“मुंहाल निशान से छुटकारा पाने के लिए _मुंह खोने का सबसे तेज़ तरीका”

प्राकृतिक जड़ी बूटियाँ खाएँ: मुलैठी (licorice), मेथी और चिकवीड (chickweed) जैसी जड़ी बूटियाँ खाना आपके गले से बलगम साफ करने में मदद करेगा। इन्हें अपने खाने में जोड़ें या अगर आप स्वाद को बर्दाशत कर सकते हैं, तो इन्हें कच्चा खाएँ या पानी में उबालकर इनकी चाय बनाएँ।[२]

चाय के पेड़ के तेल में सभी प्रकार की छिलके और की सामग्री को साफ़ करने का श्रेय जाता है – कीट काटता है, एथलीट का पैर, और मामूली जलता है – और यह ज़ाप जिट्स को भी सहायता कर सकता है। बस एक कपास झाड़ू पर कुछ चापलूसी और अभी zit करने के लिए इसे अभ्यास। डॉ। बोवे ने चेतावनी दी, “शुरूआत में इसे पतला, तथ्य से कुछ लोगों को तुरंत इसे लागू करने के लिए बहुत भावुक हो,” डॉ बोवे चेताते हैं ..     नींबू……….

धूम्रपान करने से और तम्बाकू चबाने से बचें: वैसे तो कई सारी वजह है धूम्रपान और तम्बाकू को छोड़ने के लिए (जैसे कैंसर), परंतु सांस की दुर्गंध होना भी एक कारण है। धूम्रपान करने से व्यक्ति की सांस की गंध बासी तम्बाकू जैसी लगती है, जिसे कई बार “ऐश ट्रे की गंध” आना कहा जाता है। इस गंध को रोकने का सबसे आसान तरीका, धूम्रपान छोड़ना ही है।[१०]

त्वचा को ठंडक पहुंचाने वाले, सफाई करने और कसाव लाने के गुणों के कारण टमाटर तेलीय त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते हैं। टमाटर में मौजूद विटामिन सी की उच्च मात्रा मुँहासे युक्त त्वचा के लिए बहुत उपयोगी होती है। इसके अलावा, टमाटर में तेल अवशोषित करने वाला एसिड भी पाया जाता है। जो अतिरिक्त तेल से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। 

अगर आप को जल्दी चेहरे पर से कील मुहांसों से छुटकारा पाना है तो आप रोज कुच्छ दिनो तक सफेद प्याज का रस में एक चमच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएँ चेहरा सूखने पर धोकर साफ टॉवेल से साफ करके स्टीम लें जल्दी ही आप के कील और मुहाँसे सॉफ हो जाएँगे

If u have oily skin.. wash ur face only with water ….when oil comes on ur face.. n on pimple u can apply clindamycin phosphate 1% in a day . Or in night u should apply aziderm acid cream so that ur marks on face removes.. one tablet of vitamin c in a day.. in 10 days u see pimples gone.. marks gone . After u wash ur face with himalaya neem face wash .

वैकल्पिक रूप से, एक चम्मच मेथी के बीज को पीसें और उसका पाउडर बनाएं और एक पेस्ट बनाने के लिए थोड़ा सा गर्म पानी मिलाएं। प्रभावित क्षेत्र पर इस पेस्ट को लगाएं। 20 मिनट या रात भर लगाकर छोड़ दें और फिर धो लें, यह सप्ताह में दो या तीन बार कर सकते हैं।

टमाटर अम्लीय (एसिडिक) होते है और दानों पर उनकी लुगदी लगाने से त्वचा शुष्क होती है और इस वजह से त्वचा के छिद्र कस जाते हैं। इसका मतलब है कि छिद्र में से कम तेल निकलने की और मुँहासे न पैदा करने की सम्भावना होती है। टमाटर एंटीऑक्सीडेंट में समृद्ध है, और त्वचा पर लगाने से सूजन और त्वचा की क्षति को कम करता है।

मुल्तानी मिट्टी तैलीय और मुँहासे प्रवण त्वचा के लिए अच्छी है और यह अतिरिक्त तेल को अवशोषित कर, उनको रोम छिद्र से मुक्त करती है। यह आपके रंग में सुधार करने में भी मदद करती है। (और पढ़ें – आठ दिन के लिए यह उबटन लगाएँ, काले से गोरा रंग और सुंदर त्वचा पाएँ)

कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। आपको बता दें कि साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा।

