“zits से छुटकारा पाने के लिए आसान तरीके |आप मुँहासे”

माइक्रोडर्माब्रेशन (microdermabrasion) या रासायनिक पील के बारे में भी विचार करें: यह प्रक्रिया रातों रात आपके दाग को ठीक नहीं करेगी, क्योंकि ये काफी कठोर होते हैं और त्वचा को ठीक होने में वक़्त लगता है | लेकिन, अगर कोई भी क्रीम आपके काम नहीं आ रही है और आपको सामान्य त्वचा चाहिए, तो आप इसे करवाने के बारे में सोच सकते हैं |

A) पंप या मुँहासे का कारण बनता है जब त्वचा ग्रंथियों के उत्पादन सेबम (त्वचा के तेल) के छिद्र भरा हो जाता है और इस प्रकार सेबम बच नहीं सकते वे हार्मोनल परिवर्तन, तनाव, पसीना, अत्यधिक नमी और स्टेरॉयड के उपयोग सहित कई कारकों से शुरू हो रहे हैं।

दाल और आलू का पेस्ट : इस बेहतरीन आयुर्वेदिक नुस्खे से आप मूछ के सफेद बालों से छुटकारा पा सकते है आलू और दाल से बना पेस्ट मूछ के सफेद बाल को हटाने में बहुत मदद आता है आलू में ब्लीचिंग के प्राकृतिक गुण होने के कारण आलू को दाल के साथ मिलाकर दाढ़ी व् मूछो का प्राकृतिक रंग वापिस आ जाता है।

5: 1 के अनुपात में जल के साथ ओर्गनिक बेकिंग सोडा मिक्स करें। यह एक गाढ़े पेस्ट के रूप में होना चाहिए। इस पेस्ट को मुँहासो के निशानों पर लगा कर रखें, जब तक यह पेस्ट सूख नहीं जाता है। उसके बाद इस पेस्ट को गुनगुने पानी से धो लें। इसे सप्ताह में तीन बार दोहराएँ जब तक आपको परिणाम ना दिख जाए।

पिम्पल्स ऑयली त्वचा पर अधिक निकलते है, पिम्पल्स हटाने के घरेलू नुस्खे आप ऊपर पढ़ सकते है और ऑयली स्किन के उपाय आप यहां पढ़े :: http://hindi.kyakyukaise.com/face-beauty-tips-oily-dry-skin-ka-ilaj-gharelu-upay-nuskhe/

ऑयली त्वचा पर निम्बू रगड़ने से त्वचा की चिकनाई दूर होती है और पिम्पल्स भी साफ़ होते है। शहद को नींबू में मिला कर पेस्ट बनाए और फेस पर लगाए और 15 – 20 मिनट के बाद धो ले। इस नुस्खे से चेहरे में निखार आता है और पिम्पल ठीक होते है।

बर्फ की ठंडक पिम्पल के समय होने वाली सूजन और लालिमा को कम करती है। इसके साथ उस जगह पर खून का दौरा बेहतर बनके मुहासे जल्दी ठीक करने में मदद करता है। एक कपडे में बर्फ के टुकड़े रख कर उसे चेहरे पर पिम्पल वाली जगह पर रखे और हटाए।

दूध एक बहुत अच्छा तेल मुक्त क्लीन्ज़र है, जो तेलीय त्वचा को नरम और कोमल बनाता है। दूध में भी अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड होता है जो त्वचा की मृत कोशिकाएं हटाता है और त्वचा का प्राकृतिक पीएच संतुलन बनाए रखता है। (और पढ़ें – चेहरे पर कच्चे दूध लगाने के फायदे)

बर्फ के क्यूब्स आपके गले पर बुरा प्रभाव दाल सकते हैं | यह आपके tonsils को प्रभावित करता है और ठंड और खांसी पैदा कर सकती है | tonsillitis से पीड़ित लोगों को वास्तव में बर्फ़ क्यूब्स से दूर रहना चाहिए | भले ही ice cube आपके गले को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं, लेकिन बर्फ के टुकड़े  लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकती हैं | आप इससे फायदा प्राप्त करने के लिए अपने चहेर पर लागू कर सकते हैं | चेहरे पर बर्फ लगाने के लाभ कई हैं | अपने daily beauty regime में बर्फ के क्यूब्स को शामिल करना एक बहुत अच्छा विचार हो सकता है | चेहरे पर बर्फ लगाने के लाभ कई हैं जो की निम्नलिखित हैं |

सबसे पहले तो आप ये जाने की ये पिम्पल्स और दाने चेहरे पर क्यों निकल रहे है, क्या आपने कोई मेकअप या क्रीम लगायी जो आपकी स्किन को सूट नहीं कर रही, अगर ऐसा है तो ऐसी क्रीम फिर से प्रयोग करने से बचे ताकि पिम्पल्स की समस्या से बचा जा सके. पिम्पल्स ठीक करने के लिए घरेलू उपाय व अन्य तरीके ऊपर लेख में पढ़े.

