करने के कुछ घरेलु उपाय बतायेगे जिनको की आप बड़ी ही आसानी से कर सकते है.

चेहरे से पिंपल और कील निकालना आजकल साधारण सी बात हो गयी है लेकिन इनके निशान बाद मे रह जाते है जिससे चेहरे पर धब्बे जैसे नजर आते है। अगर आप अपने खान पान पर ध्यान नही रखते है तब भी आपके चेहरे पर मुहासे हो सकते है। अगर आप अपनी स्किन हो Hydrate रखते है तो आपको इस समस्या का सामना नही करना पड़ेगा इसके लिए आप दिन मे भरपूर पानी का सेवन करे।

हार्मोन परिवर्तन: सोरायसिस हार्मोन और जीव के अधीन है परिवर्तन के साथ दृढ़ता से जुड़ा है। सोरायसिस में अपने चरम यौवन के दौरान अवधि या रजोनिवृत्तिके दौरान है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की त्वचा बेहतर स्थिति का अनुभव। लेकिन जैसे ही बच्चे का जन्म होता है यह काफी अन्य तरह के दौर है।

आंतरिक अंगों, अधिक कामकाज और रोगों के रोगतनाव, हार्मोनल विकार, एलर्जी प्रतिक्रियाओं त्वचा पर चकत्ते उपस्थिति के आंतरिक कारण हैं। एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं चेहरे पर लाल मुँहासे की उपस्थिति से होती हैं, अधिकतर गालों पर। जीवों के नशे में, बैक्टीरिया या चेहरे पर शरीर और शरीर के कामों की गड़बड़ी के प्रभाव के कारण, मर्दों के धब्बे होते हैं। चेहरे पर गहरे चमड़े के नीचे मुँहासे अंतःस्रावी विकार का एक परिणाम हो सकता है। जब सफेद धब्बे चेहरे पर दिखाई देते हैं, तो यह आंतरिक परजीवी के लिए जांच करने के लिए आवश्यक नहीं होगा।

ज्यादा पानी पीएं: एक कारण जिसकी वजह से दुर्गंधित सांस या आपकी सांस और खराब हो जाती है, वह है मुंह का सूखापन। पानी गंध मुक्त होता है और यह मदद करता है आपके दांतो में से बचे हुए खाने के अवशेष को निकालने में, जो बैक्टीरीया के उपज का कारण होते हैं। यह मुंह में लार (सलाइवा) बनाने में भी मदद करता है जो आपके मुंह को साफ़ रखता है और उस पदार्थ को निकालता है जिसकी वजह से आपके मुंह में दुर्गंध रहती है।[८]

ड्राई ब्रशिंग विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद करती है। ड्राई ब्रशिंग के जरिए बॉडी पर जमा गंदगी व डेड सेल्स से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा यह सेल्युलाइट यानि वसा से भी निजात दिलाती है। पांच से दस मिनट के करीब, धीरे धीरे ड्राई ब्रश प्रभावित क्षेत्रों पर उपयोग करें। सेल्युलाइट की समस्या में बॉडी ब्रशिंग तकनीक मददगार साबित होती है।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल माउथवॉश के तौर पर भी किया जा सकता है। आधा छोटा चम्मच बेकिंग सोडा एक छोटे गिलास पानी में मिलायें। पानी से अपना मुंह भर लें, बिना निगलें हुए, और इसे मसूड़ों और दांतो के बीच में हिलाते हुए कुल्ला करें।

लेज़र उपचार करवाएं: अगर आपके मुँहासे कई महीनों के बाद भी ठीक नहीं हो रहें हैं, तो लेज़र उपचार करवाएं | आप कौन सा इलाज करवाना चाहते हैं, उसके मुताबिक लेज़र कोलेजन उत्पादन को प्रोत्साहित करती है और दाग को भाप बनाकर साफ़ करती है |[९]

धूप में अधिक रहने से सूरज की किरणें हमारे चेहरे का हाल बुरा कर देती है. सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें हमारी त्वचा और हमारे चेहरे के लिए अच्छी नहीं होती. अधिक प्रदूषित जगहों पर जाने से आपको धूल और मिटटी का सामना करना पड़ता है जो आपकी Skin Cells के लिए सही नहीं होते.

विभिन्न छालरोग उपचार के विकल्प और कभी-कभी उनमें से प्रत्येक के लिए अलग-अलग विशेषताओं के साथ विभिन्न प्रकार के psoriasis के हैं। एक नियम के रूप में, एक व्यक्ति सोरायसिस के कुछ प्रकार है। जब एक तरह स्पष्ट है, अलग रूप पैदा कर सकते हैं:

दलिया खाना जहाँ हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है वही यह हमें शारारिक मजबूती भी देता है. आप दलिये का इस्तेमाल अपने पिम्पल दूर करने के लिए करे. आप दलीये के साथ शहद मिला ले और फिर दोनों को अच्छी तरह मिक्स कर ले. इस पेस्ट को फिर अपने कील – मुंहासो में लगाये और 20 मिनट बाद इसे पानी से धो ले.