शहद, त्वचा की सतह पर जमा अतिरिक्त तेल को कम करने में मदद करता है। साथ ही छिद्र और झुर्रियों को भी होने से रोकता है। शहद में मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं जो त्वचा को पोषण देते हैं और त्वचा को बिना ऑयली बनाये पर्याप्त रूप से मॉइस्चराइज करते हैं। इसके अलावा, शहद के प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण मुँहासे पैदा करने वाली ऑयली त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

कभी-कभी हल्के-फुल्के बुखार के साथ भी छाले हो जाते हैं, वहीं कुछ स्त्रियों में महावारी आने से पहले ये हो जाते हैं। तनाव के कारण भी छाले हो सकते हैं। छालों होने का कारण दांतों की समस्या से भी जुड़ा हो सकता है। किसी दांत का तेज किनारा, ब्रश करते हुए या डेंचर पहनते व उतारते समय बने जख्म भी छाले बन परेशानी पैदा कर सकते हैं।

नियमित रूप से अच्छी तरह अपने मुँह को साफ करें: जीभ और दाँतों के बीच में अच्छे से ब्रश करें, इसलिए नहीं की अच्छे लगे, बल्कि ओरल हेल्थ और साफ़ सांस के लिए। मुँह की दुर्गंध के दो प्रमुख स्त्रोत बैक्टीरिया और खाद्य कण का सड़ना है। आपके मुँह में अनेक कोने और सुराख होते हैं जिनमे खाने के कण फंस जाते हैं और सड़ जाते हैं। जिसके लिए सिर्फ दांतो को ब्रश करना नाकाफी है।

परेशान करने वाली चीज़ों से दूर रहें: घरेलू क्लीनर्स, एनैमल्स (enamels), रंग के धुएँ और अन्य रसायन रेस्पीरेटरी स्थिति को बिगाड़ते हैं और बलगम के स्तर को बढ़ाते हैं। अपने घर में ताजी हवा आने के लिए अपनी खिड़कियों को खुला रखें, अपनी बीमारी के दौरान परेशान करने वाली चीज़ों को अंदर रखें और ऐसी जगह जाने से बचें जहाँ ये सब होने की संभावना है (जैसे बार या एक पेंट की दुकान।[४]

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

एक नैचुरल एंटी एजिंग और एंटी ऐंजनंट है क्योंकि इसमें विटामिन ‘सी’ पाई जाती है जो चेहरे को अंदर गहराई से साफ करती है। नींबू का रस दाग धब्बों कील मुहांसों को दूर करने एवं चेहरे का स्कीन टोन को निखारने में मदद करता है। इसके रोजाना इस्तेमाल से चेहरा दाग धब्बों से रहित एवं ख़ूबसूरत बन जाता है।

अच्छी क्वालिटी के च्युंगम चबायें: जैसा कि पिछले चरण में उल्लेख किया है, कोई भी च्युंगम दुर्गंध हटाने में मदद करता है क्यूंकि चबाने के कार्य से लार का उत्पादन अधिक होता है। हालांकि, कुछ गम दूसरों की तुलना में बुरी सांस से लड़ने की बेहतर क्षमता रखते हैं:

यदि आप एलर्जिक हैं तो उपयुक्त उत्पादों का प्रयोग न करें। यदि आप सुनिश्चित नहीं है कि आपको एलर्जी है या नहीं तो क्रीम को अपने शरीर के किसी बड़े हिस्से पर लगाने से पहले, आप अपने हाथ पर सैंपल टेस्ट कर सकती हैं।

मेलनिन के मात्रा कम होने के कारण मूछ और दाढ़ी के बाल सफेद होने लगते है मेलनिन ऐसा तत्व है जो आपके बालों और त्वचा के रंग को सही रखने में मदद करता है लेकिन उम्र के साथ शरीर में मेलनिन की मात्र कम होने के कारण बालों और त्वचा का रंग फीका पड़ने लगता है

बवासीर में कच्ची मूली या मूली के पत्तों की सब्जी बनाकर खाना फायदेमंद होता है. हर रोज सुबह उठते ही एक कच्ची मूली खाने से पीलीया रोग में आराम मिलता है. अगर पेशाब का बनना बंद हो जाए तो मूली का रस पीने से पेशाब दोबारा बनने लगती है. आधा गिलास मूली का रस पीने से पेशाब के साथ होने वाली जलन और दर्द मिट जाता है. खट्टी डकारें आती है तो मूली के एक कप रस में मिश्री मिलाकर पीने से लाभ मिलता है.

Turmeric has great antimicrobial and antiseptic properties and works for all skin problems. It can be used by mixing with water and making a thick and smooth paste. Apply this paste properly in the pimple region and leave it for some time to dry. It helps in killing the bacteria in the pimple. Once it is dried wash it off with normal water. Repeat the process daily to see better results.

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