“मुंह हटानेवाला मुँहासे निशान यूट्यूब से छुटकारा पाने के लिए”

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नींबू में मुहांसों से लड़ने के कुछ रासायनिक गुण मौजूद होते है| नींबू का सबसे बड़ा गुण आयल (चिकनाई) को खत्म करने का होता है क्योंकि इसके एसिड की रासायनिक संरचना क्षार या कसैला होती है| दूसरा नींबू एक नेचुरल एंटी बैक्टीरियल एंटीसेप्टिक है | कील मुहांसों के लिए नींबू का इस्तमाल सदियों से होता आ रहा है और आजकल काफी सारी कंपनिया नींबू युक्त प्रोडक्ट बाज़ार में उतार रही है जो पिम्पल्स के इलाज में काम आती है | इस पोस्ट में हम बतायेंगे की कैसे आप नींबू की मदद से  कील मुहासों से छुटकारा पाए|

आयुर्वेद में, हल्दी को कैविटी दर्द से राहत प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के साथ एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण मसूढ़ों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ बैक्‍टीरियल संक्रमण के कारण दांतों के गिरने की समस्‍या को भी रोकता है। प्रभावित दांत पर थोड़ी सा हल्‍दी पाउडर लगाकर इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से अच्‍छे से कुल्‍ला कर लें।

एक ह्यूमिडीफ़ायर (humidifier) का प्रयोग करें: अपनी हवा में नमी का स्तर बढ़ाने से आपके शरीर की बलगम पतली हो जाएगी और आसानी से संभाली जाएगी। जब भी आप घर पर हों और खासकर रात में सोेते समय, तब एक ह्यूमिडीफ़ायर को चलाए रखें। बलगम से और दम लगाकर लड़ने के लिए पानी में युकलिप्टुस का तेल डालें।

शहद की एंटीबायोटिक गुण मुँहासे में सुधार करने में मदद कर सकते हैं प्रभावित क्षेत्रों में एक चम्मच को लागू करें, या 1 / 2 कप शहद को 1 कप सादे दलिया के साथ मिलाकर एक मुखौटा बनाएं और इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें। आप दालचीनी, हल्दी और शहद की एक पेस्ट भी बना सकते हैं, इसे 10 मिनट के लिए लागू करें और फिर से कुल्ला।

हर हफ्ते कम-से-कम एक बार कूल्हों की त्वचा की पपड़ी उतारें: मुँहासे रोकने वाली एक्सफ़ोलिएटिंग क्रीम (exfoliating cream) और लूफ़्हा (loofah) का प्रयोग करें। यह एक्सफोलिएशन मृत त्वचा के सेल हटा देगा ताकि आपके रोम छिद्र बंद न हों।

अपने दांत अच्छे से साफ करें: मुंह कि दुर्गन्ध को दूर करने के लिए दांतो को अच्छी तरह से साफ करना एक अच्छा तरीका है, जो आप आसानी से कर सकते हैं। दिन में दो बार, कम से कम दो मिनट के लिए ब्रश करें और ध्यान रखें कि आप मुंह के अंदर सभी जगह अच्छी तरह से साफ कर रहे हैं। खास तौर पर जहां दांत और मसूड़े आपस में मिलते हैं वहां ध्यान केंद्रित करें।[१]

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सेल्‍युलाइट से ज्यादातर महिलाओं को भय होता है। यह 80% से अधिक महिलाओं को प्रभावित करता है। फैट के शरीर पर जमाव को सेल्‍युलाइट कहते हैं, जिससे त्‍वचा असमान हो जाती है। सेल्युलाइट ज्यादातर थाईज, पेट और हिप्स में पाया जाता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को आम तौर पर सेल्‍युलाइट होने का खतरा अधिक होता है। हालांकि इसके लिए कोई निश्चित कारण नहीं है। सेल्‍युलाइट के कई कारण हो सकते हैं जैसे आहार, हार्मोन परिवर्तन, निर्जलीकरण, धीमी चयापचय दर, कुल शरीर की चर्बी और शारीरिक गतिविधि में कमी आदि। यहां तक कि अधिक तनाव भी सेल्‍युलाइट का कारण बन सकता है। महंगी सर्जरी के बजाय आप कुछ घरेलू तरीकों के द्वारा सेल्‍युलाइट से छुटकारा पा सकते हैं। आइए प्राकृतिक रूप से सेल्‍युलाइट को कम करने के उपायों के बारे में जानें :-

