“मुंह से छुटकारा पाने के लिए क्या अच्छा है |72 घंटे में मुँहासे से छुटकारा”

–> कपूर का एक टुकड़ा शीशी में डालकर ढक्कन लगा दें और किसी गर्म जगह पर रख दें | आधे घंटे में कपूर लोशन बन जायेगा | तब उसे ¼ चम्मच सूखे जायफल के पाउडर, ¼ चम्मच चंदन चूरा और इतने ही हल्दी पाउडर मिलाकर मुँहासों पर लगाये, आधे घंटे बाद मुंह धो लें |

इसके अलावा और भी कई कारण हैं जो इस समस्या को जन्म देने का काम करते हैं। समय पर दांत को साफ ना करना, पाचन क्रिया का ठीक ना होना और धूम्रपान का सेवन करना यही इसके सबसे बड़े कारण बनते हैं। आज हम आपको इस समस्या से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं। जिससे आप अपनी परेशानी से छुटकारा पा सकती हैं। जानें वो घरेलू उपाय…

आप अपना चेहरा भाप कर सकते हैं गर्म वाष्प में त्वचा को नरम करने की क्षमता होती है, साथ में मृत त्वचा कोशिकाओं, बाएं-पीछे के सौंदर्य प्रसाधन, तेल और बैक्टीरिया जो प्लग छिद्रता है। इस बैक्टीरिया, गंदगी और त्वचा के छिद्रों में फंसे तेलों को हल्का ढंग से चेहरे को साफ़ करने से हटा दिया जा सकता है।

मुंह की दुर्गंध (Mouth Bad Smell) की समस्या अक्सर दूसरों के सामने शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे ब्रेकफास्ट न करना, मुंह की सफाई न करना, खराब डाइजेशन और सलाइवा की कमी जैसी कई समस्याएं होती हैं। इसे खान-पान में सुधार करके काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानेंगे इनके बारे में— सबसे पहले तो दांतों और मुंह से बदबू आने के कारण जानते हैं।

सेब के सिरके में महान स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह त्वचा के लिए भी अच्छा होता है। सेल्युलाईट से प्रभावित क्षेत्रों पर सेब के सिरके का उपयोग करने से त्वचा में फंसे विषाक्त पदार्थों को निकाला जा सकता है। यह सूजन को कम करने में भी मदद करता है। त्वचा में इसके प्रयोग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। सेब के सिरके में पानी की बराबर मात्रा मिलाकर त्वचा पर लगा सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, यह शहद या पानी के साथ मौखिक रूप से भी लिया जा सकता है। यह वजन घटाने और सेल्युलाईट को कम करने में मदद करता है। 

त्वचा के छिद्र भर जाने पर सूजन आ जाती है और उस छिद्र में बैक्टीरिया के कारण पस भर जाती है इस को पिम्पल्स कहते हैं तले हुए, मसालेदार आहार को कम मात्रा में खाएँ भरपूर नींद लें पानी अधिक मात्रा में लें चेहरे को बार बार धोएँ फल और सब्जी ज़ायेदा खाएँ साबुन की जगह बेसन के उबटन से मुँह धोएँ

परीक्षण करें, अगर आपको सांस की दुर्गंध की समस्या है: यह बताना मुश्किल है कि कब आपकी सांस दूसरो को बदबूदार लगें। अगर आपकी सांस बदबूदार है, तो इन परीक्षण का इस्तेमाल करके, आप अपने मुंह में मौजूद सल्फर नमक को किसी और चीज़ में मिलाकर, सूंघ सकते हैं और स्वयं ही अपने सांस की दुर्गंध को पहचान सकते हैं।[१५]

अधिकांश किशोरों के लिए, मुँहासे यौवन के दौरान अस्थिर हार्मोन के स्तर के वजह से होते हैं वसामय ग्रंथियों (सेबेसियस ग्लैंड्स) को ज़्यादा काम करने के लिए उत्तेजित करते हैं। यह अतिरिक्त त्वग्वसा (सीबम), त्वचा की सबसे बाहरी परत के मृत कोशिकाओं और छिद्र को रोकने वाले बैक्टीरिया के साथ जुड़ती हैं और मुँहासे पैदा करती हैं। यह चिकनी(ऑयली) त्वचा के परिणाम स्वरुप भी हो सकती हैं। दानों के खुजाने या फोड़ने से और चेहरे पर कुछ कृत्रिम सामग्री जिसके बारे में आपको ज्यादा नहीं पता हो का उपयोग करने से आप समस्या को बढ़ा देते हैं। बल्कि, आपकी त्वचा को स्वस्थ और मुँहासों से मुक्त रखने के लिए सरल हर्बल उपचारों का उपयोग करें।

