“मुँहासे लोगों से छुटकारा पाने के लिए |मुझे अपने मुँहासे से मुक्ति पाने की जरूरत है”

शरीर में जल का स्तर का संतुलन ही सिर्फ सांसों की ताजगी को बनाए रखा जा सकता है। जब हमारे शरीर में जल का स्तर कम हो जाता है तो मुंह में लार का बनना कम हो जाता है। जिससे सांसों में बदबू पनपती है। विटामिन सी- संतरा, निंबू या सभी खट्टे रस वाले फलों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, ये सांसों की बदबू दूर करने में मददगार हैं। विटामिन सी को जीवाणुओं से लड़ने वाले पदार्थ के रूप में जाना जाता है।

Sir mere chere pr chote chote ched type ke gadde achanak do mah se ho rahe ha aur maine ej scrub kiya tha to chamra chil kr kala ho gaya ha aur apbe aap katne ke jaisa lamba lline face pr tun chaar jagah ho gaya ha. Maine ek doctor ko bhi dikhaya pr usko lagane se gadde aur bhi barne lage ha sir mai kya karu plz plese help me

फेस के बाल हटाने के उपाय – नींबू का रस, बेसन, मैदा एवं शहद चारों एक-एक चम्मच यानि बराबर मात्रा में लेकर थोड़े-से पानी के साथ फेंटकर लेप बना लें और चेहरे पर कुछ देर तक खूब अच्छी तरह मसले। फिर ठंडे साफ़ पानी से धो लें। लगातार कुछ दिनों तक ऐसा करने से चेहरे के अनचाहे बाल हट जाते हैं।

पुलिस ने बताया कि जब मामले की जानकारी हुई तो केस दर्ज कर सुरेश को पकड़ने की तैयारी की गई। उसमान ने बताया कि उसकी और मारिया की 2005 में शादी हुई थी और वह 2012 में आपसी सहमति से अलग हो गए थे। सुरेश की मारिया से मुलाकात फेसबुक के जरिए हुई थी और दोनों में जल्द ही प्यार हो गया और दोनों साथ में रहने लगे। इस बीच सुरेश अपने घर गया जहां उसके परिवार ने उसकी शादी लता से करा दी।

कैस्टर ऑइल में त्वचा की मरम्मत के गुण होते हैं और यह काले धब्बे दूर करने में आपकी काफी सहायता करता है। प्रभावित भाग को अच्छे से साफ कर लें तथा इसके बाद अपनी त्वचा पर कैस्टर ऑइल से 5 मिनट तक मालिश करें। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और एक गीले कपड़े से इसे पोंछ लेने से पहले चेहरे पर 5 मिनट तक दोबारा मालिश करें। अंत में इसे पानी से धो लें। इस उपचार का प्रयोग दिन में 2 बार करके एक महीने में अच्छे परिणाम प्राप्त करें।

आजकल खुबसूरत दिखने की चाह में लोग बाजारों में बिकने वाले क्रीम और पाउडर का अधिक मात्रा में use करते है. यह आपके चेहरे को निखारने के बजाय उसको नुकसान पहुँचा देता है. अगर आप कॉस्मेटिक का उपयोग करते भी है तो कम मात्रा में करे.

कमर दर्द की समस्या आजकल आम हो गई सिर्फ बड़ी उम्र के लोग ही नहीं बल्कि युवाओं में भी कमर दर्द की शिकायत रहती हैं। इसकी मुख्य वजह बेतरतीब जीवनशैली और शारीरिक श्रम न करना है। अधिकतर लोगों को कमर के मध्य या निचले भाग में दर्द महसूस होता है। यह दर्द कमर के दोनों और तथा कूल्हों तक भी फैल सकता है। बढ़ती उम्र के साथ यह समस्या बढ़ती जाती है जिससे काम करने में परेशानी होती है। आप अपनी कुछ आदतों को बदलकर इससे काफी हद तक बच सकती है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप कमर दर्द को छूमंतर कर सकती है।

    नीम बहुत से त्वचा सम्बन्धी बिमारिओं के बहुत से औषधीय गुण होने के कारण नीम का पत्ता बहुत ही गुणकारी माना जाता है, यह दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) को बहुत आसानी से दूर करता है नीम के पत्तों में बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण मौजूद होते है जो मुंहासे,दाना, छाले, खाज-खुजली, एक्जिमा के अलावा सभी प्रकार के त्वचा सम्बन्धी रोग को दूर करने में मदद करता है। नीम के पत्तों का एक अच्छा सा पेस्ट तैयार कर लें, फिर उस पेस्ट को अपने चेहरे पर अच्छी तरह से लेप लगा लें। सूखने के पश्चात अपने चेहरे को अच्छी तरह से धो ले, लगातार 4-5 दिन ऐसा करने से आपको असर दिखना शुरू हो जायेगा।

कॉफी एक बहुत अच्छा एक्सफोलिएंट (exfoliant) है। यह ब्लड सर्कुलेशन को उचित रखने और त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है। यह सेल्‍युलाइट को कम करने में मदद करता है। आप नारियल तेल और कॉफी पाउडर को मिलाकर, कॉफी स्क्रब बनाएँ और इसे अपनी जांघों और नितंबों पर लगाएँ। इसे 20 मिनट के लिए ऐसे ही लगाकर छोड़ दें और फिर धो लें। इसके अलावा, कॉफी के बीज का पाउडर बनाकर उसे अपने बॉडी लोशन में मिलाएं और त्वचा पर 5 मिनट तक इसे लगा रहने दें, फिर गुनगुने पानी से त्वचा धो लें। इस उपाय को हफ्ते में दो बार करें।

कभी अल्सर फूट भी सकता है जिससे पूरे पेट में संक्रमण हो जाता है तथा पेट में तेज दर्द रहता है। लम्बे समय तक अल्सर रहने से केंसर होने का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही आयुर्वेदिक नुस्खे से भी एसिडिटी का इलाज किया जा सकता हैं |

कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। आपको बता दें कि साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा।

चन्दन, मुलैठी और हल्दी जैसे घरेलू नुस्खे त्वचा के पुराने दाग धब्बों के निशानों को भी हल्का करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि काफी अच्छी तरह से इनका इस्तेमाल करने पर भी इस बात की काफी संभावना होती है कि इनका असर काफी महीनों में दिखे।

कोई समस्या नहीं निचोड़ pimples में विशेष रूप से खतरनाक चेहरे पर आंतरिक pimples फैलाएंगे। जब संक्रमण का एक बहुत बड़ा खतरा फैलता है, जो सबसे ज्यादा त्वचा की गिरावट को उत्तेजित करता है, और सबसे खराब – मस्तिष्क के जहाजों में मिल सकता है। धब्बे के बाहर फैलाए जाने के बाद के निशान हैं, फिर से छुटकारा पाने में बहुत मुश्किल है;

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अपने चेहरे की मांसपेशियों का प्रयोग करें: नाक के अंदर (cavity) मूवमेंट करना अटके हुए बलगम को निकाले में सहायक हो सकता है। गार्गलिंग और गुनगुनाने के बारे में तो पहले ही बता दिया गया है, आप इन सबका प्रयास भी कर सकते हैं:

Dalchini आपके रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स और एल.डी.एल. (“खराब कोलेस्ट्रॉल”) के स्तर को काफी कम कर सकती है, जिससे हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है। दालचीनी में मौजूद सक्रिय संघटक कोशिकाओं की चीनी को तोड़ने की क्षमता को 22 गुना तक बढ़ा देते हैं।

निखिल जी हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए आपका बहुत धन्यवाद. निखिल जी आज जब मैं युवाओ को देखता हूँ तो तब उन्हें देखकर लगता ही की वे कितना खुबसूरत बनने की चाह रखते है. इसी चक्कर में वे कई गलतियाँ कर देते है. उन्ही में एक है कील – मुंहासे. उनकी त्वचा की समस्या को मैंने आज इस पोस्ट में तब विस्तार से लिखा. धन्यवाद

मुल्तानी मिट्टी के बराबर, चंदन पाउडर और गुलाब जल के अनुपात को मिक्स करें। आप पेस्ट में एक बेहतर स्थिरता लाने के लिए और गुलाब जल को मिला सकते हैं। अपने चेहरे पर यह गीली मिट्टी पैक लगाएं। सूख जाने के बाद इसको धो लें। सप्ताह में एक बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।

धूप में अधिक रहने से सूरज की किरणें हमारे चेहरे का हाल बुरा कर देती है. सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें हमारी त्वचा और हमारे चेहरे के लिए अच्छी नहीं होती. अधिक प्रदूषित जगहों पर जाने से आपको धूल और मिटटी का सामना करना पड़ता है जो आपकी Skin Cells के लिए सही नहीं होते.

एसिडिटी का प्रमुख लक्षण है रोगी के सीने या छाती में जलन। अनेक बार एसिडिटी की वजह से सीने में दर्द भी रहता है, मुंह में खट्टा पानी आता है। जब यह तकलीफ बार-बार होती है तो गंभीर समस्या का रूप धारण कर लेती है।

लौंग कैविटी के साथ-साथ किसी भी प्रकार की दांतों से जुडी समस्‍याओं के लिए रामबाण होता है। एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एनाल्‍जेसिक और एंटी-बैक्‍ट‍ीरियल गुणों के कारण लौंग दर्द को कम करने और कैविटी को फैलने से रोकता है। समस्‍या होने पर 1/4 चम्‍मच तिल के तेल में 2 से 3 बूंदें लौंग के तेल की मिलाकर लें। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले कॉटन बॉल में लेकर प्रभावित दांत में लगाये।   

बात जब चेहरे की आती है तो शहद का नाम जुबां पर अपने आप ही आ जाता है. शहद हमारे कील – मुंहासो को दूर करने में बहुत जल्दी असर करता है. शहद का उपयोग हमें सोते समय करना चाहिए और सुबह उठकर फिर मुँह साफ़ कर लेना चाहिए. आपके द्वारा शहद का रोजाना इस्तेमाल आपके दाग – धब्बो को कम कर देता है.

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आयुर्वेद में, हल्दी को कैविटी दर्द से राहत प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के साथ एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण मसूढ़ों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ बैक्‍टीरियल संक्रमण के कारण दांतों के गिरने की समस्‍या को भी रोकता है। प्रभावित दांत पर थोड़ी सा हल्‍दी पाउडर लगाकर इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से अच्‍छे से कुल्‍ला कर लें।

यदि आप अक्सर पेट की बीमारियों से पीड़ित होते हैं जैसे गैस, अपच, कब्ज, सूजन आदि। यह अक्सर तब होता है जब आपकी पाचन प्रणाली अच्छी तरह से काम नहीं कर रही होती है। इसे सुधारने के लिए आप सौंफ और अजवाइन से बना काढ़े का सेवन कर सकते हैं। दोनों में कार्मिनटिव गुण होते हैं जो गैस को बनने से रोकते हैं और बेहतर पाचन में सहायता करते हैं।

मसालेदार खाना खाएँ: जैसा कि आप अनुमान लगा रहे होंगे, मसालेदार खाना आपकी नाक में बलगम को तोड़ देता है और ज़्यादा आसानी से उसे बहने देता है। आप जितना संभाल सकते हैं उतना मसालेदार खाना खाकर अपने शरीर को उसकी सारी बलगम तोड़ने में मदद करेें। यह हो सकता है- तीखी मिर्च, हॉर्सरैडिश (horseradish) या वसाबी (wasabi)।

गोरे चेहरे पर अगर एक भी दाग हो तो वह सुदरता को कम कर देता है। आजकल हर कोई कभी न कभी मुहासों से जरूर परेशान होता है चाहे वह लड़का हो या लड़की। कई तो इसके लिए बहुत ही महंगे प्रॉडक्ट इस्तेमाल करते है और डॉक्टर से भी कई प्रकार की दवाइयाँ लेते है लेकिन कोई फायदा नही। मुहासे हॉर्मोन्स गड़बड़ी,पेट की गड़बड़ी, किसी चीज से एलर्जि, ओइली स्किन और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का ज्यादा इस्तेमाल से हो सकता है।

अपने मुँहासों पर एक प्राकृतिक एसिड को डालें: नींबू के ताज़ा रस तथा एपल साइडर विनेगर (apple cider vinegar) को भी मुँहासों के इलाज के लिए प्रयोग किया जा सकता है। यदि आपके मुँहासों का मुहँ खुल गया है तो यह ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें तथा फिर ठण्डे पानी से धो लें।

मुंह के छालों की समस्या जितनी सामान्य हैं उतनी ही बुरी भी। एक बार यह समस्या हो जाती हैं तो भोजन करना भी दूबर हो जाता हैं। यह समस्या कई कारणों से हो सकती हैं, जिसमें से मुख्य तीखा खाना या अपच होना हो सकता हैं। सामान्यत: छाले 5-7 दिन में ठीक हो जाते हैं। लेकिन इनको जल्दी समाप्त करने के लिए कुछ उपाय करने की आवश्यकता होती हैं। तो आइये जानते हैं उन उपायों के बारे में जिनकी सहायता से मुंह के छालों से निजात पायी जा सकें।

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