नई द‍िल्‍ली : सर्दियों में मूली के पराठे, मूली की सब्‍जी, मूली का अचार और सलाद हर घर के भोजन का अहम हिस्‍सा हैं. हालांकि ज्‍यादातर लोग ऐसे हैं जो मूली की शक्‍ल देखकर ही मुंह बनाने लगते हैं. अगर आप भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं तो आपके लिए मूली के फायदों को जानना बेहद जरूरी है. जी हां, मूली भले ही आपको मामूली सब्‍जी, लेकिन यह औषध‍िय गुणों से भरपूर है. अगर आप रोजाना इसे अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो कैंसर, डायबिटीज, ब्‍लड प्रेशर समेत कई बीमारियों से कोसों दूर रहेंगे और आपकी लाइफस्‍टाइल हो जाएगी बेहद हेल्‍दी:

पिछले कई सालों से सिर दर्द, ठंड, खांसी, कंजस्टेड नाक, छाती और गले के कहर के इलाज के लिए विक्स वेपोरब का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह इसका एकमात्र उपयोग नहीं है। आप इसे कई अन्य चीजों के लिए भी उपयोग कर सकते हैं

जब भी आप अपने डेस्क तथा कंप्यूटर पर लम्बे समय तक बैठते हैं तो बीच-बीच में खड़े हों और एक ब्रिस्क वॉक (brisk walk) लें। यहाँ तक कि अपनी डेस्क पर ही कूल्हों या पैरों की कसरत करें जिससे खून के प्रवाह में मदद मिलेगी।

यदि किसी व्यक्ति की आँखों के नीचे काले घेरे हो गये हैं तो वो सुबह उठ कर मुँह की लार से धीरे धीरे आँखों के नीचे मालिश करें ऐसा करने से आँखों के नीचे के काले घेरे ठीक हो जायेंगे लेकिन प्रयोग 1-2 महीने करना पड़ेगा।

हल्दी खाएँ: यह प्राकृतिक एंटीसेप्टिक आपके शरीर में बलगम बनाने वाले बैक्टीरिया को मारता है। आप जो कुछ भी पीते हैं उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाएँ या इसे एक गिलास पानी के साथ पिएँ। प्रतिदिन इस पदार्थ के कुछ छोटे चम्मच आपको बहुत जल्दी बलगम-मुक्त कर देंगे।

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Sir mere chere pr chote chote ched type ke gadde achanak do mah se ho rahe ha aur maine ej scrub kiya tha to chamra chil kr kala ho gaya ha aur apbe aap katne ke jaisa lamba lline face pr tun chaar jagah ho gaya ha. Maine ek doctor ko bhi dikhaya pr usko lagane se gadde aur bhi barne lage ha sir mai kya karu plz plese help me

This is a health and medical awareness book. It helps to easily identify diseases and explains the symptoms. It also indicates that in the daily routine what precautions are taken, cause of diseases, measures to avoid, things to consider, have been well contained. Moreover, “e;How to change the life style”e;, etc. have also been scientifically detailed in the book.

पुनरुज्जीवित करने वाले गुण होते है। यह फंगल संक्रमण वाले कीटाणुओं को मारता है, घावों और निशानों को भरता है, त्वचा को चिकना कर देता है और नरम बनाता है, और प्रभावित क्षेत्र में नई कोशिकाओं के विकास को प्रोत्साहित करता है।

सर मेने भी बहुत क्रीम उपयोग करके देखि पर कुछ फर्क नही पडा है और मैने डॉक्टर से इलाज भी करवाया परन्तु जब तक इलाज चलता तब तक थोडे कम हो जाते है पिम्पल फिर इलाज बंद होने के बाद वापस शुरू हो जाते है। मैं पिछले 3 साल से परेशान हु पिम्पल से बहुत बार इलाज भी करवाया परन्तु कुछ फर्क नही पडा।अब मुझे क्या करना की मैं पिम्पल से छुटकारा पा सकु

