“12 घंटे में मुँहासे से छुटकारा पाने -मुँहासे के लिए हर्बल उपचार”

पुनरुज्जीवित करने वाले गुण होते है। यह फंगल संक्रमण वाले कीटाणुओं को मारता है, घावों और निशानों को भरता है, त्वचा को चिकना कर देता है और नरम बनाता है, और प्रभावित क्षेत्र में नई कोशिकाओं के विकास को प्रोत्साहित करता है।

धूप में अधिक रहने से सूरज की किरणें हमारे चेहरे का हाल बुरा कर देती है. सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें हमारी त्वचा और हमारे चेहरे के लिए अच्छी नहीं होती. अधिक प्रदूषित जगहों पर जाने से आपको धूल और मिटटी का सामना करना पड़ता है जो आपकी Skin Cells के लिए सही नहीं होते.

2 चंदन का पाऊडर पिंपल भगाने में बहुत लाभकारी होता है। यह न सिर्फ आपके चेहरे को फ्रेश करेगा बल्कि पिंपल को दुबारा लौटने से भी रोकेगा। चंदन पाऊडर को पिंपल पर 2-3 घंटो के लिए लगा रहने दें और चेहरे को ठंडे पानी से धो कर सूखा लें।

जिन लोगो को कब्ज की समस्या रहती है उन्हें कील – मुंहासे होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है. जब हमारे शरीर से टोक्सिन (मल – मूत्र ) बाहर नहीं निकलते तो वह हमारे त्वचा पर फोड़े – फुंसियों के रूप में बाहर निकलता है. इसलिए अपने पेट को अच्छी तरह साफ़ कर ले.

एबॉट के बाउंसर से घायल हुए विल पुकोस्की जेब्रा क्रॉसिंग तो है पर नहीं मिलता पूरा समय चित्तरंजन एवेन्यू में 70 वर्ष पुराने मकान का हिस्सा ढहा इस बार स्नूकर में भारत ने पाकिस्तान को किया धराशायी केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नॉन सीरियस नेता हैं

प्राकृतिक क्रीम और शैंपू में प्राकृतिक छालरोग उपचार के उद्देश्य से हर्बल घटक शामिल करना चाहिए। इस कुशल सूत्र आमतौर पर तेजी से अवशोषित है और कपड़े और त्वचा पर किसी भी निशान छोड़ नहीं करता है। प्राकृतिक छालरोग उपचार आम तौर पर हल्के moisturizers, emollients, आवश्यक तेलों, और आपकी त्वचा की हालत में सुधार और psoriasis के छुटकारा पाने के लिए PH कसरती शामिल हैं।

Gulab jal me barabar matra me nimbu ka ras milakar mishran tayaar kar lijiye or us mishran ko chehre par karib aadhe ghante tak laga kar rakhe fir taje pani se chehra dho le, is pryog ko chehre par karib 15 din tak kare , jisse apke chehre ke muhase thik ho jayenge.

ज्यादा अदरक खाएँ: अदरक के प्राकृतिक जीवाणुरोधी गुणों की वजह से, इसका सदियों से कोल्ड और साइनस (sinus) के लक्षणों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया गया है। अदरक ऐसे गुणों के लिए भी जाना जाता है जो बलगम को तोड़ते हैं। अगर आप स्वाद को बर्दाशत कर सकते हैं, तो इसे कच्चा खाएँ या हल्के कैन्डीड फॉर्म (candied form) में खाएँ। आप अदरक को उबलते पानी में घिसकर एक चाय भी बना सकते हैं जो आपके गले को बलगम मुक्त करने के लिए दोगुना काम करेगी।

यदि आप जानना चाहती है कि इस प्रक्रिया को करने के बाद आपको इसके परिणाम कितने समय के बाद देखने को मिलेंगे तो हम आपको बता दें कि यह आपके मस्सों के आकार पर निर्भर करता है। यदि आप इस पेस्ट को थोड़े समय के अतंराल में करेंगी तो इससे आपके मस्से के स्थान पर दाग हो सकता है। इसलिए ऊपर दी गई प्रक्रिया को रोज दोहराएं।

Coconut oil and hair always have a strong connection. It helps in hydrating and moisturizing the skin and hair. As pimples also happen in hair follicles, we can use it for getting  rid of pimples. For using the oil, warm it up for few minutes. Now apply this oil gently with your fingertips or a cotton ball in the affected area. Try to apply it twice daily for early results. You can make use of coconut water in the same way by directly applying on the pimple. It is suitable for all skin types.

