“शरीर मुँहासे उपचार |पुटीय मुँहासे उपचार”

Hare khire ko kaddukas kar ke uske ras ko ek bowl me nikal le, or is ras ko apne chehre par lagbhag ek ghante tak lga kar rakhe fir saf pani se chehre ko dho le pimples na kewal saf hunge balki pimples hona bhi kam ho jayega.

Rat ko sone se pahle kacche dudh ke sath jayfal ko ghise or isk alep tayaar kar le, or is lep ko chehre par laga kar so jaye. Subh chehra saaf pani se dho dey. Kuch din aisa lgatar karne se chehre par hone wale muhaso se chutkara milta hai.

आयुर्वेद में, हल्दी को कैविटी दर्द से राहत प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के साथ एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण मसूढ़ों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ बैक्‍टीरियल संक्रमण के कारण दांतों के गिरने की समस्‍या को भी रोकता है। प्रभावित दांत पर थोड़ी सा हल्‍दी पाउडर लगाकर इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से अच्‍छे से कुल्‍ला कर लें।

यह उनमे से किसी के भी साथ हो सकता हैं जो लोग व्रत रखते हैं, चाहे वो धार्मिक कारणों के लिए, या जो खाने में रूचि नहीं लेते। यदि आप खाने में रूचि नहीं लेते हैं तो मुँह से दुर्गंध ही एक कारण हैं खुद को भूखा न रखने का।

मेरे साथ तो कई बार ऐसा हो चुका है! लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि ऐसे कई आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार हैं जिनकी मदद से हम मुंह के छालों से छुटकारा पा सकते हैं। तो आइये हम detail में जानते हैं कि Mouth Ulcers (muh ke chhale) होने के कारण क्या-क्या हैं और हम किस प्रकार इनसे निजात पा सकते हैं।

अपनी पहली पत्नी के साथ न रह पाने से परेशान एक फिजियोथेरपिस्ट ने अपनी दूसरी पत्नी मारिया मैसी की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने अपनी पत्नी का शव बेड के ही बॉक्स में छिपा दिया। महिला का शव कई दिनों बाद पुलिस ने तुगलकाबाद घर से बरामद किया।

अपने दांत अच्छे से साफ करें: मुंह कि दुर्गन्ध को दूर करने के लिए दांतो को अच्छी तरह से साफ करना एक अच्छा तरीका है, जो आप आसानी से कर सकते हैं। दिन में दो बार, कम से कम दो मिनट के लिए ब्रश करें और ध्यान रखें कि आप मुंह के अंदर सभी जगह अच्छी तरह से साफ कर रहे हैं। खास तौर पर जहां दांत और मसूड़े आपस में मिलते हैं वहां ध्यान केंद्रित करें।[१]

शहद इस्तेमाल करें: शहद से ना सिर्फ मुँहासे साफ़ होंगे बल्कि जो लाल दाग पीछे रह जाते हैं, वे भी साफ़ हो जाएंगे | शहद में मौजूदा एंटी-बैक्टीरियल गुण से त्वचा कोमल और सूजन मुक्त बनेगी | किसी भी क्यू-टिप से इसे सीधे निशानों पर लगाया जा सकता है |

आंतरिक अंगों, अधिक कामकाज और रोगों के रोगतनाव, हार्मोनल विकार, एलर्जी प्रतिक्रियाओं त्वचा पर चकत्ते की उपस्थिति के आंतरिक कारण हैं। एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं चेहरे पर लाल मुँहासे की उपस्थिति से होती हैं, अधिकतर गालों पर। जीवों के नशे में, बैक्टीरिया या चेहरे पर शरीर और शरीर के कामों की गड़बड़ी के प्रभाव के कारण, मर्दों के धब्बे होते हैं। चेहरे पर गहरे चमड़े के नीचे मुँहासे अंतःस्रावी विकार का एक परिणाम हो सकता है। जब सफेद धब्बे चेहरे पर दिखाई देते हैं, तो यह आंतरिक परजीवी के लिए जांच करने के लिए आवश्यक नहीं होगा।

चाहे बच्चा हो या कोई जवान , जिस किसी की भी आँखें कमजोर है और उसको कोई भी नंबर का चश्मा लगा हो उन लोगो को पानी की कुल्ला किये बिना , रात भर मुँह में इकट्ठी हुई लार को आँखों में काजल या गुलाब जल की तरह लगानी है | यह आप रात को सोते समय और सुबह उठकर लगाये और मुँह 1-2 घंटे बाद धोये ताकि लार अपना काम कर सके। कैसा भी चश्मा हो उतरने के 100% आसार रहते है लेकिन आपको प्रयोग तब तक जारी रखना पड़ेगा जब तक आपके चश्मे का नंबर धीरे धीरे कम होकर शून्य न हो जाये परिणाम 100% मिलेगा बच्चो का चश्मा जल्दी उतर जायेगा लेकिन बड़ो को कुछ वक़्त लग सकता है लार का कोई साइड इफ़ेक्ट नही है

अमेरिकन केमिकल सोसायटी के ऑफ नेचुरल प्रोडक्ट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मुलेठी की जड़ दांतों को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करती है। मुलेठी में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुण बैक्‍टीरिया के कारण होने वाली कैविटी के विकास को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा यह जडी-बूटी प्‍लॉक को कम करने में भी मदद करती है। नियमित रूप से दांतों में ब्रश करने के लिए मुलेठी की जड़ के पाउडर का प्रयोग करें। इसके अलावा आप टूशब्रश करने के लिए मुलेठी की स्‍टीक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

इंटरनेट डेस्क। मुंह में छाले होना युं तो बहुत आम सी बीमारी है परन्तु अगर इसका समय रहते मुंह के छाले का इलाज न करे तो ये बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। छाले होने के कई कारण हो सकते है जिसमें से ज्यादा चटपटा, मसालेदार और तीखा खाना मुख्य कारण है। कुछ लोगों को ये छाले बार-बार होते हैं और परेशान करते हैं। ऐसे लोगों को अपनी पूरी डॉक्टरी जाँच करानी चाहिए, ताकि उनके कारणों का पता लगाकर उचित इलाज किया जा सके। वहीँ कुछ घरेलु उपाय है जो आपको इससे निजात दिला सकते हैं…

आपको यह पता होगा की शराब और तम्बाकू हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदायक है. ये चीजे हमारे चेहरे के लिए भी सही नहीं होते. युवावस्था आने पर कई लड़के दूसरो की देखा – देखी में सिगरेट व तम्बाकू खाना लेना शुरू कर देता है. फलस्वरूप उनके face में कील – मुंहासे होने लगते है. आपको इन चीजो से बचना चाहिए.

एंटी बैक्‍टीरियल के साथ-साथ एंटीबायोटिग गुणों से समृद्ध होने के कारण, लहसुन दांतों के टूटने और कैविटी की समस्‍या को दूर करने में मदद करता है। यह दर्द से राहत देने और स्‍वस्‍थ मसूड़ों और दांतों के लिए भी अच्‍छा होता है। 3 से 4 लहसुन की कली को कुचलकर और 1/4 चम्‍मच सेंधा नमक मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इसे संक्रमित दांत पर लगाकर 10 के लिए छोड़ दें। कैविटी को कम करने के लिए इस उपाय को कुछ दिनों के लिए दिन में दो बार करें।  

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कई बार खूब साफ सुथरा रहने के बाद भी मुंह से बदबू आने की परेशानी हो जाती है। मुंह से आने वाली बदबू गलत छवि बनाती है। सार्वजनिक जगहों पर शर्मिंदा होना पड़ता है। सांसों की बदबू से बचने के लिए महंगे माउथवॉश जैसे प्रोडक्ट्स की नहीं, बल्कि शरीर में पानी की कमी न हो इसका ख्याल रखना होगा। मुंह से आने वाली बदबू से छुटकारा पाने चाहते हैं तो ये सब खाएं।

* लहसुन : लहसुन की 2 कलियों का रस निकालकर 1 गिलास पानी में मिलाकर कुल्ला करें। रोजाना 4 से 5 दिन तक इसका प्रयोग करने से मुंह के छाले कम हो जाते हैं। लहसुन की कली को पानी के साथ पीसकर उसमें थोड़ा-सा देसी घी मिलाकर मलहम तैयार करें। इस मलहम को छालों पर लगाने से छाले खत्म हो जाते हैं।

चेहरे पर पंप हमेशा मनोवैज्ञानिक कारण होते हैंअसुविधा, और कठिन संक्रमण वर्षों में कई परिसरों का कारण हो सकता है और कोई नींव या पाउडर इस समस्या को हल करने में मदद कर सकता है। इतना कैसे अपने चेहरे पर pimples से छुटकारा पाने के लिए? सबसे पहले, यह समझना चाहिए कि कोई भीत्वचा पर चकत्ते सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या नहीं हैं एक अनुभवी त्वचाविद् या कॉस्मेटोलॉजिस्ट के साथ परामर्श करने से चेहरे पर मुँहासे के उपचार के उपाय और विधि के चयन के लिए समय कम हो जाएगा। इसके अलावा विशेषज्ञ सलाह देंगे कि क्या चिकित्सक को पता करने के लिए आवश्यक है, कि वह परिभाषित करें, चेहरे पर क्यों मौजूद हैं।

