“मुंह के लिए मुँहासे के रंग से छुटकारा पाने मुँहासे जटिल”

यह आपके चेहरे पर कोई गलत परिणाम नहीं देते . मुहाँसे के लिए मेडिकल इलाज लेने से पहले हमेशा ही घरेलु इलाज लेना चाहिए क्यूंकि मेडिकल इलाज से चेहरे की प्राकृतिक सुन्दरता चली जाती हैं और चेहरा बेजान हो जाता हैं .अपने चेहरे से मुहाँसे हटाने के लिए पहले साधारण घरेलु इलाज करे जिससे चेहरे में और अधिक निखार आता हैं .

अम्लिय पेय से बचें। यह आपकी सांस और दांत के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, क्योंकि अम्लिय पेय आपके दांतो के इनेमल को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। जितना हो सके अम्लिय पेय पीने से बचे और अगर पीना ही है तो ध्यान रखें कि आप स्ट्रा के जरिए या जल्दी से पीए, बिना मुंह में रखें। आप पानी का इस्तेमाल करके कुल्ला करके अपने खाने के अवशेष को दूर करें।

चेहरे से पिंपल और कील निकालना आजकल साधारण सी बात हो गयी है लेकिन इनके निशान बाद मे रह जाते है जिससे चेहरे पर धब्बे जैसे नजर आते है। अगर आप अपने खान पान पर ध्यान नही रखते है तब भी आपके चेहरे पर मुहासे हो सकते है। अगर आप अपनी स्किन हो Hydrate रखते है तो आपको इस समस्या का सामना नही करना पड़ेगा इसके लिए आप दिन मे भरपूर पानी का सेवन करे।

क्या आपको याद है आपकी दादी आपके घावों पर हल्दी छिड़कने के लिए कहती थीं? खैर, चिकित्सा शोधकर्ताओं ने अब पता किया है कि हल्दी में ऐसी सामग्री शामिल होती हैं जो उसे एक शक्तिशाली रोगाणुरोधी बनाती हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि भारत में महिलाओं ने अब तक अपनी त्वचा को स्वस्थ और दमकती रखने के लिए हल्दी के उबटन का उपयोग किया है। आप सीधे त्वचा पर हल्दी का पेस्ट लगा सकते हैं, गर्म दूध के साथ लेने से भी आप त्वचा पा सकते हैं।

Ice Cube का सबसे लोकप्रिय उपयोगों में से एक मुँहासे सिकुड़ने के लिए है | बर्फ लालिमा और सूजन को शांत कर सकता है, खासकर cystic acne को | हालांकि, याद रखें कि pimples संवेदनशील होते हैं और बैक्टीरिया से भी भरा होता है | इसलिए pimple के उपचार लिए ice का उपयोग करते वक्त सौधानियाँ बरते |

तो आज हमने आपको इस पोस्ट में बताया कि कैसे आप अपने चेहरे से कील मुहांसों को दूर कर सकते हैं कील मुहासे किस चीज से होते हैं और उनसे बचने का उपाय यदि आपको यह पोस्ट पसंद आए तो शेयर करना ना भूलें और यदि आपका इसके बारे में कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं.

बहुत ही खूब सुरेंद्र जी, इस Post में आपने कील-मुहांसो के सभी कारणों की जानकारी दे दी और साथ ही साथ उनसे राहत पाने के लिए सबसे उपयोगी सभी घरेलू नुस्खों के बारे में भी बता दिया। बहुत से लोग chemicals का उपयोग करते है ,उन्हें लगता है कि तरह तरह की chemicals वाली creams और lotions use करके उन्हें इससे छुटकारा मिल जाएगा ,छुटकारा तो उन्हें मिल जाता है, मगर जो उनकी skin को नुकसान होता है उसके बारे में वह कभी सोचते भी नहीं न ही उन्हें जानकारी होती है। आपने सभी घरेलू नुस्खे बताये है जोकि बहुत ही फायदेमंद है और skin की natural glow को बनाये रखते है। इतनी उपयोगी जानकारी के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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रात को भोजन के बाद एक छोटी हरड़ चूसे। इस से आमाशय और आंतड़ियों के दोषो के कारण महीनो ठीक ना होने वाले मुंह व् जीभ के छाले ठीक हो जाते हैं। हरड़ को चूसते रहने से पाचक अंग शक्तिशाली बन जाते हैं, पेट के कीड़े भी नष्ट होते हैं।

वैज्ञानिकों का मानना कि सामान्य जनसंख्या का कम से कम 10 प्रतिशत में से एक या अधिक जीन है कि छालरोग के लिए एक गड़बड़ी पैदा की इनहेरिट होती। हालाँकि, केवल 2 प्रतिशत से 3 प्रतिशत जनसंख्या का रोग विकसित करता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि छालरोग विकास करने के लिए एक व्यक्ति के लिए जीन है कि छालरोग कारण और विशिष्ट बाह्य कारकों “ट्रिगर के रूप में.” जाना जाता करने के लिए उजागर किया का एक संयोजन व्यक्तिगत होना चाहिए

इस तरह मुंह की लार से हम मुफ्त में कई बीमारियों का इलाज कर सकते है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि इस लार में वो सभी 18 तत्‍व पाये जाते है जो मिट्टी में पाए जाते है। लेकिन बहुत अफसोस की बात हैं कि आज मनुष्य खुद ही अपना दुश्मन बनता जा रहा है। वह धूम्रपान और नशीले पदार्थों के चलते लार को खत्म करता जा रहा है और अपने लिए दुःख तकलीफो को न्योते पर न्योता दिए जा रहा है । धूम्रपान से लार दूषित हो जाती है और असर नहीं करती। जर्दा, पान अन्य पदार्थ से बार-बार थूकने से लार जरूरत से ज्यादा बाहर निकलती है। वहीं तीसरा ड्रग आदि के प्रयोग से मुंह सूख जाता है और लार नहीं रहती। इसलिए लार को बचाने के लिए आपको इन सब आदतों को भी छोड़ना होगा।ताकि लार हमारे शरीर को बीमारियों से बचा सके |

अध्ययन में, दालचीनी ने गठिया दर्द से जुड़े साइटोकिन्स (cytokines) को कम करने के लिए सकरात्मक प्रभाव दिखाए हैं। मरीजों को सुबह-शाम शहद के एक चम्मच के साथ दालचीनी पाउडर का आधा चम्मच मिलाकर खाने से एक हफ्ते के बाद गठिया के दर्द में काफी राहत मिली और वे एक महीने के भीतर दर्द के बिना चल-फिर भी पा रहे थे।

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