दोस्तों क्या आप जानते है हमारे मुँह की लार ही हमारी अनेक बीमारियों को चुटकी में ही ठीक कर सकती है हर रोज रात में सोने से पहले दांतों को साफ करके सोएं और सुबह उठकर बिना कुल्ला किये अपने मुँह की लार का प्रयोग करें | मुंह की लार हमारे शरीर के लिए बहुत ही उत्तम है । मुंह में बनने वाली लार हमारी सेहत के लिए कितनी फायदेमंद है इस बारे में हम कभी ध्यान ही नहीं देते। लेकिन अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो मुंह का स्वाद बरकरार रखने से लेकर कई तरह की बीमारियां और संक्रमण का खतरा हो सकता है। साथ ही यह आपको कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाए रखने में मददगार होती है। लार बाज़ार में नही मिलती यह सभी के मुँह में भगवान ने उपहार स्वरुप दी है। आइये जाने लार क्या क्या कर सकती है। आइये जाने हमारे मुँह की लार क्या क्या कर सकती है।

एलोविरा का प्रयोग करें: एलोविरा का रस एक ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है जो कई प्रकार कि बिमारियों, चोट लगना, जल जाना, या मुँहासों को दूर करता है | यह त्वचा को फिर से नया बनाकर नमी प्रदान करता है | एलोविरा को किसी भी दुकान में पाया जा सकता है, लेकिन एलोविरा के पत्तियों का रस सब से ज्यादा माना गया है | इसके जैल को धब्बों पर लगाकर छोड़ दें | धोने की भी जरुरत नहीं है |

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

वहाँ रहे हैं एक बार आप छालरोग उपचार खोजने का फैसला किया, लेकिन केवल डॉक्टर कि चुना छालरोग उपचार दवा की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कर सकते हैं विकल्प की एक बहुत कुछ के अनुरूप होगा आप व्यक्तिगत रूप से। सोरायसिस के उपचार कोई साइड इफेक्ट नहीं होना चाहिए।

शहद की एंटीबायोटिक गुण मुँहासे में सुधार करने में मदद कर सकते हैं प्रभावित क्षेत्रों में एक चम्मच को लागू करें, या 1 / 2 कप शहद को 1 कप सादे दलिया के साथ मिलाकर एक मुखौटा बनाएं और इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें। आप दालचीनी, हल्दी और शहद की एक पेस्ट भी बना सकते हैं, इसे 10 मिनट के लिए लागू करें और फिर से कुल्ला।

चेहरे को रोज़ एक्सफोलिएट करें: मृत त्वचा को निकालकर अच्छी नयी त्वचा पाने के लिए, चेहरे को रगड़कर साफ़ करें | मुँहासे चेहरे के ऊपरी परत को ही नुकसान पहुँचाते हैं, इसलिए रगड़ने से इनके धब्बे कम हो जाते हैं | संवेदनशील त्वचाओं के लिए बनी हुई फ़ेशियल स्क्रब से आप अपने चेहरे को रगड़ सकते हैं |

क्या आप भी मुंह से आने वाली बदबू से परेशान है। क्या आपके साथ बात करने वाले आपको हीन नजर से देखते हैं और आपसे दूर रहने की कोशिश करते हैं? अगर आपको भी इन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है तो अब घबराने की कोई बात नहीं है। आज हम आपको ऐसे टिप्स दे रहे हैं जो आपको मुंह से आने वाली बदबू से छुटकारा दिलाएंगे। फोटो Getty Images से..

दातों के नुकसान से बचें: हर 6 महीने में दाँतों की सफाई कराएं (अगर ज्यादा महंगा हो तो काम से काम साल में एक बार)। यह दाँतों में सख्त पत्थर या टार्टर (कठोर दंत पट्टिका का एक रूप है) और अन्य खनिजों के संचय को रोकने में मदद करता हैं । समय के साथ दाँतों और मसूड़ों के बीच के इस जमाव के कारण दाँत ढीले और खराब होने लगते हैं।

सूर्य किरणों: रोगियों के बहुमत आमतौर पर लगता है कि सूरज की रोशनी के लिए उनकी हालत अच्छी है। फिर भी, कुछ विचार बहुत अधिक सूरज की रोशनी अपने लक्षण बदतर बना देता है कि। धूप की कालिमा सोरायसिस एक बहुत बढ़ रहा है।

हम आशा करते हैं कि योगासन करने से आपको बालों के गिरने और बालों से जुड़ी किसी और तरह की परेशानी को खत्म कर सकें। लेकिन अगर इन आसनों से भी आपको कोई आराम नहीं मिलता है तो ऐसे में आप अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

1 –  हरे खीरे को कद्दूकस कर के उसके रस को एक बाउल में निकाल ले , और इस रस को अपने चेहरे पर लगभग एक घंटे तक लगा कर रखे फिर साफ पानी से चेहरे को धो ले इससे पिम्पल्स न केवल साफ होगा बल्कि पिम्पल्स होना भी कम हो जायेगा.