मुंह से आने वाली दुर्गंध कई बार लोगों से दूरी का सबसे बड़ा कारण बन जाती हैं। हम दोस्तों के बीच बैठे हैं और कोई हमसे हमारे मुंह से आ रही दुर्गंध (बदबू) के बारे में कहता हैं, तो हमें दोस्तों के बीच नीचा देखना पड़ता हैं । इसी बीच दोस्त हमें दस तरह के उपाय बताने लगते हैं, कोई अच्छे टूथपेस्ट का सुझाव देता हैं तो कोई माउथ स्प्रे के बारे में बतलाने लगता हैं, लेकिन इन सबके बीच यदि आप कुछ घरेलू नुस्खे या उपाय अपनाएं तो आप मुंह की दुर्गंध से छुटकारा पा सकते हैं । ये किफायती भी होंगे और असरकारक भी । दुर्गंध को यूं पहचानें घर पर अकेले में या बात करते समय जब लोग आपके सामने न खड़े हों तो उस वक्त अपने मुंह पर हथेली रखकर सांस छोड़िए, इससे आपको आसानी से पता चल जाएगा कि आपका सांसों में दुर्गंध हैं या नहीं ।

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

योगासन आपके बालों के बढ़ने में अहम भूमिका निभाते है साथ ही ये आपका ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक करते है इस योगासन को आप कभी भी कर सकते है, रात को सोने से पहले भी लेकिन योग के साथ आपको अपने बालों का ख्याल भी रखना होगा उनकी जड़ो को सही सलामत रखें ताकि बालों का झड़ना कम हो सके।

यदि किसी व्यक्ति की आँखों के नीचे काले घेरे हो गये हैं तो वो सुबह उठ कर मुँह की लार से धीरे धीरे आँखों के नीचे मालिश करें ऐसा करने से आँखों के नीचे के काले घेरे ठीक हो जायेंगे लेकिन प्रयोग 1-2 महीने करना पड़ेगा।

नींबू के रस में पानी मिलाकर या पानी की जगह तेल मिलाकर लगाने से भी डेंड्रफ की समस्या से छुटकारा मिलता है। साथ ही नींबू का रस हमारे बालों, स्किन और बॉडी के लिए क्लींजिंग एजेंट का काम करता है। इसे अपनाने से कई बीमारियों से निजात मिल सकती है।

शुरू -शुरू में हो सकता है की मसूड़ों से रक्तस्राव हो क्यूंकि दाँतो और मसूड़ों के बीच से जाने कितने समय से फसे हुए अन्न के टुकड़े निकलेंगे। हिम्मते करके क्षण भर को दाँतों से निकले फ्लॉस को सूंघें तो आपको पता चलेगा कि मुँह से दुर्गंध कहाँ से आ रही है।

Hello sir, mera naam Sonika h,, mere face pr pimples to ab nhi h Lekin unke nishan reh Gye h jisse face bht khrab dikhta h aap Aisa kuch btayiye jisse meri skin bht beautiful ho jaye, time jyada lgega uski koi problem nhi h bs thik hona chahiye….

अपने भोजन पर ध्यान दें एलर्जी प्रतिक्रियाओं की प्रवृत्ति के अभाव में भी, कुछ उत्पाद मुँहासे के गठन में योगदान कर सकते हैं। बड़ी मात्रा में कॉफी, बेकरी उत्पाद, मिठाई, फैटी, तली हुई और स्मोक्ड खाद्य पदार्थ त्वचा की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। बहुत सारे खाद्य पदार्थ और मसालों खाएं जो खून को शुद्ध (कच्ची सब्जियां और फलों, अदरक, हल्दी, धनिया);

मेरी उम्र 25 साल की है पीईचले दो महीनो से अब मेरे चेहरे पर बहुत से दाने निकल रहे हैं मैं किया करूँ कोई जल्दी से कील मुहाँसो को मिटाने का आसान सा घरेलू तरीके और नुस्खे बताएँ जिससे मेरा चेहरा पहले की तरह सॉफ हो जाए|

अपनी त्वचा को धूप से बचाएं: सूर्य कि UV किरणे, त्वचा कि पिग्मेंट निर्माण करने वाली कोशिकाओं को उत्तेजित करती हुई आपके मुँहासों के धब्बों को ओर ज्यादा खराब कर सकती है |[१]अगर आप धूप में जा रहें हैं, तो सनस्क्रीन या चौड़ी टोपी पहने और जहाँ तक हो छाँव में चलें |

फुंसियों का हमारे फेस पर होने का सबसे बड़ा कारण गंदे हाथो को face पर बार – बार लगाना भी है. हाथो में जीवाणु और बैक्टीरिया होते हैं इसलिए कभी भी दिन में अपनी त्वचा को हाथो से ना छुए. जब भी अपने चेहरे पर हाथ Touch करना हो तो उन्हें पहले अच्छी तरह धो ले.

हैलीमिटर का इस्तेमाल करें: अगर आप लगातार सांस की दुर्गंध से परेशान है, तो इसके इलाज के लिए आपके डेंटिस्ट के पास हैलीमिटर होगा। हैलीमिटर एक प्रकार का विशेष यंत्र है जो आपकी सांस की गति को जानने के लिए बनाया गया है। यह एक प्रकार का सांस की जांच करने वाला यंत्र है जो शराब या अन्य पदार्थ की जांच करता है जिसे पुलिस भी इस्तेमाल करती है।[१७]

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