वैसे तो सभी लोग अपने चेहरे से कील मुंहासे, झुर्रियां और काले दाग धब्बे हटा कर साफ और  सुंदर दिखना चाहते है. इसके लिए चंदन भी एक बेस्ट उपाय है. और इसकी बहुत से क्रीम भी आती है. लेकिन अगर आप दुध और हल्दी पाउडर और चंदन के साथ मिलकर अपने चेहरे पर लगते है. तो आप चेहरे से मुहासों को दूर कर सकते है.

The information Provided in this video is based out of various Ayurvedic & Natural Medicare books. If you have or suspect that you have a health problem, contact your personal health care Provider / Doctor.

वास्तव में, दालचीनी का अधिक मात्रा में सेवन से स्वस्थ को खतरा हो सकता है और आपके लिवर को नुकसान पहुंच सकता है। दालचीनी या उसका तेल का अधिक उपयोग समय से पूर्व दर्द को उत्पन्न कर सकता है या फिर गर्भाशय के संकुचन को भी प्रेरित कर सकता है।

एक अंडे के सफेद भाग फेटें फिर उसमें आधे नींबू का रस डालें और अच्छी तरह से मिलाएं। इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं। इसे 15 मिनट के लिए सूखने दें और फिर गर्म पानी से धो लें। यह त्वचा में कसाव लाता है और अतिरिक्त तेल को सोखता है।

त्वचा के छिद्र भर जाने पर सूजन आ जाती है और उस छिद्र में बैक्टीरिया के कारण पस भर जाती है इस को पिम्पल्स कहते हैं तले हुए, मसालेदार आहार को कम मात्रा में खाएँ भरपूर नींद लें पानी अधिक मात्रा में लें चेहरे को बार बार धोएँ फल और सब्जी ज़ायेदा खाएँ साबुन की जगह बेसन के उबटन से मुँह धोएँ

चेहरा कितना भी खूबसूरत क्‍यों ना हो अगर उसपर एक छोटा सा भी मुहांसा हो जाए तो वह पूरे चेहरे की सुंदरता को तार तार कर देता है। फिर आप जितना भी मेकप लगाकर उसे छुपाने की कोशिश करें वह बेकार ही जाता है। इसके लिए जरुरी है क‍ि आप अपने खाने-पीने पर और त्‍वचा की साफ सफाई का पूरा ध्‍यान दें।

नींबू के अम्लीय गुण मुँहासे के उपचार में बहुत उपयोगी हो सकते हैं। नींबू गंदगी को साफ कर बाहर करता है, जो रोम छिद्र में जमा हो जाती है। आप दैनिक रूप से अपनी त्वचा पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अगर यह त्वचा को अधिक शुष्क कर रहा है तो हर दो या तीन दिन में उपयोग करें।

वहाँ रहे हैं एक बार आप छालरोग उपचार खोजने का फैसला किया, लेकिन केवल डॉक्टर कि चुना छालरोग उपचार दवा की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कर सकते हैं विकल्प की एक बहुत कुछ के अनुरूप होगा आप व्यक्तिगत रूप से। सोरायसिस के उपचार कोई साइड इफेक्ट नहीं होना चाहिए।

मुलैठी त्वचा से मेलेनिन दूर करने की अपनी खूबी की वजह से जानी जाती है। मुलैठी की जडें किसी भी काले धब्बे को दूर करने में काफी कारगर साबित होती हैं। मुलैठी की जड़ों का एक पेस्ट तैयार करें और इसमें शहद की कुछ बूँदें मिश्रित करें। इस पेस्ट को चेहरे के काले धब्बों पर लगाएं और 15 मिनट रखने के बाद पानी से धो लें। रोजाना इस विधि का प्रयोग करने पर आपको 1 से 2 हफ़्तों में अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे। चेहरे पर मुलैठी का प्रयोग करने से पहले एक पैच टेस्ट (patch test) करवा लें।

क्या आप foundation के तहत एक primer का उपयोग करते हैं? अगली बार, मेकअप लागू करने से पहले अपने चेहरे पर एक बर्फ के टुकडे से massage करे | यह trick आपकी त्वचा को एक चिकनी कैनवास में बदल सकता है! यह अस्थायी रूप से pores को कम कर देता है और मेकअप को flawless दिखने में मदद करता है ।

hello sir mere face par forehead or bade bade or chin par chote 2 kaafi pimples ho gye h wo bhi meri engagement ke bad facial bhi kraya tha tab par ab wo kam nhi ho rhe plz koi upay btaye jisse jaldi unhe dur Kiya ja sake

