“मुँहासे वापस छुटकारा +मुँहासे और मुंह से छुटकारा पाने के लिए”

माना जाता है कि दालचीनी आम सर्दी और फ्लू को ठीक करने और उससे राहत दिलाने में बेहद उपयोगी है। गल शोथ से छुटकारा पाने के लिए, पिसी हुई दालचीनी के एक या दो चम्मच का सेवन ग्रीन टी या फिर सेब की मदिरा के साथ करें। आप श्वसन संक्रमण का स्पर्धी मुकाबला करने में दालचीनी की मदद करने के लिए नींबू का रस भी मिला सकते हैं। यदि आप सामान्य सर्दी या खाँसी से पीड़ित हैं, तो गुनगुने शहद और दालचीनी के एक-चौथाई चमच्च का मिश्रण बनाये और नाश्ते के बाद और सोने से पहले रोजाना दो बार पियें।

मेलनिन के मात्रा कम होने के कारण मूछ और दाढ़ी के बाल सफेद होने लगते है मेलनिन ऐसा तत्व है जो आपके बालों और त्वचा के रंग को सही रखने में मदद करता है लेकिन उम्र के साथ शरीर में मेलनिन की मात्र कम होने के कारण बालों और त्वचा का रंग फीका पड़ने लगता है

आप अपना चेहरा भाप कर सकते हैं गर्म वाष्प में त्वचा को नरम करने की क्षमता होती है, साथ में मृत त्वचा कोशिकाओं, बाएं-पीछे के सौंदर्य प्रसाधन, तेल और बैक्टीरिया जो प्लग छिद्रता है। इस बैक्टीरिया, गंदगी और त्वचा के छिद्रों में फंसे तेलों को हल्का ढंग से चेहरे को साफ़ करने से हटा दिया जा सकता है।

मारिया के गायब होने पर उसके पूर्व पति उसमान ने मारिया की बहन से बात की। उसमान मारिया के घर गया जहां ताला लगा हुआ था। उसमान ने जब सुरेश को कॉल किया तो उसने भी फोन नहीं उठाया, सुरेश ने मेसेज कर कहा कि वह और मारिया बाहर हैं और बात नहीं कर सकते। उसमान को शक हुआ तो उसने कुछ लोगों की मदद से तुगलकाबाद वाले घर का गेट तोड़ अंदर घुसा, और मौत का खुलासा हुआ।

* तुलसी के पत्ते से उपचार : तुलसी के पत्ते का प्रयोग भी मुंह के छालों में बहुत फायदेमंद है, इससे जल्द ही छालो में राहत मिलती है। तुलसी के तीन से चार पत्तों को पीसकर इसका रस निकालकर छालों पर लगाने से बहुत फायदा होता है।

सोरायसिस में अलग अलग तरीकों से पता चला है। कभी कभी छोटी bumps चपटा कर रहे हैं, कई बार बड़े सजीले टुकड़े के साथ उठाया त्वचा मोटी कर रहे हैं। बढिया, लाल रंग के धब्बे विशिष्ट सोरायसिस, के साथ ही सूखी त्वचा गुलाबी रंग के होते हैं।

कोशिश करें की मांस न खाएँ: मांस का बलगम के उत्पादन के साथ संबंध है इसलिए कोल्ड में इसे खाना बहुत अच्छा नहीं है। बंद नाक के साथ आप मांस के असली फ्लेवर को टेस्ट नहीं कर पाएँगे और साथ ही साथ आपकी नाक और भी खराब हो सकती है। सावधानी बरतें और बहुत ज़्यादा बलगम से जूझते वक्त मांस से दूर रहें।

मुंह के छालों की समस्या जितनी सामान्य हैं उतनी ही बुरी भी। एक बार यह समस्या हो जाती हैं तो भोजन करना भी दूबर हो जाता हैं। यह समस्या कई कारणों से हो सकती हैं, जिसमें से मुख्य तीखा खाना या अपच होना हो सकता हैं। सामान्यत: छाले 5-7 दिन में ठीक हो जाते हैं। लेकिन इनको जल्दी समाप्त करने के लिए कुछ उपाय करने की आवश्यकता होती हैं। तो आइये जानते हैं उन उपायों के बारे में जिनकी सहायता से मुंह के छालों से निजात पायी जा सकें।

6 नींबू का रस पिंपल भगाने में सबसे कारगर उपाय है। इसके रस से अपने चेहरे की 10-15 मिनट तक मालिश करने से राहत मिलेगी। हां, अगर इसके प्रयोग से आपकी स्‍किन में जलन महसूस हो रही हो तो इसको डाइरेक्‍त ना इस्‍तमाल करें। तब इसको पानी या चंदन पाऊडर में मिला कर लगाएं।

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यह शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया को बढ़ावा देता है और इस प्रकार रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य बनाये रखने में शरीर की सहायता करता है।दालचीनी के मधुमेह से सम्बंधित लाभ उठाने के लिए दालचीनी को अपने दैनिक आहार में शामिल करें। इसका उपभोग बहुत ही सरल है। आपको बस दालचीनी पाउडर को सुबह अपने दलिया या ओर कोई अन्य आहार पर छिड़क कर खाना है या फिर अपनी शाम वाली चाय या कॉफी में इसकी एक चुटकी मिठास मिलानी है।

अधिकांश किशोरों के लिए, मुँहासे यौवन के दौरान अस्थिर हार्मोन के स्तर के वजह से होते हैं वसामय ग्रंथियों (सेबेसियस ग्लैंड्स) को ज़्यादा काम करने के लिए उत्तेजित करते हैं। यह अतिरिक्त त्वग्वसा (सीबम), त्वचा की सबसे बाहरी परत के मृत कोशिकाओं और छिद्र को रोकने वाले बैक्टीरिया के साथ जुड़ती हैं और मुँहासे पैदा करती हैं। यह चिकनी(ऑयली) त्वचा के परिणाम स्वरुप भी हो सकती हैं। दानों के खुजाने या फोड़ने से और चेहरे पर कुछ कृत्रिम सामग्री जिसके बारे में आपको ज्यादा नहीं पता हो का उपयोग करने से आप समस्या को बढ़ा देते हैं। बल्कि, आपकी त्वचा को स्वस्थ और मुँहासों से मुक्त रखने के लिए सरल हर्बल उपचारों का उपयोग करें।

नींबू में मुहांसों से लड़ने के कुछ रासायनिक गुण मौजूद होते है| नींबू का सबसे बड़ा गुण आयल (चिकनाई) को खत्म करने का होता है क्योंकि इसके एसिड की रासायनिक संरचना क्षार या कसैला होती है| दूसरा नींबू एक नेचुरल एंटी बैक्टीरियल एंटीसेप्टिक है | कील मुहांसों के लिए नींबू का इस्तमाल सदियों से होता आ रहा है और आजकल काफी सारी कंपनिया नींबू युक्त प्रोडक्ट बाज़ार में उतार रही है जो पिम्पल्स के इलाज में काम आती है | इस पोस्ट में हम बतायेंगे की कैसे आप नींबू की मदद से  कील से छुटकारा पाए|

दलिया खाना जहाँ हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है वही यह हमें शारारिक मजबूती भी देता है. आप दलिये का इस्तेमाल अपने पिम्पल दूर करने के लिए करे. आप दलीये के साथ शहद मिला ले और फिर दोनों को अच्छी तरह मिक्स कर ले. इस पेस्ट को फिर अपने कील – मुंहासो में लगाये और 20 मिनट बाद इसे पानी से धो ले.

चंदन का घोल तैयार करें: चंदन से त्वचा की कई बीमारियां ठीक होती है और इसे बनाना भी एकदम आसान है | 1 बड़ा चमच्च चंदन पाउडर को गुलाबजल या दूध में मिलाकर घोल बनाएं | अब इस घोल को प्रभावित क्षेत्र पर 30 मिनट तक लगाकर धोलें | इस प्रक्रिया को दोहराते रहें, जब तक आपके धब्बे पूरी तरह से गायब न हो जाए |

जानिये मुहासों के बारे में सभी बातें। मुहासों से जुड़े भ्रम और इसके कारणों को समझिये। आसान और प्राकृतिक टिप्स के साथ कैसे पा सकते हैं मुहासों से छुटकारा। मुहासों और इसके दाग को हटाने के विभिन्न तरीकों और इससे जुड़े आहार के बारे में भी जानिये।

Aloe vera has ancestral popularity for its antifungal and antibacterial properties. Aloe vera gel is available in the market, but if you have aloe vera leaves in your home, then you can make use of it. Apply the aloe vera extract on the pimple and let the skin absorb it for 10 minutes. It can be applied on the face also. It kills the bacteria and reduces the redness of pimple.

मुंह में छालों  का होना एक आम बात है. यह समस्या कभी भी किसी को भी हो सकती है. मुँह में छालों के होने पर हमे खाना खाने में काफी समस्या होती है और कभी कभी यही छाले इतने बढ़ जाते है कि व्यक्ति को बोलने में भी काफी तकलीफ होती है.

भारतीय बकाइन को नीम के रूप में भी जाना जाता है, इसे विभिन्न त्वचा की समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें एंटीसेप्टिक और रोगाणुरोधी गुण हैं जो कि मुँहासो को बनाने वाले बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं। इसके अलावा, नीम लालिमा और त्वचा की सूजन में आराम देता है। (और पढ़ें – नीम के फायदे इन हिंदी)

आजकल खुबसूरत दिखने की चाह में लोग बाजारों में बिकने वाले क्रीम और पाउडर का अधिक मात्रा में use करते है. यह आपके चेहरे को निखारने के बजाय उसको नुकसान पहुँचा देता है. अगर आप कॉस्मेटिक का उपयोग करते भी है तो कम मात्रा में करे.

    नीम बहुत से त्वचा सम्बन्धी बिमारिओं के बहुत से औषधीय गुण होने के कारण नीम का पत्ता बहुत ही गुणकारी माना जाता है, यह दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) को बहुत आसानी से दूर करता है नीम के पत्तों में बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण मौजूद होते है जो मुंहासे,दाना, छाले, खाज-खुजली, एक्जिमा के अलावा सभी प्रकार के त्वचा सम्बन्धी रोग को दूर करने में मदद करता है। नीम के पत्तों का एक अच्छा सा पेस्ट तैयार कर लें, फिर उस पेस्ट को अपने चेहरे पर अच्छी तरह से लेप लगा लें। सूखने के पश्चात अपने चेहरे को अच्छी तरह से धो ले, लगातार 4-5 दिन ऐसा करने से आपको असर दिखना शुरू हो जायेगा।

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अपने मुंह में मौजूद खराब स्वाद को पहचाने: अगर आपके मुंह का स्वाद खराब है, तो इसका अर्थ यह है कि, आपकी सांस दूर्गंधित है। आपने कई बार ध्यान दिया होगा कि, खाना खाने के बाद, भोजन का स्वाद आपके मुंह में कई देर तक बना रहता है। कई पदार्थ जिनका स्वाद तेज होता है और वह अपनी खुशबूदार गुणों से भी जाने जाते है, जैसे कि लहसुन, प्याज़, या अधिक ज्यादा मसालेदार भोजन।[१६]

2 चंदन का पाऊडर पिंपल भगाने में बहुत लाभकारी होता है। यह न सिर्फ आपके चेहरे को फ्रेश करेगा बल्कि पिंपल को दुबारा लौटने से भी रोकेगा। चंदन पाऊडर को पिंपल पर 2-3 घंटो के लिए लगा रहने दें और चेहरे को ठंडे पानी से धो कर सूखा लें।

वहाँ रहे हैं एक बार आप छालरोग उपचार खोजने का फैसला किया, लेकिन केवल डॉक्टर कि चुना छालरोग उपचार दवा की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कर सकते हैं विकल्प की एक बहुत कुछ के अनुरूप होगा आप व्यक्तिगत रूप से। सोरायसिस के उपचार कोई साइड इफेक्ट नहीं होना चाहिए।