शहद इस्तेमाल करें: शहद से ना सिर्फ मुँहासे साफ़ होंगे बल्कि जो लाल दाग पीछे रह जाते हैं, वे भी साफ़ हो जाएंगे | शहद में मौजूदा एंटी-बैक्टीरियल गुण से त्वचा कोमल और सूजन मुक्त बनेगी | किसी भी क्यू-टिप से इसे सीधे निशानों पर लगाया जा सकता है |

दूध चेहरे की रंगत बढ़ाता है, दूध मे लॅकटिक अम्ल होता है जो त्वचा को कोमल और सुंदर बनाता है। इसके लिए कच्चे दूध का उपयोग करे। दूध मे रूई भिगोकर पूरे चेहरे पर लगाए फिर 15 मिनिट के बाद गर्म पानी से धो ले,रोज सुबह इस विधि का उपयोग करे।

त्वचा के चकत्ते का इलाज – (Freckles)- त्वचा पर जहाँ कहीं भी चकते हों, उन पर नींबू का टुकड़ा मसले। नींबू में फिटकरी का पाउडर भरकर धीरे धीरे लगाये। इससे चकते हल्के होते हैं और त्वचा में निखार आ जाता है। इसके अलावा हाथ धोकर नींबू का रस रगड़ने से हाथ नरम हो जाते हैं और नाखून सुंदर हो जाते है|

एक ह्यूमिडीफ़ायर (humidifier) का प्रयोग करें: अपनी हवा में नमी का स्तर बढ़ाने से आपके शरीर की बलगम पतली हो जाएगी और आसानी से संभाली जाएगी। जब भी आप घर पर हों और खासकर रात में सोेते समय, तब एक ह्यूमिडीफ़ायर को चलाए रखें। बलगम से और दम लगाकर लड़ने के लिए पानी में युकलिप्टुस का तेल डालें।

–> कील मुहाँसे का इलाज करने में जो सबसे असरकारक घरेलू फेस पैक (Homemade Face Pack) है उसे बनाने के लिए आपको बस इतना करना है कि दो चम्मच खीरे का रस, दो चम्मच गुलाबजल, एक चम्मच ब्रांडी, एक चम्मच अंडे की सफेदी और थोड़ा सा नीबू का रस आपस में मिलाकर लोशन तैयार कीजिए | इस लोशन को धीरे – धीरे मलते हुए चेहरे पर लगाइए और सूखने के उपरान्त गुनगुने पानी से धो लीजिए | इस उपाय को करने से न सिर्फ कील – मुंहासा दूर होते है बल्कि कील मुहासे के दाग – धब्बों से भी छुटकारा मिलता है | 

पपीता विरोधी ऑक्सीडेंट्स और एंजाइमों में समृद्ध है, जो कि बैंपिरिया पर दाना पैदा करने के लिए काम करते हैं। प्रभावित क्षेत्र पर कच्ची पपीता के एक ताज़ा तैयार पेस्ट का उपयोग करें। इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और कुल्ला बंद करें।

One thought on ““12 घंटे में मुँहासे से छुटकारा पाने -मुँहासे के लिए हर्बल उपचार””

  1. फुंसियों का हमारे फेस पर होने का सबसे बड़ा कारण गंदे हाथो को face पर बार – बार लगाना भी है. हाथो में जीवाणु और बैक्टीरिया होते हैं इसलिए कभी भी दिन में अपनी त्वचा को हाथो से ना छुए. जब भी अपने चेहरे पर हाथ Touch करना हो तो उन्हें पहले अच्छी तरह धो ले.
    आज के समय में बहुत से लड़के – लड़कियां एक बात से बहुत परेशान होते है और वह है चेहरे पर कील – मुंहासो का होना. किसी के भी चेहरे पर दाग – धब्बे अच्छे नहीं लगते और इससे एक खुबसूरत चेहरा भी बदसूरत नजर आने लग जाता है.
    डॉक्टरी पर्चे के बगैर, त्वचा के धब्बों को कम करने वाली क्रीम का उपयोग करें: इन क्रीम में कोजिक एसिड, अर्बुटिन, मलबरी (mulberry) का रस, लीकोरिस (licorice) का रस और विटामिन सी पाए जाते हैं | इससे त्वचा को बिना जलन या नुकसान पहुंचाए, दाग, धब्बे फीके पड़ जाते है |[४]
    दाग धब्बों को खुरचने से बचें: खुरचना आपकी त्वचा को ठीक करने की बजाए और ज्यादा खराब कर सकती है | आपके हाथों के बैक्टीरिया खुरचे हुए मुँहासों में मिलकर, आपकी त्वचा को संक्रमित करके सूजा सकती है | इसलिए, हमेशा खुरचने से बचें |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *