“40 दिनों के बाद मुँहासे से छुटकारा कैसे करें -क्या मुँहासे को दूर कर सकते हैं”

नमक में मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के कारण यह कैविटी के इलाज के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। यह दर्द और सूजन को कम करने, किसी भी प्रकार के संक्रमण और मुंह में बैक्‍टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करता है। इसके लिए एक चम्‍मच नमक को गर्म पानी में मिला लें। फिर इस पानी को मुंह में कुल्‍ला करें। समस्‍या के दूर होने तक इस उपाय को दिन में तीन बार करें। इसके अलावा, आधा चम्‍मच नमक, थोड़ा सा सरसों का तेल और नींबू का रस मिलाकर पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट से कुछ मिनटों तक मसूड़ों पर मसाज करें। बैक्‍टीरिया को मारने के लिए इस उपाय को कुछ दिन तक दिन में दो बार करें।

कील मुंहासे हाथ से फोड़ने पर इसके दाग धब्बे त्वचा पर रह जाते है। पिम्पल्स के दाग और निशान हटाने के लिए पुदीने को पीस कर एक पेस्ट बना ले और चेहरे पर लगाए। एक महीने तक इस उपाय को करने से चेहरा सुंदर और साफ़ होता है।

नींबू में विटामिन सी होता है और फीटोनुट्रिएंट्स जिन्हें फ्लेवनॉइड्स कहते हैं जिनमें मजबूत एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक असर होता है। शरीर के भीतर हो रहीं उपापचयी (मेटाबॉलिक) प्रतिक्रियाओं के दौरान उत्पन्न हुए मुक्त कण, शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं (सेल्स) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नींबू में एंटीऑक्सीडेंट इन मुक्त कण की कार्रवाई को प्रतिबंधित करते हैं और नींबू का रस मुँहासों के लिए एक शानदार उपाय है।

3 चम्‍मच दलिये को थोड़ा पानी लेकर पकाएँ। अब इसमें 4 चम्‍मच शहद डाल दें। अब इस मिश्रण को ठंडा होने दें। ठंडा होने के पश्चात इसको अपनी पीठ पर फैला कर लगा दें। इसको कम से कम 15 से 20 तक लगा रहने दें। फिर इसको गुनगुने पानी से धो दीजिए। इस देसी इलाज को रोज़ाना ही दोहराएँ।

योगासन आपके बालों के बढ़ने में अहम भूमिका निभाते है साथ ही ये आपका ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक करते है इस योगासन को आप कभी भी कर सकते है, रात को सोने से पहले भी लेकिन योग के साथ आपको अपने बालों का ख्याल भी रखना होगा उनकी जड़ो को सही सलामत रखें ताकि बालों का झड़ना कम हो सके।

शहद इस्तेमाल करें: शहद से ना सिर्फ मुँहासे साफ़ होंगे बल्कि जो लाल दाग पीछे रह जाते हैं, वे भी साफ़ हो जाएंगे | शहद में मौजूदा एंटी-बैक्टीरियल गुण से त्वचा कोमल और सूजन मुक्त बनेगी | किसी भी क्यू-टिप से इसे सीधे निशानों पर लगाया जा सकता है |

एक्‍ने त्‍वचा की समस्‍या है, इसके उपचार के लिए आयुर्वेद अपनाना फायदेमंद है। आयुर्वेद में कुछ ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स हैं जिनके उपयोग से एक्ने की समस्या से आसानी से निजात पाई जा सकती हैं। आइए जानें एक्ने के आयुर्वेदिक उपचार के बारे में।

समुद्री नमक के इलाज से वास्तव में आपको मुँहासे से मुक्ति सकती है। जिन जिन लोगों ने पीठ के मुँहासे के इलाज के लिए इस उपाय का इस्तेमाल किया है, उन्होनें इसके तुरंत और प्रभावी समाधान की हमेशा प्रशंसा की है।

धूप में कुछ नीम के पत्ते सुखाकर पीस लें। इस पाउडर को, हल्दी पाउडर और गुलाब जल में मिलाकर एक पेस्ट बनाएं और दानों पर लगाकर २० मिनट बाद धो लें। नीम के पाउडर की जगह आप चन्दन के पाउडर का भी प्रयोग कर सकते हैं जो मुँहासों को कम करने के लिए अच्छा उपाय है।

Neem is the king of all antiinflammation and antibacterial herbs. For its usage you can make a paste of neem leaves powder, multani mitti(Fuller’s Earth) and rose water and mix it thoroughly. All the ingredients have their own benefits, but their mixture works superficially. Apply this paste on to the pimple and leave it till it dries. Clean it off with cotton gently. You will feel a reduced size of pimple.This is one of the most effective methods.

जब भी आपको अपने घर से बाहर किसी काम के लिए जाना होता है तो उसके बाद जब आप घर आते हो तो तब आप अपना मुँह अवश्य धो ले. बाहर के प्रदूषण से आपके चेहरे पर धूल – मिटटी जम जाती है. जो हमारे फेस को नुकसान पहुँचा देता है. आगे से इस बात का ख्याल जरुर रखे.

एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं और रोज़ रात को सोने से पहले इसे पी लें। यह हार्मोन संतुलन में मदद करेगा, जो त्वचा में अतिरिक्त तेल के उत्पादन को नियंत्रित करेगा। (और पढ़ें – हार्मोन्स का महत्व महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए)

मुँह में दुर्गन्ध पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों से बचें:आप शायद पहले से ही जानते हैं कि प्याज, लहसुन, पनीर, और कॉफी (या उन्हें खाने के बाद कम से कम अच्छे से ब्रश करें) जैसे बदबूदार खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।[५]

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