तैलीय त्वचा आजकल की धूल धक्कड़ भरी दुनिया में बहुत ही आम समस्या हो गयी है। त्वचा की बाहरी परत पर अतिरिक्त तेल इकट्ठा होने से अक्सर व्हाइटहेड्स और ब्लैकहैड्स, छोटे छोटे दाने और अन्य त्वचा समस्याएं हो जाती हैं। 

अधिक अपने आदि इस इस रोग इसके इससे इसे उपचार उसे एक ऐसे और कई कम कर करता है करते करना करें का का रस काली मिर्च किसी की की कमी कुछ के कारण के लिए के साथ कोई खाएं गरम ग्राम घी चम्मच चाहिए चूर्ण जब ज़रूरी जा जाए जाएगा जाती जाते जाना जाने जो ठीक डालकर तक तथा तरह तीन तेल तो दर्द दिन में दूध दें दो नमक नहीं नीबू पदार्थ पर पानी में पीने पूरी पेशाब प्याज प्रकार प्रतिदिन प्रोटीन फायदा बात बाद बार भी भोजन मात्रा मिलाकर यदि यह या ये रहता है रहती रहना रहे रोग रोगी को लक्षण लगता लहसुन लाभ ले लें वसा वह विटामिन व्यक्ति शरीर के शरीर में शहद सकता है सकते सभी समय सिर से से भी हम हमारे शरीर ही है कि हैं हो जाता है हो सकता होगा होता है होती होना होने

बहुत ही खूब सुरेंद्र जी, इस Post में आपने कील-मुहांसो के सभी कारणों की जानकारी दे दी और साथ ही साथ उनसे राहत पाने के लिए सबसे उपयोगी सभी घरेलू नुस्खों के बारे में भी बता दिया। बहुत से लोग chemicals का उपयोग करते है ,उन्हें लगता है कि तरह तरह की chemicals वाली creams और lotions use करके उन्हें इससे छुटकारा मिल जाएगा ,छुटकारा तो उन्हें मिल जाता है, मगर जो उनकी skin को नुकसान होता है उसके बारे में वह कभी सोचते भी नहीं न ही उन्हें जानकारी होती है। आपने सभी घरेलू नुस्खे बताये है जोकि बहुत ही फायदेमंद है और skin की natural glow को बनाये रखते है। इतनी उपयोगी जानकारी के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

तो, मुकाबला करने में सबसे महत्वपूर्ण कदममाथे पर पंपों को उनके दाने के कारण का निर्धारण करना चाहिए। वास्तव में, यह न केवल चेहरे की अनुचित स्वच्छता और इसके लिए परवाह है, बल्कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट, डिस्बिओसिस, तला हुआ, मिठाई और आटे का दुरुपयोग के काम में असामान्यताएं भी हो सकती हैं।

नई दिल्लीः इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सत्र के लिए किंग्स इलेवन पंजाब ने मुख्य कोच और गेंदबाजी कोच के नाम का ऐलान कर दिया है। पंजाब ने वेंकटेश प्रसाद को गेंदबाजी कोच, जबकि ब्रेड हॉज को मुख्य कोच [Read more…]

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आज का दौर खुद को दूसरो से बेहतर साबित करने का दौर है. हर किसी की चाह अपनी अलग पहचान बनाने की है. लेकिन जब किसी भी Person के Face पर pimples हो जाते है तो यह उसके Confidence को बहुत Low कर देता है. उसके मन में खुद के लिए हीन – भावना आने लगती है. वह व्यक्ति लोगो से मिलने में कतराने लगता है.

शरीर में जल का स्तर का संतुलन ही सिर्फ सांसों की ताजगी को बनाए रखा जा सकता है। जब हमारे शरीर में जल का स्तर कम हो जाता है तो मुंह में लार का बनना कम हो जाता है। जिससे सांसों में बदबू पनपती है। विटामिन सी- संतरा, निंबू या सभी खट्टे रस वाले फलों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, ये सांसों की बदबू दूर करने में मददगार हैं। विटामिन सी को जीवाणुओं से लड़ने वाले पदार्थ के रूप में जाना जाता है।

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