Dalchini में कौमारिन नाम का एक यौगिक पाया जाता है जिसमें रक्त को पतला करने वाले गुण होते हैं। इससे पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेसन में सुधार आता है। हालांकि, यह ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि बहुत अधिक कौमारिन लिवर की कार्यशीलता पर प्रभाव डाल सकता है और उसे क्षति भी पहुंचा सकता है। इसलिए दालचीनी का उपयोग कम मात्रा में करना उत्कृष्ट माना जाता है।

मेरे चेहरे पर बहुत सारे पिंपल्ज़ हैं यह बीच बीच में ठीक भी हो जाते हैं लेकिन फिर से वापस भी आ जाते हैं यदि मैं भाप वाला फार्मूला पर्योग करूँ तो क्या यह पिंपल्ज़ हमेशा के लिए ठीक हो सकते हैं? प्लीज़ रेप्लाई सर

शुगर फ्री गम या मिंट का इस्तेमाल करें: की तरह ही, शुगर फ्री गम या मिंट भी आपके मुंह में लार (सलाइवा) तैयार करने में और हानिकारक बैक्टीरिया को बाहर निकालने में आपकी मदद करते है। शुगर फ्री गम या मिंट आपकी दुर्गन्धयुक्त सांस को कुछ समय के लिए छुपा भी सकते हैं।[५]

माथे पर चमड़े के नीचे और छोटे pimples पैदा कर सकते हैंबस अनुचित देखभाल के परिणामस्वरूप किसी भी मामले में आपको छोटे प्रदाहों को निचोड़ना चाहिए, जैसे कि रोगाणुओं, पड़ोसी छिद्रों में पड़ना, केवल माथे पर चिड़ियों की संख्या में वृद्धि होगी

If u have oily skin.. wash ur face only with water ….when oil comes on ur face.. n on pimple u can apply clindamycin phosphate 1% in a day . Or in night u should apply aziderm acid cream so that ur marks on face removes.. one tablet of vitamin c in a day.. in 10 days u see pimples gone.. marks gone . After u wash ur face with himalaya neem face wash .

एक चम्मच प्याज का रस, एक चम्मच अदरक का रस, आधा चम्मच सिरका इन तीनो को मिला ले और दाग पर लगा कर कुछ मिनिट तक मालिश करे फिर 20 मिनिट के बाद ठंडा पानी ले कर धो ले। यह बहुत सरल और उपयोगी है। प्याज मे गंधक (सल्फर), विटामिन और अदरक मे आलीसिन नामक पदार्थ होता है जो त्वचा को कोमल बनाती है और त्वचा से कीटाणु को निकाल देती है।

ऑयल पुलिंग बहुत ही पुराना नुस्‍खा है जो कैविटी को कम करने के साथ-साथ मसूढ़ों से खून बहना और सांस की बदबू को भी दूर करता है। साथ ही यह दंत समस्याओं के विभिन्न प्रकारों के लिए जिम्मेदार हानिकारक बैक्‍टीरिया को मुंह से साफ करने में मदद करता है। इसके लिए तिल के तेल की एक चम्‍मच को मुंह में रखें। फिर इससे 20 मिनट तक मुंह में रखकर थूक दें। लेकिन इसे निगलने से बचें। फिर अपने मुंह को गुनगुने पानी से धो लें। रोगाणुरोधी लाभ पाने के लिए नमक के पानी का प्रयोग करें। फिर हमेशा की तरह अपने दांतों को ब्रश करें। इस उपाय को रोजाना सुबह खाली पेट करें। यह उपाय सूरजमुखी या नारियल के तेल के साथ भी किया जा सकता है।

क्या आपको याद है आपकी दादी आपके घावों पर हल्दी छिड़कने के लिए कहती थीं? खैर, चिकित्सा शोधकर्ताओं ने अब पता किया है कि हल्दी में ऐसी सामग्री शामिल होती हैं जो उसे एक शक्तिशाली रोगाणुरोधी बनाती हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि भारत में महिलाओं ने अब तक अपनी त्वचा को स्वस्थ और दमकती रखने के लिए हल्दी के उबटन का उपयोग किया है। आप सीधे त्वचा पर हल्दी का पेस्ट लगा सकते हैं, गर्म दूध के साथ लेने से भी आप साफ़ त्वचा पा सकते हैं।

शरीर में जल का स्तर का संतुलन ही सिर्फ सांसों की ताजगी को बनाए रखा जा सकता है। जब हमारे शरीर में जल का स्तर कम हो जाता है तो मुंह में लार का बनना कम हो जाता है। जिससे सांसों में बदबू पनपती है। विटामिन सी- संतरा, निंबू या सभी खट्टे रस वाले फलों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, ये सांसों की बदबू दूर करने में मददगार हैं। विटामिन सी को जीवाणुओं से लड़ने वाले पदार्थ के रूप में जाना जाता है।

भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

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