मुल्तानी मिट्टी (fullers earth) तैलीय (oily) त्वचा वालों के लिए बहुत ही गुणकारी हैं, मुल्तानी मिट्टी चेहरे के तेल को सोखने का काम करता है.     यह तेलीय त्वचा वालों के लिए बहुत ही अच्छा फेसपैक (face pack) बन सकता है। मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करने से दाने (Pimple) एवं मुँहासे (Acne) से छुटकारा मिलता है क्युकी ये pimples को अच्छे से सूखा देता है और जड़ से खत्म करता है। मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करने से पहले उसको पानी डाल के छोड़ दें और उसको अच्छी तरह से फूलने दें, उसके बाद उसे अपने चेहरे पर अच्छी तरह से लेप लगा लें। सूखने के बाद इसको हल्का गर्म पानी से धो लें। ऐसा करने से जल्दी ही आपको इसका परिणाम नजर आएगा।

6 नींबू का रस पिंपल भगाने में सबसे कारगर उपाय है। इसके रस से अपने चेहरे की 10-15 मिनट तक मालिश करने से राहत मिलेगी। हां, अगर इसके प्रयोग से आपकी स्‍किन में जलन महसूस हो रही हो तो इसको डाइरेक्‍त ना इस्‍तमाल करें। तब इसको पानी या चंदन पाऊडर में मिला कर लगाएं।

I am showing the Bay leaf plant & in our local language it is called Tejpat (তেজ পাত). The leaves have a very good aroma and are mainly used as a spice in Indian cooking since ages. The fresh leaves are very mild and do not develop their full flavor until several weeks after picking and drying. The bay leaves can be powdered and if consumed for 30 days is very effective in treating diabetes. I am showing here two ways how to get the maximum health benefit from its leaves.

दांतों में छेद होने को वैज्ञानिक भाषा में दन्त क्षय या कैविटी कहते है। मुंह में मौजूद एसिड के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं जिसके कारण कैविटी का निर्माण होता है। मुंह में मौजूद बैक्‍टीरिया (लार, खाद्य कणों एवं अन्य पदार्थों के साथ) दांतों कि पर जमा होने लगते हैं जिसे प्लॉक कहा जाता है। प्‍लॉक में मौजूद बैक्‍टीरिया आपके खाने में मौजूद शुगर एवं कार्बोहाइडेट को अम्ल में परिवर्तित कर देता है इसी अम्ल के कारण दांत खोखले होने लगते हैं, फलत: कैविटी का निर्माण होता है। लेकिन कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर दांतों में मजबूती बनाने के साथ प्राकृतिक रूप से कैविटी से लड़ा जा सकता है।

मुंह की दुर्गंध (Mouth Bad Smell) की समस्या अक्सर दूसरों के सामने शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे ब्रेकफास्ट न करना, मुंह की सफाई न करना, खराब डाइजेशन और सलाइवा की कमी जैसी कई समस्याएं होती हैं। इसे खान-पान में सुधार करके काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानेंगे इनके बारे में— सबसे पहले तो दांतों और मुंह से बदबू आने के कारण जानते हैं।

हालत पूरी तरह से इलाज करने के लिए कोई सोरायसिस उपचार है। हालांकि, छालरोग उपचार आम तौर पर प्रभावी है और हालत समाशोधन या सोरायसिस के धब्बे को कम करने के द्वारा नियंत्रित होगा। सोरायसिस में छूट जाओ और रोग के कोई लक्षण दिखा सकते हैं। चल रहे अनुसंधान सक्रिय रूप से सीखने कैसे सोरायसिस और खोज बेहतर छालरोग उपचार और एक संभव इलाज से भविष्य में छुटकारा पाने के लिए पर प्रगति कर रहा है।

सामग्री: कैलेंडुला officinalis, आइरिस versicolor, आवश्यक तेल के मिश्रण (Cedrus एटलांटिका लकड़ी शेविंग्स, Melaleuca alternifolia पत्ता-शाखा, Melaleuca छोटी सी पत्ती), Persea gratissima फल तेल, Rosa mosqueta बीज का तेल, Simmondsia chinensis बीज का तेल, Triticum vulgare कर्नेल तेल)।

