“1 घंटे में मुँहासे से छुटकारा मुँहासे धोने”

भोजन में दालचीनी पाउडर का 1 चम्‍मच रक्‍त में शर्करा का स्‍तर कम करता है। इसके प्रयोग से टाइप टू डायबीटिज में रक्‍त शर्करा 18 से 24 फीसदी तक कम हो सकती है। टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों के लिए दालचीनी एक वरदान से कम नहीं है। दालचीनी टाइप-2 मधुमेह पर सकरात्मक प्रभाव डालता है और मधुमेह रोगी को एक स्वस्थ और साधारण जीवन व्यतीत करने में मदद करता है।

इस तरह मुंह की लार से हम मुफ्त में कई बीमारियों का इलाज कर सकते है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि इस लार में वो सभी 18 तत्‍व पाये जाते है जो मिट्टी में पाए जाते है। लेकिन बहुत अफसोस की बात हैं कि आज मनुष्य खुद ही अपना दुश्मन बनता जा रहा है। वह धूम्रपान और नशीले पदार्थों के चलते लार को खत्म करता जा रहा है और अपने लिए दुःख तकलीफो को न्योते पर न्योता दिए जा रहा है । धूम्रपान से लार दूषित हो जाती है और असर नहीं करती। जर्दा, पान अन्य पदार्थ से बार-बार थूकने से लार जरूरत से ज्यादा बाहर निकलती है। वहीं तीसरा ड्रग आदि के प्रयोग से मुंह सूख जाता है और लार नहीं रहती। इसलिए लार को बचाने के लिए आपको इन सब आदतों को भी छोड़ना होगा।ताकि लार हमारे शरीर को बीमारियों से बचा सके |

दोस्तो Bad Breathing के कारण अगर आप भी अपने साथियों के सामने शर्मिंदा नहीं होना चाहते तो आज इस लेख में बताए गये नुस्खे को जरुर आजमाए | इससे mouth bad smell से छुटकारा मिले गा और साँसों में फरेशनेश आएगी |

कील मुंहासे का इलाज, नीबू मे स्तम्मक(अस्ट्रिंजेंट), विटामिन सी होता है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकल देता है तो जब भी आप दाग धब्बे का इलाज करे तो नीबू का इस्तेमाल करे। नीबू का रस निकल कर कॉटन की सहयता से दाग पर लगाए। अच्छे परिणाम के लिए हर दूसरे दिन इस विधि का उपयोग करे।

4. नींबू  (Nimbu):-  मुहासों वाले चेहरे पर नींबू के रस को लगाने से यह त्वचा (skin) से oilly परत को हटा देता है और चेहरे के पिम्प्लेस को साफ करता है. नीबू के रस मे शहद (honey) को मिला कर इसका पेस्ट बना ले और इसे चेहरे पर 10 से 15 मिनट तक लगाये रखे. इसके बाद चेहरे को साफ व शीतल जल से धो ले इस प्रयोग से चहरे के अंदर की धुल मिटटी साफ हो जाती है. चहरे से पिम्प्लेस भी खत्म हो जाते है और चेहरा सुंदर दिखाई देने लग जाता है.

एक प्राकृतिक तेल का प्रयोग करें: टी ट्री (Tea tree ) तथा नारियल का तेल बहुत उत्तम एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल तेल है जो कि परेशानी वाली जगह पर लगाए जा सकते हैं ताकि उन मुँहासों के उपचार में मदद मिल सके।

आप बाजार से एलोवेरा जैल खरीद सकते हैं या एक एलोवेरा पौधे से एक पत्ता काटें और बीच में से उसको दबाएं, इसके द्वारा आप शुद्ध एलोवेरा जैल प्राप्त कर सकते हैं। दिन में दो बार प्रभावित क्षेत्र पर एलोवेरा जैल का उपयोग करें। (और पढ़ें – एलोवेरा के फायदे और नुकसान)