एलोविरा का प्रयोग करें: एलोविरा का रस एक ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है जो कई प्रकार कि बिमारियों, चोट लगना, जल जाना, या मुँहासों को दूर करता है | यह त्वचा को फिर से नया बनाकर नमी प्रदान करता है | एलोविरा को किसी भी दुकान में पाया जा सकता है, लेकिन एलोविरा के पत्तियों का रस सब से ज्यादा उपयोगी माना गया है | इसके जैल को धब्बों पर लगाकर छोड़ दें | धोने की भी जरुरत नहीं है |

Mera naam kuldeep h or sir mai apne face oar hone wale pimples se kaphee pareshan hu . Mere face pe pinples pichle kareeb 4 saal se h me jab bhi dawaee leta hu tab ye thik ho jaate h but dawaee ko band karne ke baad ye pehle jaise wapas hi jaate h. Sir mere face oe rojana bahut sare white colour ke pimples aa jate h or ek – do din me ye khatam ho kar wapas naye nikalne suru ho jaate h aisa sir mere sath pichhle 2 saloo se ho rha h or sir pimples ke wajah se mera ghar se niklna mushkil ho gya h or sir mere face pe pimples ke daag bhi h or unki wajah se mere face par kuch jagah par small holes ho gye h .

पुलिस ने बताया कि जब मामले की जानकारी हुई तो केस दर्ज कर सुरेश को पकड़ने की तैयारी की गई। उसमान ने बताया कि उसकी और मारिया की 2005 में शादी हुई थी और वह 2012 में आपसी सहमति से अलग हो गए थे। सुरेश की मारिया से मुलाकात फेसबुक के जरिए हुई थी और दोनों में जल्द ही प्यार हो गया और दोनों साथ में रहने लगे। इस बीच सुरेश अपने घर गया जहां उसके परिवार ने उसकी शादी लता से करा दी।

नींबू में विटामिन सी होता है और फीटोनुट्रिएंट्स जिन्हें फ्लेवनॉइड्स कहते हैं जिनमें मजबूत एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक असर होता है। शरीर के भीतर हो रहीं उपापचयी (मेटाबॉलिक) प्रतिक्रियाओं के दौरान उत्पन्न हुए मुक्त कण, शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं (सेल्स) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नींबू में एंटीऑक्सीडेंट इन मुक्त कण की कार्रवाई को प्रतिबंधित करते हैं और नींबू का रस मुँहासों के लिए एक शानदार उपाय है।

अगर आप को जल्दी चेहरे पर से कील मुहांसों से छुटकारा पाना है तो आप रोज कुच्छ दिनो तक सफेद प्याज का रस में एक चमच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएँ चेहरा सूखने पर धोकर साफ टॉवेल से साफ करके स्टीम लें जल्दी ही आप के कील और मुहाँसे सॉफ हो जाएँगे

इस तरह मुंह की लार से हम मुफ्त में कई बीमारियों का इलाज कर सकते है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि इस लार में वो सभी 18 तत्‍व पाये जाते है जो मिट्टी में पाए जाते है। लेकिन बहुत अफसोस की बात हैं कि आज मनुष्य खुद ही अपना दुश्मन बनता जा रहा है। वह धूम्रपान और नशीले पदार्थों के चलते लार को खत्म करता जा रहा है और अपने लिए दुःख तकलीफो को न्योते पर न्योता दिए जा रहा है । धूम्रपान से लार दूषित हो जाती है और असर नहीं करती। जर्दा, पान अन्य पदार्थ से बार-बार थूकने से लार जरूरत से ज्यादा बाहर निकलती है। वहीं तीसरा ड्रग आदि के प्रयोग से मुंह सूख जाता है और लार नहीं रहती। इसलिए लार को बचाने के लिए आपको इन सब आदतों को भी छोड़ना होगा।ताकि लार हमारे शरीर को बीमारियों से बचा सके |

इसके साथ ही कुछ लक्षण psoriasis के लक्षण हो सकता है। यह psoriasis vulgaris, जो रोग, guttate सोरायसिस छोटे धब्बे, जो बूंदों की तरह कर रहे हैं की विशेषता, व्युत्क्रम सोरायसिस underarms क्षेत्र, नाभि और नितम्बों, पास में एक नियम के रूप में की खोज की, और तरल अंदर के साथ छोटे फफोले द्वारा देखा pustular सोरायसिस का सबसे व्यापक प्रकार है शामिल हैं। इसके अलावा, एक अलग-अलग रोग हथेलियों और तलवों पर प्रकट होता palmoplantar सोरायसिस कहा जाता है।