कभी अल्सर फूट भी सकता है जिससे पूरे पेट में संक्रमण हो जाता है तथा पेट में तेज दर्द रहता है। लम्बे समय तक अल्सर रहने से केंसर होने का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही आयुर्वेदिक नुस्खे से भी एसिडिटी का इलाज किया जा सकता हैं |

4. नींबू  (Nimbu):-  मुहासों वाले चेहरे पर नींबू के रस को लगाने से यह त्वचा (skin) से oilly परत को हटा देता है और चेहरे के पिम्प्लेस को साफ करता है. नीबू के रस मे शहद (honey) को मिला कर इसका पेस्ट बना ले और इसे चेहरे पर 10 से 15 मिनट तक लगाये रखे. इसके बाद चेहरे को साफ व शीतल जल से धो ले इस प्रयोग से चहरे के अंदर की धुल मिटटी साफ हो जाती है. चहरे से पिम्प्लेस भी खत्म हो जाते है और चेहरा सुंदर दिखाई देने लग जाता है.

गार्गल का इस्तेमाल करें: एक कप गर्म पानी में एक चम्मच नमक मिलाएँ और मिश्रण को 30 सेकंड के लिए गार्गल करें। एक दिन में कई बार यह करने से आपको अपने गले के पीछे और आपकी नाक में अटके बलगम को निकालने में मदद मिलेगी।

मैं बड़े उम्र के लडको से इसके बारे में पूछता रहता था. वे बस यही कहते की यह सब उम्र के कारण हो जाते है. पहले 6 महीने तक मेरे चेहरे से पिम्पल गये ही नहीं लेकिन फिर मैंने इन कील – मुंहासो को दूर करने के लिए कुछ नए तरीके अपनाये जो मैं आपके साथ इस आर्टिकल में शेयर कर रहा हूँ. ये टिप्स आपको निश्चित तौर पर फायदा पहुंचाएंगे.

Mera Chaharey per kafi kaala pen h or daag ho gye h mne niboo or namak Dino mila ker massage ki thi Sara chahara gharab ho gya h me .kiya karo.help ker saktey ho kiya aap mne apke sare nuksey apna liye h fark nahi pada .

नींबू में विटामिन सी होता है और फीटोनुट्रिएंट्स जिन्हें फ्लेवनॉइड्स कहते हैं जिनमें मजबूत एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक असर होता है। शरीर के भीतर हो रहीं उपापचयी (मेटाबॉलिक) प्रतिक्रियाओं के दौरान उत्पन्न हुए मुक्त कण, शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं (सेल्स) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नींबू में एंटीऑक्सीडेंट इन मुक्त कण की कार्रवाई को प्रतिबंधित करते हैं और नींबू का रस मुँहासों के लिए एक शानदार उपाय है।

Psoriatic गठिया अधिक दर्द का कारण बनता है और जोड़ों और त्वचा पर धब्बे दिखाई देते हैं। इस रोग में जोड़ों के आसपास सूजन त्वचा द्वारा लक्षण वर्णन किया जा कर सकते हैं। अनुमान के अनुसार लगभग एक मिलियन वयस्कों से पीड़ित हैं। सूजन, जोड़ों का दर्द बढ़ रही, तराजू, लालिमा, त्वचा के घावों psoriatic गठिया के दौरान गौर कर रहे हैं।

नींबू का अम्लीय गुण खराब त्वचा के उपचार में बहुत सहायक हो सकता है। नींबू त्वचा की धूल मिट्टी को साफ कर देगा जो रोमछिद्रों में इकट्ठा हो चुका है और सीबम को मजबूत करेगा। नींबू का रस में साइट्रिक एसिड (citric acid) एक शक्तिशाली एस्ट्रिंजेंट (astringent) है जो मृत त्वचा कोशिकाओं को हटता है और नई त्वचा वृद्धि को प्रोत्साहित करता है। ये मुहांसों को सूखा देता है और उनके निशानों को हल्का कर देता है।

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