पपीता विरोधी ऑक्सीडेंट्स और एंजाइमों में समृद्ध है, जो कि बैंपिरिया पर दाना पैदा करने के लिए काम करते हैं। प्रभावित क्षेत्र पर कच्ची पपीता के एक ताज़ा तैयार पेस्ट का उपयोग करें। इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और कुल्ला बंद करें।

अपने कूल्हों पर एक एस्पिरिन (aspirin) का मास्क लगायें: चार या पाँच एस्पिरिन की गोलियों को पीस लें। यह सुनिश्चित करें कि गोलियों के बाहर कोई भी आवरण (coating) न हो। इसे एक टेबल स्पून हल्के गर्म पानी के साथ मिलाएँ या फिर शहद या सादे दही के बड़े हिस्से के साथ मिलाएँ, यह आपकी इच्छा पर निर्भर है।

अगर आप चेहरे पर पिम्पल्स की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लहसुन की कलियों को पीसकर पेस्ट बनाए। ऐसा करने से आपके पिम्पल्स की समस्या दूर हो सकती है। पिम्पल्स की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लहसुन को शहद में मिलाकर पिम्पल्स पर लगाए। ऐसा करने से आपके पिम्पल्स की समस्या दूर हो सकती है।

उसे बाहर निकालें: ऐसा करने में काफी शोर मच सकता है और यह ग्रॉस (gross) व शर्मनाक भी हो सकता है, लेकिन अपने शरीर से बलगम बाहर निकालना इससे छुटकारा पाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। जब भी आपको बलगम को खाँसने या अपनी नाक को ब्लो (blow) करने की इच्छा हो, तब उसे नजरअंदाज न करें। बलगम निगलने से वह आपके शरीर में वापस घुस सकती है और भरी हुई या बहती नाक को अंदर रखना असुविधाजनक है। एक टिशु-बॉक्स को पास रखना और बलगम को निकालना सबसे अच्छा है।

अच्छा लिखा हे !मैंने बहुत क्रीम का इस्तेमाल किया लेकिन मैं किसी भी क्रीम से कभी संतुष्ट नहीं थी, फिर मैंने मस्तानी फेस क्रीम की कोशिश की। मैं हमेशा अमृता फार्मा के उत्पादों को खरीदने का सुझाव देता हूं क्योंकि यह प्राकृतिक और बहुत प्रभावी है| आप यह मस्तानी फेसक्रीम जरूर इस्तेमाल करे और आपको १०० परसेंट रिजल्ट आएगा |

3 – गुलाब जल में बराबर मात्रा में निम्बू का रस मिलाकर मिश्रण तैयार कर लीजिये और उस मिश्रण को चेहरे पर करीब आधे घंटे तक लगा कर रखे फिर ताजे पानी से चेहरा धो ले, इस प्रयोग को चेहरे पर करीब 15  दिन तक करें, जिससे आपके चेहरे के मुँहासे ठीक हो जायेंगे.

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

बेबी ऑयल में किसी तरह के केमिक्ल्स नहीं होते और डेंड्रफ को कम करने में मदद करता है। इसलिए रात को सोने से पहले बेबी ऑयल लगा कर बालों को तौलिये से बांध लें और सुबह उठ कर अच्छे एंटी-डेंड्रफ शैम्पू से बालों को साफ करें।

Mere cheeks ke upr kuch hi pimples h but wo pichle 5 -6 mhine se h to kya kre btao neem face pack alloevara sb lga ke dekh liya .or jb inko pinch krte h tb ye jyada bde ho jaten h or drd hota h kya kre sir plz give me answer

हालत पूरी तरह से इलाज करने के लिए कोई सोरायसिस उपचार है। हालांकि, छालरोग उपचार आम तौर पर प्रभावी है और हालत समाशोधन या सोरायसिस के धब्बे को कम करने के द्वारा नियंत्रित होगा। सोरायसिस में छूट जाओ और रोग के कोई लक्षण दिखा सकते हैं। चल रहे अनुसंधान सक्रिय रूप से सीखने कैसे सोरायसिस और खोज बेहतर छालरोग उपचार और एक संभव इलाज से भविष्य में छुटकारा पाने के लिए पर प्रगति कर रहा है।

छालों के उपचार के लिए मार्किट में कई सरे जेल और क्रीम उपलब्ध है. लेकिन अगर आप चाहे तो अपने किचन में मौजूद चीजों से ही इसका उपचार आसानी से कर सकते हैं। आज हम आपको 6 ऐसे आसान उपाए बताएँगे जिनके प्रयोग से आप बहुत जल्द ही मुँह के छालों से छुटकारा पा सकते है.