ऊपर दी गई सामग्री को मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इस पेस्ट को मस्से के ऊपर लगाते हुए इसे कपड़े से कवर कर लें। कुछ घंटों तक पट्टी लगे रहने के बाद दोबारा इस प्रक्रियां को दोहराते हुए दूसरी पट्टी का उपयोग करें। इसी प्रक्रिया को इसी तरह से दोहराने से आपको जल्द ही अच्छे परिणाम प्राप्त हो जाएंगे। जल्दी परिणाम प्राप्त करने के लिए इसे आप दिन में दो बार करें।

गम में ज़ाइलीटोल (Xylitol) पाया जाता है, एक शुगर-फ्री स्वीटनर जो की सनौबर पेड़ की छाल (birch bark) से बनता है, खासतौर पर दुर्गंधयुक्त सांस को रोकने में मददगार होता है। यह आपके दांत को खराब होने से बचाता है, और दाँतों के घिसे हुए इनेमल को मिनरल देकर पुनः निर्माण करने में मदद कर सकता है।[६]

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जैसा कि आप जानते हैं, त्वचा हालत का एक संकेतक हैशरीर। चेहरे पर मुँहासे की उपस्थिति के कारण दोनों बाह्य और आंतरिक कारकों का असर हो सकता है। जलवायु की स्थिति, कॉस्मेटिक तैयारी का उपयोग, पर्यावरण की स्थिति बाह्य कारक हैं जो त्वचा की स्थिति को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए, गर्मी में मुंह का प्रकटन, पराबैंगनी प्रकाश या वृद्धि हुई पसीना आना के परिणामस्वरूप हो सकता है। त्वचा का संदूषण चेहरे पर छोटे खांघों की उपस्थिति की ओर जाता है

रेटिनॉइड स्किन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें: रेटिनॉइड्स, विटामिन ए के डेरीवेटिव हैं जिसे कई प्रकार के त्वचा देखभाल पदार्थो (जो झुर्रियां, त्वचा के धब्बे, और मुँहासे का इलाज करती हैं) में इस्तेमाल किया जाता हैं। रेटिनॉइड्स, कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता हैं और कोशिकाओं को तेज करता हैं, जो कील मुँहासो से लड़ने लिए सर्वोत्तम विकल्प हैं। यह क्रीम थोड़ी महंगी हो सकती हैं लेकिन जल्द और अच्छे नतीजे पाने के लिए, त्वचा विशेषज्ञ इन्हें उपयोग करने की सलाह देते हैं |

One thought on ““मुंह से छुटकारा पाने के लिए क्या अच्छा है |72 घंटे में मुँहासे से छुटकारा””

  1. मुंह में छालों  का होना एक आम बात है. यह समस्या कभी भी किसी को भी हो सकती है. मुँह में छालों के होने पर हमे खाना खाने में काफी समस्या होती है और कभी कभी यही छाले इतने बढ़ जाते है कि व्यक्ति को बोलने में भी काफी तकलीफ होती है.
    नई दिल्‍ली : सांसों की दुर्गन्ध और मुंह की बदबू एक ऐसी समस्‍या है, जो कई लोगों  में पाई जाती है। आपके मित्र, सहकर्मी और अन्‍य आपके पास बैठने से कतराते हैं। मुंह से आती दुर्गन्ध और सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह में मौजूद एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है। कई बार तो लोग इस समस्या से अंजान होते हैं। इस बदबू के कई कारण होते हैं, जैसे-गंदे दांत, पाचन की समस्या और धूम्रपान। कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर इस समस्‍या से छुटकारा पाया जा सकता है।
    आरोपी सुरेश सिंह ने हत्या को अंजाम देने के बाद लाश को बेड में इसलिए छिपा दिया कि वह सर्दियों में गल जाएगा और तब तक उसे सोचने का समय मिल जाएगा। मारिया ने सुरेश से शादी करने के बाद अपना नाम बदलकर सावित्री मेहरा कर लिया था। हत्या के बाद सुरेश अपने घर उत्तराखंड भाग गया और वहां रहने लगा। हालांकि पुलिस ने स्थानीय मदद से उसे धर दबोचा।
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