“मुँहासे से छुटकारा पाने के लिए 8 सप्ताह में |कैसे निकालें zits”

बात जब चेहरे की आती है तो शहद का नाम जुबां पर अपने आप ही आ जाता है. शहद हमारे कील – मुंहासो को दूर करने में बहुत जल्दी असर करता है. शहद का उपयोग हमें सोते समय करना चाहिए और सुबह उठकर फिर मुँह साफ़ कर लेना चाहिए. आपके द्वारा शहद का रोजाना इस्तेमाल आपके दाग – धब्बो को कम कर देता है.

खीरा त्वचा को शीतलता, कसावट और कोमलता प्रदान करने वाले गुणों के कारण बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा, विटामिन ए, विटामिन ई, मैग्नीशियम और पोटेशियम सहित उच्च विटामिन और खनिज मौजूद होने के कारण ये ऑयली त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है।

डायबिटीज, कैंसर और दिमागी रोगों के लिए फायदेमंद है दालचीनी वाला दूधखतरनाक बीमारी है लिवर सिरोसिस, तुरंत बदलें अपने खान-पान की आदतेंये 7 चीजें शरीर में पानी की कमी को पूरा कर देती हैं पर्याप्त पोषणये 3 घरेलू नुस्खे अस्‍थमा के असर को तुरंत कर देंगे कमरोजाना खाएं ये 6 फूड, 60 साल तक याद्दाश्‍त रहेगी तेजरोज सुबह पीएं लहसुन वाली चाय, होंगे ये 5 चमत्कारिक फायदे

फेस के बाल हटाने के उपाय – नींबू का रस, बेसन, मैदा एवं शहद चारों एक-एक चम्मच यानि बराबर मात्रा में लेकर थोड़े-से पानी के साथ फेंटकर लेप बना लें और चेहरे पर कुछ देर तक खूब अच्छी तरह मसले। फिर ठंडे साफ़ पानी से धो लें। लगातार कुछ दिनों तक ऐसा करने से चेहरे के अनचाहे बाल हट जाते हैं।

#2 – H-सोरायसिस, 88 अंक हमारे 100 के। H-सोरायसिस सूत्र एक निर्णायक सामयिक होम्योपैथिक उत्पाद है। सूत्र भी शुद्ध प्राकृतिक आवश्यक तेलों शामिल हैं और सुरक्षित और कोई हानिकारक रसायन या additives के साथ प्रभावी है। यह एक गहरी मर्मज्ञ क्रिया है, आपकी त्वचा पर कोमल है, और जलन, खुजली, जलन या scarring का कारण नहीं करना चाहिए।

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

नींबू का अम्लीय गुण खराब त्वचा के उपचार में बहुत सहायक हो सकता है। नींबू त्वचा की धूल मिट्टी को साफ कर देगा जो रोमछिद्रों में इकट्ठा हो चुका है और सीबम को मजबूत करेगा। नींबू का रस में साइट्रिक एसिड (citric acid) एक शक्तिशाली एस्ट्रिंजेंट (astringent) है जो मृत त्वचा कोशिकाओं को हटता है और नई त्वचा वृद्धि को प्रोत्साहित करता है। ये मुहांसों को सूखा देता है और उनके निशानों को हल्का कर देता है।

Psoriasis त्वचा है कि तेजी से प्रजनन लाल रंग के सूखे धब्बे का कारण बनता है पर त्वचा की सतह और त्वचा और अधिक मोटा होना त्वचा सेल की जरूरत पर जोर देता की एक शर्त है। हालत बढ़ नहीं रहा है। के रूप में बहुत जल्दी त्वचा सेल बनाता है, तराजू कि परिणाम के रूप में दिखाई देते हैं और गुच्छे भी सूखी। सोरायसिस आमतौर पर घुटने, कोहनी, खोपड़ी पर फैला हुआ है।

अपने मुंह में मौजूद खराब स्वाद को पहचाने: अगर आपके मुंह का स्वाद खराब है, तो इसका अर्थ यह है कि, आपकी सांस दूर्गंधित है। आपने कई बार ध्यान दिया होगा कि, खाना खाने के बाद, भोजन का स्वाद आपके मुंह में कई देर तक बना रहता है। कई पदार्थ जिनका स्वाद तेज होता है और वह अपनी खुशबूदार गुणों से भी जाने जाते है, जैसे कि लहसुन, प्याज़, या अधिक ज्यादा मसालेदार भोजन।[१६]

धूम्रपान न करें: आप जो भी इन्हेल करते हैं वह आपके शरीर को प्रभावित करता है और हानिकारक चीजों ,जैसे की सिगरेट, सिगार या अन्य ड्रग्स, का धुआँ इन्हेल करने से आपके गले और फेफड़ों की हालत और खराब हो सकती है। इन चीज़ों का धुआँ आपके शरीर की जल्दी से ठीक होने की क्षमता में दखल देता है और साथ ही साथ आपके शरीर में बलगम के उत्पादन को बढ़ाता है। कम से कम बीमारी के दौरान अपनी जीवन शैली से धूम्रपान को हटाने की कोशिश करें।

ड्राई ब्रशिंग विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद करती है। ड्राई ब्रशिंग के जरिए बॉडी पर जमा गंदगी व डेड सेल्स से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा यह सेल्युलाइट यानि वसा से भी निजात दिलाती है। पांच से दस मिनट के करीब, धीरे धीरे ड्राई ब्रश प्रभावित क्षेत्रों पर उपयोग करें। सेल्युलाइट की समस्या में बॉडी ब्रशिंग तकनीक मददगार साबित होती है।

3 – गुलाब जल में बराबर मात्रा में निम्बू का रस मिलाकर मिश्रण तैयार कर लीजिये और उस मिश्रण को चेहरे पर करीब आधे घंटे तक लगा कर रखे फिर ताजे पानी से चेहरा धो ले, इस प्रयोग को चेहरे पर करीब 15  दिन तक करें, जिससे आपके चेहरे के मुँहासे ठीक हो जायेंगे.

एक स्टेरॉयड (steroid ) इंजेक्शन लें: यदि आपको विशेष रूप से बड़े पित्त वाले मुँहासे हो गए हैं जो कि बहुत ज्यादा दर्दनाक भी है तो आप स्टेरॉयड इंजेक्शन का सहारा ले सकते हैं। ये एक दिन से कम समय में ही उसके आकार को घटा सकते हैं तथा मुँहासों में होने वाले दर्द को भी कम कर सकते हैं।

यह शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया को बढ़ावा देता है और इस प्रकार रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य बनाये रखने में शरीर की सहायता करता है।दालचीनी के मधुमेह से सम्बंधित लाभ उठाने के लिए दालचीनी को अपने दैनिक आहार में शामिल करें। इसका उपभोग बहुत ही सरल है। आपको बस दालचीनी पाउडर को सुबह अपने दलिया या ओर कोई अन्य आहार पर छिड़क कर खाना है या फिर अपनी शाम वाली चाय या कॉफी में इसकी एक चुटकी मिठास मिलानी है।

निखिल जी हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए आपका बहुत धन्यवाद. निखिल जी आज जब मैं युवाओ को देखता हूँ तो तब उन्हें देखकर लगता ही की वे कितना खुबसूरत बनने की चाह रखते है. इसी चक्कर में वे कई गलतियाँ कर देते है. उन्ही में एक है कील – मुंहासे. उनकी त्वचा की समस्या को मैंने आज इस पोस्ट में तब विस्तार से लिखा. धन्यवाद

पिछले कई सालों से सिर दर्द, ठंड, खांसी, कंजस्टेड नाक, छाती और गले के कहर के इलाज के लिए विक्स वेपोरब का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह इसका एकमात्र उपयोग नहीं है। आप इसे कई अन्य चीजों के लिए भी उपयोग कर सकते हैं

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वैकल्पिक रूप से, कुछ मिनटों के लिए पानी में एक एलोवेरा की पत्ती उबाल लें। पेस्ट बनाने के लिए इस पत्ती को शहद के साथ पीस लें। इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर अच्छी तरह से लगाएं। इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर इसे ठंडे पानी से धो दें। यह उपाय सप्ताह में एक बार करें।

जानिये मुहासों के बारे में सभी बातें। मुहासों से जुड़े भ्रम और इसके कारणों को समझिये। आसान और प्राकृतिक टिप्स के साथ कैसे पा सकते हैं मुहासों से छुटकारा। मुहासों और इसके दाग को हटाने के विभिन्न तरीकों और इससे जुड़े आहार के बारे में भी जानिये।

आयुर्वेद में, हल्दी को कैविटी दर्द से राहत प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के साथ एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण मसूढ़ों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ बैक्‍टीरियल संक्रमण के कारण दांतों के गिरने की समस्‍या को भी रोकता है। प्रभावित दांत पर थोड़ी सा हल्‍दी पाउडर लगाकर इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से अच्‍छे से कुल्‍ला कर लें।

बर्फ़ का प्रयोग करें: यह एक घरेलू उपचार है जो धब्बों को फीका करके सूजी हुई त्वचा को ठीक करता है | एक साफ़ कपड़े या तोलिये में बर्फ को बंद कर प्रभावित त्वचा पर 1-2 मिनट तक लगाते रहें जब तक वह जगह सुन्न न हो जाए |

माउथवॉश का इस्तेमाल करें: दुर्गंधयुक्त सांस पर शीघ्र प्रभाव करने के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल करना एक उत्तम तरीका है। यह आपकी दुर्गंधित सांस को अस्थायी रूप से छिपा देता है, लेकिन यह काफी है अन्य लोगों को बुरा लगने से बचने के लिए।[७]

तो आज हमने आपको इस पोस्ट में बताया कि कैसे आप अपने चेहरे से कील मुहांसों को दूर कर सकते हैं कील मुहासे किस चीज से होते हैं और उनसे बचने का उपाय यदि आपको यह पोस्ट पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं.

कील और मुहाँसो को दूर करने के लिए चेहरे की त्वचा को बार बार धोते रहें और बिलकुल स्वच्छ रखें चेहरे के त्वचा के छिद्र को खुल्ला और साफ़ रखें उस के लिए आप हर रोज को और सवेरे उठ के भाप से त्वचा साफ़ करें साबुन से चेहरा न धोये| सिर्फ बेसन, चावल का आटा और हल्दी का प्रयोग करें पानी अधिक मात्र में पिएं पूरी नींद लें तले हुए, मसालेदार आहार को कम मात्रा में खाएँ|

मेरा यह सबसे Best Tips है जो मैं आपको देना चाहूँगा इसने मुझे Acne और Pimple को कम करने में काफी help की. आपको जब भी पानी दिखे तो अपना मुँह धो ले. अगर आप कोई काम करते है तो उसके बाद साफ़ पानी से मुँह धोये. रात को सोने से पहले भी अपना चेहरा पानी से अवश्य धो ले. यह आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा.

5: 1 के अनुपात में जल के साथ ओर्गनिक बेकिंग सोडा मिक्स करें। यह एक गाढ़े पेस्ट के रूप में होना चाहिए। इस पेस्ट को मुँहासो के निशानों पर लगा कर रखें, जब तक यह पेस्ट सूख नहीं जाता है। उसके बाद इस पेस्ट को गुनगुने पानी से धो लें। इसे सप्ताह में तीन बार दोहराएँ जब तक आपको परिणाम ना दिख जाए।

नॉन-एलर्जेनिक (non-allergenic) कपड़े धोने की साबुन और ब्लीच का प्रयोग अपने कपड़े तथा चादर धोने में करें: यह विशिष्ट (specific) डिटर्जेंट उन लोगों के लिए है जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है। इन उत्पादों का प्रयोग जब सम्भव हो तब जलन से बचने के लिए करें या एलर्जी की प्रतिक्रिया से बचने के लिए जो कि आपके वर्तमान डिटर्जेंट से हो सकता है।

चेहरे से  फुंसी मुहांसे से बचने के लिए साफ सफाई का पूरा ध्यान रखे, कील मुहासों से बचने के लिए अपने चेहरे को पूरी तरह साफ रखे और चेहरे को साफ पानी से ही धोए और धोते समय चेहरे को ज्यादा न रगड़े व चेहरे को बार बार हाथ न लगाये जिससे हाथ पर जमा धुल के कण चेहरे पर नही आयंगे तोलिये और रुमाल को बिना धोए अधिक समय तक उपयोग मे न लाये नही तो पिम्प्लेस और अधिक हो जायंगे

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