अगर आप कील मुहाँसो से परेशान हैं तो आप रोज संतरे के सूखे हुए छिलके के पाऊड़र को शहद और हल्दी में मिलाकर उसके लेप को पूरे चेहरे पर लगा दें जब सूख जाए तो इसे गुनगुने पानी से आइहिस्ता आइहिस्ता उत्तारें कुछ दिन लगाने के बाद आपका चेहरा कील मुहांसों से मुक्त हो जाएगा तथा चेहरा भी दमक उठेगा|

अमेरिकन केमिकल सोसायटी के जर्नल ऑफ नेचुरल प्रोडक्ट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मुलेठी की जड़ दांतों को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करती है। मुलेठी में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुण बैक्‍टीरिया के कारण होने वाली कैविटी के विकास को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा यह जडी-बूटी प्‍लॉक को कम करने में भी मदद करती है। नियमित रूप से दांतों में ब्रश करने के लिए मुलेठी की जड़ के पाउडर का प्रयोग करें। इसके अलावा आप टूशब्रश करने के लिए मुलेठी की स्‍टीक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

तमाम कोशिशों के बावजूद कई बार चेहरे पर पिंपल्स यानी मुंहासे हो जाते हैं। खासकर टीनएज में यह समस्या ज्यादा होती है. मुँहासे चेहरे पर कई कारणों से हो सकते हैं , जैसे चेहरे पर जमी गन्दगी को ठीक से साफ न करना या चेहरे का अत्यधिक तैलीय होना आदि , मुँहासे होने पर हमें काफी या मसालेदार भोजन का उपयोग कम करना चाहिए और फलों का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए, पिम्पल्स को दूर करने का सबसे आसान तरीका आप घर पर रह कर आजमा सकते हैं.

बेकिंग सोडा विरोधी-कवक और विरोधी सेप्टिक गुणों के साथ पैक किया जाता है। एक मोटी पेस्ट बनाने के लिए पानी की कुछ बूंदों के साथ 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं। पेस्टल पर सीधे इस पेस्ट को लागू करें 5 मिनट के बाद सामान्य पानी के साथ बंद करो।

इसके अलावा और भी कई कारण हैं जो इस समस्या को जन्म देने का काम करते हैं। समय पर दांत को साफ ना करना, पाचन क्रिया का ठीक ना होना और धूम्रपान का सेवन करना यही इसके सबसे बड़े कारण बनते हैं। आज हम आपको इस समस्या से छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं। जिससे आप अपनी परेशानी से छुटकारा पा सकती हैं। जानें वो घरेलू उपाय…

लहसुन खाएँ: अदरक की तरह, लहसुन बहुत शक्तिशाली होता है और जीवाणुओं को मारने और आपके गले को बलगम-मुक्त करने में अच्छा काम करता है। कच्चे लहसुन की कई कलियों को रोज़ खाएँ और अपने खाने में भी इसे घिसें। अगर आप कर सकते हैं, तो लहसुन को सुबह उठते ही खाएँ क्योंकि यह ढंग से बलगम बहने से पहले ही उसे मारने में मदद करता है।

मुँहासे से सबसे ज्यादा प्रभावित अगर कोई अंग होता है तो वह है चेहरा और भला मुहाँसे वाला चेहरा किसे पसंद होता है | शायद इसलिए चेहरे से पिपल्स हटाने के लिए सभी लोग तमाम उपाय करते है, तरह – तरह की दवाइयाँ तथा क्रीम लगाते है, डॉक्टर के पास भी जाते है लेकिन फिर भी यह समस्या जस की तस रहती है |