चाहे बच्चा हो या कोई जवान , जिस किसी की भी आँखें कमजोर है और उसको कोई भी नंबर का चश्मा लगा हो उन लोगो को पानी की कुल्ला किये बिना , रात भर मुँह में इकट्ठी हुई लार को आँखों में काजल या गुलाब जल की तरह लगानी है | यह आप रात को सोते समय और सुबह उठकर लगाये और मुँह 1-2 घंटे बाद धोये ताकि लार अपना काम कर सके। कैसा भी चश्मा हो उतरने के 100% आसार रहते है लेकिन आपको प्रयोग तब तक जारी रखना पड़ेगा जब तक आपके चश्मे का नंबर धीरे धीरे कम होकर शून्य न हो जाये परिणाम 100% मिलेगा बच्चो का चश्मा जल्दी उतर जायेगा लेकिन बड़ो को कुछ वक़्त लग सकता है लार का कोई साइड इफ़ेक्ट नही है

सूर्य किरणों: रोगियों के बहुमत आमतौर पर लगता है कि सूरज की रोशनी के लिए उनकी हालत अच्छी है। फिर भी, कुछ विचार बहुत अधिक सूरज की रोशनी अपने लक्षण बदतर बना देता है कि। धूप की कालिमा सोरायसिस एक बहुत बढ़ रहा है।

स्‍वाद और सुगंध से भरपूर दालचीनी को मसालों में अहम स्‍थान दिया गया है। दालचीनी का दोनों ही मसाले और दवा के रूप में उपयोग का लंबा इतिहास है। वास्तव में प्राचीन काल में, यह मसाला इतना बहुमूल्य खजाना माना जाता था कि इसकी कीमत सोने से भी ज्यादा थी।यह श्रीलंका एवं दक्षिण भारत में बहुतायत में मिलता है। यह एक वृक्ष की छाल होती है। यह गरम मसाला तो है ही यह पाचन, वातहर, स्तंभण, गर्भाशय उत्तेजक, गर्भाशय संकोचक एवं शरीर उत्तेजक है। चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से मीठी हो जाती है तथा सर्दी भी ठीक हो जाता है।

कील और मुहाँसो को दूर करने के लिए चेहरे की त्वचा को बार बार धोते रहें और बिलकुल स्वच्छ रखें चेहरे के त्वचा के छिद्र को खुल्ला और साफ़ रखें उस के लिए आप हर रोज रात को और सवेरे उठ के भाप से त्वचा साफ़ करें साबुन से चेहरा न धोये| सिर्फ बेसन, चावल का आटा और हल्दी का प्रयोग करें पानी अधिक मात्र में पिएं पूरी नींद लें तले हुए, मसालेदार आहार को कम मात्रा में खाएँ|

मुंह की बदबू हटाने में खट्टे फल सबसे अधिक कारगर होते हैं। बता दें कि संतरा, नींबू, आंवला, अंगूर जैसे फलों में विटामिन सी की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है। इनका सेवन करने से मुंह की बदबू से जल्दी छुटकारा पाया जा सकता है।

सर मेरा सिर्फ एक हि सवाल है कि पिंपल एसिडिक है या बैजीक क्यूकि अलह अलग घरेलु नुस्खे मे टुथपेस्ट यानि कि बेजिक ओर कभी निम्बु या संतरे का प्रयोग करने कि सलाह देते हैै तो प्लिज बताइये कि क्या करे प्लिज रिव्यु सर

जैसा कि आप जानते हैं, त्वचा हालत का एक संकेतक हैशरीर। चेहरे पर मुँहासे की उपस्थिति के कारण दोनों बाह्य और आंतरिक कारकों का असर हो सकता है। जलवायु की स्थिति, कॉस्मेटिक तैयारी का उपयोग, पर्यावरण की स्थिति बाह्य कारक हैं जो त्वचा की स्थिति को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, गर्मी में मुंह का प्रकटन, पराबैंगनी प्रकाश या वृद्धि हुई पसीना आना के परिणामस्वरूप हो सकता है। त्वचा का संदूषण चेहरे पर छोटे खांघों की उपस्थिति की ओर जाता है

हमारे दिमाग को काम करने के लिए अधिक मात्रा में ऑक्सीजन और आयरन की जरूरत होती है। एक शरीर को तभी फिट माना जाता है जब उसके शरीर में किसी तरह के विषाक्त पदार्थ और फैट ना हो। इस आसन को करीब एक सप्ताह के लिए नियमित रूप से करें, ऐसा करने से आपको फर्क खुद देखने को मिलेगा। इस आसन को करने से बालों का झड़ना भी काफी कम होता है।

एक पेस्ट बनाने के लिए थोड़े से शहद के साथ एक छोटी दालचीनी का पाउडर मिलाएं; पानी न मिलाये क्योंकि यह शहद के असर नष्ट कर देगा। प्रत्येक दाने पर पेस्ट की एक छोटी सी परत लगाएं और रात भर के लिए रहने दें; अगली सुबह गुनगुने पानी से धो लें। यदि आवश्यक हो तो कुछ दिनों के लिए दोहराएँ।

अपने मुँहासों पर एक प्राकृतिक एसिड को डालें: नींबू के ताज़ा रस तथा एपल साइडर विनेगर (apple cider vinegar) को भी मुँहासों के इलाज के लिए प्रयोग किया जा सकता है। यदि आपके मुँहासों का मुहँ खुल गया है तो यह ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें तथा फिर ठण्डे पानी से धो लें।

सेब मृत त्वचा को हटाने का काम करता है। साथ ही उसमें एंटीसेप्टिक, त्वचा में कसाव लाने वाले और मुलायम बनाने के गुण भी होते हैं, जो त्वचा का तेल कम करने के लिए उसे एक बेहतरीन घरेलू उपाय बनाते हैं। सेब में मौजूद मैलिक एसिड (Malic acid), मृत त्वचा कोशिकाओं और त्वचा की सतह से अतिरिक्त तेल को अवशोषित करने में मदद करता है। (और पढ़ें – सेब के फायदे)

फिटकरी और गुलाब जल : फिटकरी और गुलाब जल से बने पेस्ट को अपनी मूछो पर लगाकर आप मनचाहा रंग प्राप्त कर लम्बे समय तक आप जंवा बने रह सकते है इसके लिए फिटकरी को पीसकर इसके पाउडर को गुलाब जल में मिलाकर आप अपनी मूछ पर लगाए।

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