अगर डायबिटीज के रोगियों को कहीं पर चोट लग जाती है तो उस जगह पर जहाँ चोट लगी है वहां सुबह मुँह की लार लगाये घाव भरने लगेगा। क्योकि मुंह की लार एंटीसेप्टिक होती है। वह रोगों की सबसे अच्‍छी दवा हैं, जो आपको फ्री में मिलती हैं। जिसके असंतुलन के कारण ही आज व्यक्ति कई रोगों से ग्रस्त है। जबकि किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के मुंह में प्रतिदिन 1000 से 1500 मिलीलीटर लार बनती है जो मुंह में मौजूद कैविटी, हानिकारक बैक्टीरिया और बारीक भोजन के कणों को साफ करने में मदद करती है। लार में ‘सलाइवा पैरोटिड ग्लैंड हार्मोन’ (एसपीजीएच) पाया जाता है जो त्वचा से उम्र के प्रभावों को कम करते है और आप लंबे समय तक युवा दिख सकते हैं। साथ ही लार में लाइसोजाइम नामक एंटी-बैक्टीरियल तत्व और इम्यून प्रोटीन ‘ए’ होते हैं जो मसूढ़ों और गले को कई प्रकार के हनिकारक इंफेक्‍शन से बचाते हैं।

यह सोचा है कि सोरायसिस ठीक नहीं किया जा सकता है और त्वचा की यह स्थिति पुरानी है। जब आप छालरोग उपचार दवा लेने या समय-समय खराब अस्थिर होने के नाते, यह सुधार कर सकते हैं। समय पर सोरायसिस साल छूट अवस्था में रहने के लिए प्रकट नहीं होता है। सर्दियों की अवधि समय जबकि गर्मियों के महीनों, इसके विपरीत, धूप में घूमना – एक असली प्राकृतिक छालरोग उपचार के लिए धन्यवाद त्वचा में सुधार जब हालत, खराब कर सकते हैं हो सकता है।

English: Get Rid of Acne on the Buttocks, Italiano: Sbarazzarsi dell’Acne sulle Natiche, Português: se Livrar da Acne no Bumbum, Deutsch: Akne auf dem Hintern loswerden, Español: eliminar el acné de las nalgas, Français: se débarrasser de l’acné sur les fesses, 中文: 摆脱臀部的痤疮, Русский: избавиться от прыщей на ягодицах, Nederlands: Van acne op je billen afkomen, Čeština: Jak se zbavit akné na hýždích, Tiếng Việt: Loại bỏ Mụn trứng cá trên Mông, ไทย: กำจัดสิวที่ก้น, العربية: التخلص من حب الشباب على الأرداف

शरीर में जल का स्तर का संतुलन ही सिर्फ सांसों की ताजगी को बनाए रखा जा सकता है। जब हमारे शरीर में जल का स्तर कम हो जाता है तो मुंह में लार का बनना कम हो जाता है। जिससे सांसों में बदबू पनपती है। विटामिन सी- संतरा, निंबू या सभी खट्टे रस वाले फलों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, ये सांसों की बदबू दूर करने में मददगार हैं। विटामिन सी को जीवाणुओं से लड़ने वाले पदार्थ के रूप में जाना जाता है।

एबॉट के बाउंसर से घायल हुए विल पुकोस्की जेब्रा क्रॉसिंग तो है पर नहीं मिलता पूरा समय चित्तरंजन एवेन्यू में 70 वर्ष पुराने मकान का हिस्सा ढहा इस बार स्नूकर में भारत ने पाकिस्तान को किया धराशायी केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नॉन सीरियस नेता हैं

घर के बने दलिये का फेशियल इस्तेमाल करें | 1 चमच्च दलिये को पानी में मिलाएं | इसे निचोड़कर इसके पानी को पूरे चेहरे पर 1 मिनट तक लगाएं | आँखों और होंठों पर ना लगाएं | पानी से चेहरा धोलें | यह तरीका कई लोगों के लिए उपयोगी साबित हुआ है |

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